हरियाणा: दंगे कराने के आरोप में कांग्रेस नेता पर FIR
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जाट आंदोलन के दौरान वायरल हुए ऑडियो को लेकर प्रदेश सरकार ने आज दंगा कराने की साजिश रचने के आरोप में प्रो वीरेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। यह एफआईआर रोहतक में दर्ज की गई है।
वीरेंद्र सिंह के ऑडियो में उन्हें सिरसा क्षेत्र में इनेलो और इनसो के वर्कर्स की मदद से 'कुछ' करवाने के लिए उकसाते हुए सुना गया है। यह ऑडियो सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश के मंत्रियों ने भी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
दो दिन की बयानबाजी के बाद बुधवार को आखिरकार सरकार हरकत में आई और वीरेंद्र सिंह पर एफआईआर दर्ज कर दी। मंगलवार को ही रोहतक पहुंचे मुख्यमंत्री ने भी दंगा भड़काने की साजिश रचने वालों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए थे।
कार्रवाई को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे थे मंत्री
मामले को लेकर मंगलवार को प्रदेश के गृह सचिव पीके दास ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया कि प्रो. वीरेंद्र सिंह का एक आडियो संज्ञान में आया है। उन्होंने ने भी यह आडियो सुना है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति हो, अगर हिंसा फैलाने में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जाएगी। प्रो. वीरेंद्र के आडियो से यह साफ हो गया है कि आंदोलन किसी आरक्षण की मांग के लिए नहीं कराया गया बल्कि प्रदेश में अराजकता फैलाने के लिए कराया गया था।
उधर, प्रदेश के राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने आरोप लगाया है कि जाट आंदोलन के पीछे प्रो. वीरेंद्र और उनकी पूरी टीम ने प्लांनिग की थी। उन्होंने कहा कि सरकार उपद्रव और हिंसा से प्रभावित हुए व्यापारियों के नुकसान की पूरी भरपाई करेगी और प्रदेश में भाईचारे को कायम रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
हालांकि प्रो. वीरेंद्र ने इस आडियो क्लिप को अधूरा बताते हुए इसे सच्चाई से परे करार दिया था, वहीं कांग्रेस ने अपनी स्थिति साफ करने का प्रयास करते हुए आरोप लगाया कि यह आडियो ऐसे वक्त जारी किया गया है, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा दिल्ली में जंतर-मंतर पर शांति बहाली के लिए बैठे हैं। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से मांग की कि आडियो किस तारीख का है और पूरा आडियो क्या है? सरकार इसकी जानकारी दे।