जाट नेता हुए आक्रामक, 5 जून से अनिश्चितकालीन धरना
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केंद्र में जाट आरक्षण की मांग को लेकर जाट नेता एक बार फिर से आक्रामक रूप में नजर आ रहे हैं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रविवार को हांसी के जाट धर्मशाला में बैठक आयोजित की। बैठक में समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर प्रदेश में जिला स्तर पर पांच जून को विभिन्न जगहों पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। हिसार में इसकी शुरुआत मय्यड़ गांव में नेशनल हाईवे 10 के समीप धरना देकर की जाएगी। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन ने धरने से पहले गिरफ्तारी के आदेश दिए तो समिति उसी दिन से ही आंदोलन शुरू कर देगी।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार जाटों को बदनाम करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने उनसे वादा किया था कि सरकार गिरफ्तार किए गए निर्दोष जाट लोगों को छोड़े देगी और पीड़ित जाटों को मुआवजा, मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देगी, लेकिन अभी तक सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया है। बल्कि प्रकाश सिंह जांच कमेटी ने भी रिपोर्ट में जाटों के खिलाफ ही कार्रवाई की है। रिपोर्ट में 90 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है, जिनमें से 90 प्रतिशत अधिकारी जाट नेता है।
जाट नेताओं ने कहा कि उनकी मांग है कि प्रदेश सरकार जाटों को आरक्षण देने के लिए नौवीं सूची में शामिल करने की बात लिखकर केंद्र सरकार को दे, ताकि संसद में जाटों को आरक्षण देने का बिल पास हो सके। उन्होंने कहा कि पुलिस ने फतेहाबाद में जाट आरक्षण को लेकर आंदोलन करने के रूप में गिरफ्तार किया था, जिसकी पेशी 17 मई को है। उन्होंने कहा कि अगर इस दौरान नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो संघर्ष समिति आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएगी। इस अवसर पर जिला प्रधान कृष्ण किरमारा, देवी प्रसन्न दहिया, सतबीर सिंह, दिलबाग आदि जाट नेताओं ने संबोधित किया।