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जाटों का ऐलान, निर्दोषों को रिहा नहीं किया तो एक मई को भरेंगे जेलें
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 28 Apr 2016 03:18 PM IST
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जाट आरक्षण के लिए आंदोलन
- फोटो : amar ujala
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल ओपी सिन्धु ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार अपने वायदे से मुकर रही है। उन्होंने कहा कि जाट आंदोलन की आड़ में निर्दोष युवाओं को गिरफ्तार किया जा रहा है, जिससे जाट समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चेतावनी देते हुए कर्नल ने कहा कि यदि एक सप्ताह में युवाओं को रिहा नहीं किया गया तो एक मई से जाट समाज प्रदेश भर में जेल भरो आंदोलन चलाएगा।
रविवार को शहर के एक रिजॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल ओपी सिन्धु ने कहा कि निजी एवं सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जाटों को उकसाने का काम कर रही थी और आज भी कर रही है। जिस कारण जाट आरक्षण आंदोलन उग्र हुआ। एक तरफ सरकार ने मृतकों को मुआवजा और सरकारी नौकरी का वायदा पूरा नहीं किया, दूसरी तरफ निर्दोषों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
कर्नल ने कहा कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से करानी चाहिए। उन्होंने लगाया कि सरकार अपने ही अफसरों से जांच कराकर मामले को अपने पक्ष में बनाने में लगी है। उन्होंने सांसद राजकुमार सैनी तथा पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य पर भी निशाना साधा। कहा कि इनके खिलाफ भी राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इस मौके पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कमांडर दलीप सिंह, शमशेर सिंह सिन्धु, ताजबीर सिंह धनखड़, नवीन देशवाल, फतेह सिंह दलाल, देवराज नांदल, आनंद नंबरदार और सुनील आदि मौजूद रहे।
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रविवार को शहर के एक रिजॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल ओपी सिन्धु ने कहा कि निजी एवं सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जाटों को उकसाने का काम कर रही थी और आज भी कर रही है। जिस कारण जाट आरक्षण आंदोलन उग्र हुआ। एक तरफ सरकार ने मृतकों को मुआवजा और सरकारी नौकरी का वायदा पूरा नहीं किया, दूसरी तरफ निर्दोषों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
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कर्नल ने कहा कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से करानी चाहिए। उन्होंने लगाया कि सरकार अपने ही अफसरों से जांच कराकर मामले को अपने पक्ष में बनाने में लगी है। उन्होंने सांसद राजकुमार सैनी तथा पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य पर भी निशाना साधा। कहा कि इनके खिलाफ भी राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इस मौके पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कमांडर दलीप सिंह, शमशेर सिंह सिन्धु, ताजबीर सिंह धनखड़, नवीन देशवाल, फतेह सिंह दलाल, देवराज नांदल, आनंद नंबरदार और सुनील आदि मौजूद रहे।
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