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जाट आंदोलन: मृतकों के आश्रितों को एक महीने में मिलेगी पक्की नौकरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 12 May 2017 09:09 AM IST
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Jat Reservation movement
- फोटो : File Photo
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हरियाणा सरकार बीते साल जाट आंदोलन केदौरान हिंसा में मारे गए निर्दोष लोगों के आश्रितों को एक महीने में पक्की नौकरी दे देगी। सरकार के पास 31 मृतकों के आश्रितों में से तीस ने नौकरी के लिए आवेदन किया है। इन्हें सरकारी नौकरी देने के लिए सरकार ने वीरवार को तीस मई तक की डेडलाइन तय कर दी।
इससे पहले सभी को घर के पास पसंद के स्टेशन पर ज्वाइन करा दिया जाएगा। अभी तक सरकार दो आश्रितों को नौकरी दे चुकी है। इनमें से एक को मुरथल यूनिवर्सिटी और दूसरे को फतेहाबाद नगर पालिका में ज्वाइन कराया गया है। फतेहाबाद में मृतक की आश्रित पत्नी को नौकरी दी गई है। उसने बच्चे छोटे होने के कारण सरकार से मायके के पास नौकरी देने का आग्रह किया था, जिसे मानते हुए सरकार ने बीते सप्ताह नियुक्ति दे दी है।
वीरवार को यहां हरियाणा निवास में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति की बैठक हुई। इसमें अभी तक आश्रितों को नौकरी देने और घायलों को मुआवजा प्रदान करने की समीक्षा की गई। बैठक में बेदी के साथ जाट समुदाय के प्रतिनिधि एडवोकेट एसएस खरब, सरकार की ओर से आईजी नवदीप सिंह विर्क और एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हुए।
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इससे पहले सभी को घर के पास पसंद के स्टेशन पर ज्वाइन करा दिया जाएगा। अभी तक सरकार दो आश्रितों को नौकरी दे चुकी है। इनमें से एक को मुरथल यूनिवर्सिटी और दूसरे को फतेहाबाद नगर पालिका में ज्वाइन कराया गया है। फतेहाबाद में मृतक की आश्रित पत्नी को नौकरी दी गई है। उसने बच्चे छोटे होने के कारण सरकार से मायके के पास नौकरी देने का आग्रह किया था, जिसे मानते हुए सरकार ने बीते सप्ताह नियुक्ति दे दी है।
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वीरवार को यहां हरियाणा निवास में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति की बैठक हुई। इसमें अभी तक आश्रितों को नौकरी देने और घायलों को मुआवजा प्रदान करने की समीक्षा की गई। बैठक में बेदी के साथ जाट समुदाय के प्रतिनिधि एडवोकेट एसएस खरब, सरकार की ओर से आईजी नवदीप सिंह विर्क और एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हुए।
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केस वापसी को लेकर समझौते पर कायम
होमवर्क पूरा अब नियुक्तियों की बारी : बेदी
राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि वीरवार को उनकी अध्यक्षता में चौथी बैठक हुई है। हर बैठक में आश्रितों को नौकरी और घायलों को मुआवजा देने की समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट सरकार को सौंप रहे हैं। सरकार ने नौकरी देने के लिए होमवर्क पूरा कर लिया है। अब नियुक्तियां देने का सिलसिला शुरू होगा। बीते वर्ष आंदोलन में 31 लोगों की जान गई थी। उनमें से तीस ने ही नौकरी मांगी है। 30 मई से पहले हर हाल में सभी को सरकारी विभागों में ज्वाइनिंग करा दी जाएगी।
अगली बैठक पहली जून को
बेदी समिति की अगली बैठक पहली जून को हरियाणा निवास में होगी। इसमें मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की समीक्षा की जाएगी। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि कोई घायल मुआवजा पाने से वंचित तो नहीं रह गया है। कृष्ण बेदी ने बताया कि सरकार ने आवेदन करने वाले सभी घायलों को मुआवजा दे दिया है। अब तक कोई रह गया है तो आवेदन कर सकता है, उस पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। सरकार के पास पर्याप्त बजट मुआवजा वितरण के लिए है।
केस वापसी को लेकर समझौते पर कायम
राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सरकार विरोधी ताकतें जाटों को दोबारा आंदोलन के लिए उकसा रही हैं। सरकार जाटों के साथ हुए समझौते को पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है। जहां तक केस वापसी का सवाल है तो सरकार जाटों के साथ हुए समझौते पर कायम है। जघन्य अपराध वाले केसों को लेकर सरकार ने कानूनी पहलू पहले ही जाट नेताओं के समक्ष स्पष्ट कर दिए हैं। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि वीरवार को उनकी अध्यक्षता में चौथी बैठक हुई है। हर बैठक में आश्रितों को नौकरी और घायलों को मुआवजा देने की समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट सरकार को सौंप रहे हैं। सरकार ने नौकरी देने के लिए होमवर्क पूरा कर लिया है। अब नियुक्तियां देने का सिलसिला शुरू होगा। बीते वर्ष आंदोलन में 31 लोगों की जान गई थी। उनमें से तीस ने ही नौकरी मांगी है। 30 मई से पहले हर हाल में सभी को सरकारी विभागों में ज्वाइनिंग करा दी जाएगी।
अगली बैठक पहली जून को
बेदी समिति की अगली बैठक पहली जून को हरियाणा निवास में होगी। इसमें मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की समीक्षा की जाएगी। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि कोई घायल मुआवजा पाने से वंचित तो नहीं रह गया है। कृष्ण बेदी ने बताया कि सरकार ने आवेदन करने वाले सभी घायलों को मुआवजा दे दिया है। अब तक कोई रह गया है तो आवेदन कर सकता है, उस पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। सरकार के पास पर्याप्त बजट मुआवजा वितरण के लिए है।
केस वापसी को लेकर समझौते पर कायम
राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सरकार विरोधी ताकतें जाटों को दोबारा आंदोलन के लिए उकसा रही हैं। सरकार जाटों के साथ हुए समझौते को पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है। जहां तक केस वापसी का सवाल है तो सरकार जाटों के साथ हुए समझौते पर कायम है। जघन्य अपराध वाले केसों को लेकर सरकार ने कानूनी पहलू पहले ही जाट नेताओं के समक्ष स्पष्ट कर दिए हैं। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।