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आंदोलन टला पर BJP सरकार के लिए जाट आरक्षण बना चुनौती
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:25 PM IST
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में पिछले 16 दिन से चला रहा जाटों का आंदोनल तो खत्म हो गया, लेकिन जाट आरक्षण सरकार के लिए अभी भी चुनौती बना हुआ है। धरना प्रदर्शन 31 अगस्त तक स्थगित कर दिए जाने से प्रदेश सरकार ने राहत की सांस ली है, लेकिन सरकार के लिए अब सबसे बड़ी प्राथमिकता पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण के फैसले पर लगाई गई अंतरिम रोक को हटवाना है।
हाईकोर्ट में सोमवार को इस मुद्दे पर सुनवाई होनी है। राज्य सरकार पहले ही रोक हटाए जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अरजी दाखिल कर चुकी है, जिस पर सोमवार को मुख्य मामले के साथ ही सुनवाई भी होनी है।
हरियाणा सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र के दौरान ही जाटों समेत छह जातियों को नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण देने संबंधी विधेयक पारित कर दिया था। लेकिन इस पर अमल शुरू हो पाता, उससे पहले ही मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया और हाईकोर्ट ने आरक्षण दिए जाने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। इन दिनों हाईकोर्ट में अवकाश बेंच इस मामले की सुनवाई कर रहा है।
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हाईकोर्ट में सोमवार को इस मुद्दे पर सुनवाई होनी है। राज्य सरकार पहले ही रोक हटाए जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अरजी दाखिल कर चुकी है, जिस पर सोमवार को मुख्य मामले के साथ ही सुनवाई भी होनी है।
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हरियाणा सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र के दौरान ही जाटों समेत छह जातियों को नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण देने संबंधी विधेयक पारित कर दिया था। लेकिन इस पर अमल शुरू हो पाता, उससे पहले ही मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया और हाईकोर्ट ने आरक्षण दिए जाने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। इन दिनों हाईकोर्ट में अवकाश बेंच इस मामले की सुनवाई कर रहा है।
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सिख और मुस्लिम जाटों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
जाट आरक्षण के लिए विरोध
- फोटो : amar ujala
एक ओर जहां आरक्षण के खिलाफ याचिकाएं दायर की गई हैं, वहीं जाट नेता हवा सिंह सांगवान, हरियाणा सरकार व अन्य आरक्षण के पक्ष में हाईकोर्ट पहुंचे हैं। इस बीच जाटों के साथ आरक्षण लाभ पाने वाले सिख जाट और मुस्लिम जाटों ने भी इस मामले में पार्टी बनने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
एक अन्य याचिका, प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा से हुए नुकसान और आंदोलन के निपटने के लिए तैनात सुरक्षा बलों पर हो रहे दैनिक खर्च की भरपाई जाट नेताओं से करने की मांग की भी है। हाईकोर्ट इन सभी याचिकाओं की एकसाथ सुनवाई कर रहा है। आरक्षण पर लगी रोक हटवाने के लिए हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल की अरजी के जरिए इस बात पर जोर दिया है कि आरक्षण पर रोक लगने से प्रदेश में नौकरियों के लिए शुरू की गए भरतियों और नए शैक्षिक सत्र में आरक्षित वर्ग के युवाओं के दाखिले में देरी हो रही है।
उधर, हाईकोर्ट ने जिस याचिका पर सुनवाई करते हुए आरक्षण पर रोक लगाई है, उसमें कहा गया है कि प्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग की उसी रिपोर्ट के आधार पर जाटों व पांच जातियों को आरक्षण दिया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट खारिज करते हुए जाटों को आरक्षण का पूर्व फैसला रद कर चुका है। जाहिर है, हरियाणा सरकार को आरक्षण पर लगी रोक हटवाने के लिए इसी सवाल का जवाब ढूंढना होगा।
एक अन्य याचिका, प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा से हुए नुकसान और आंदोलन के निपटने के लिए तैनात सुरक्षा बलों पर हो रहे दैनिक खर्च की भरपाई जाट नेताओं से करने की मांग की भी है। हाईकोर्ट इन सभी याचिकाओं की एकसाथ सुनवाई कर रहा है। आरक्षण पर लगी रोक हटवाने के लिए हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल की अरजी के जरिए इस बात पर जोर दिया है कि आरक्षण पर रोक लगने से प्रदेश में नौकरियों के लिए शुरू की गए भरतियों और नए शैक्षिक सत्र में आरक्षित वर्ग के युवाओं के दाखिले में देरी हो रही है।
उधर, हाईकोर्ट ने जिस याचिका पर सुनवाई करते हुए आरक्षण पर रोक लगाई है, उसमें कहा गया है कि प्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग की उसी रिपोर्ट के आधार पर जाटों व पांच जातियों को आरक्षण दिया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट खारिज करते हुए जाटों को आरक्षण का पूर्व फैसला रद कर चुका है। जाहिर है, हरियाणा सरकार को आरक्षण पर लगी रोक हटवाने के लिए इसी सवाल का जवाब ढूंढना होगा।