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आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार जाट और सरकार, दिल्ली में युद्धस्तर की तैयारी

Sat, 18 Mar 2017 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 18 Mar 2017 11:10 PM IST
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Jat aandolan haryana, Police Preparation in Delhi
- फोटो : File Photo
अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के 20 मार्च को दिल्ली कूच के एलान से निपटने के लिए सरकार ने युद्धस्तर की तैयारी की है। 125 अर्द्धसैनिक बलों के साथ-साथ प्रदेश में सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रभावित जिलों में सेना की भी तैनाती होगी। उधर, समिति ने अपने फैसले में कोई बदलाव न करते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार की मध्यस्थता नहीं होती है, पूर्व निर्धारित दिल्ली कूच के लिए जाट आंदोलनकारी रवाना होंगे।
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समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि दिल्ली कूच के लिए पहले की तरह धरना स्थलों से लोग रवाना होंगे। अगर रास्ते में उन्हें रोक दिया जाता है तो वहीं पर धरने पर बैठ जाएंगे, लेकिन इस दौरान शांतिपूर्ण धरने होंगे।
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सीसीटीवी, ड्रोन से रखी जाएगी निगाह
जाटों के दिल्ली कूच के एलान के मद्देनजर सुरक्षा के लिए युद्धस्तर की तैयारियां की गई हैं। किसी भी हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए न केवल पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, सेना की तैनाती की जा रही है बल्कि उन पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी, ड्रोन का सहारा लिया जाएगा। इस दौरान हाईवे पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा बल हालात को नियंत्रित करने के लिए यहां मुस्तैद रहेंगे। रविवार को कुछ जगहों पर फ्लैग मार्च भी होंगे।
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सफर करने पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां होंगी इंपाउंड

Jat aandolan haryana, Police Preparation in Delhi
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन - फोटो : File Photo
सफर करने पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां होंगी इंपाउंड
प्रदेश के हिंसा की आशंका वाले जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इस दौरान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवारी करने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। अगर, किसी ट्रैक्टर ट्रॉली में सफर करते हुए कोई पाया गया तो वाहनों को इंपाउंड कर लिया जाएगा। खासकर दिल्ली सीमा में प्रवेश न कर सके, इसके लिए दिल्ली-एनसीआर में मुस्तैदी और बढ़ा दी गई है।

लगाई गई धारा-144
प्रदेश के हिंसा की आशंका वाले जिलों में धारा-144 लगा दी गई है, जबकि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ सख्ती से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है।

आधुनिक उपकरणों का होगा इस्तेमाल
दिल्ली कूच से निपटने की तैयारियां में जुटे अधिकारी दावा कर रहे हैं कि इस दौरान न हाईवे पर आवागमन रुकेगा और न ही ट्रेन सेवाएं प्रभावित होंगी। इसके लिए सुरक्षा बलों के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। सभी जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदेश के आला अधिकारियों के संपर्क में हैं। सरकारी संपत्तियों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए माकूल इंतजाम किए गए हैं। कैरियर लिंक्ड चैनल (सीएलसी) की सुरक्षा के लिए कर्मियों को मुस्तैद किया गया है।

Jat aandolan haryana, Police Preparation in Delhi
महिलाएं संभालेंगी धरने
समिति जिला अध्यक्ष कृष्ण किरमारा ने कहा कि सोमवार से महिलाएं धरनों की कमान संभालेंगी। अगर जाट समाज के लोगों को गिरफ्तार किया गया या किसी तरह की ज्यादती की कोशिश की तो महिलाएं नेशनल हाईवे व ट्रैक जाम कर देंगी।

सीएम को बताया जिम्मेदार
समिति के पदाधिकारियों ने बातचीत पटरी से उतरने के लिए सीएम मनोहरलाल को जिम्मेदार ठहराया। इन लोगों ने कहा कि सीएम की ओर से गैर जिम्मेदाराना बयान दिए जा रहे हैं।

सभी जातियों का आभार जताया
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने पिछले करीब 50 दिन से चल रहे धरने पर आने वाले लोगों का आभार जताया। अन्य जाति व वर्ग के लोगों की ओर से मिले समर्थन के लिए आभार जताया। जाट न्याय आंदोलन में दिल्ली कूच के लिए सभी जातियों से सहयोग भी मांगा।

महिलाओं ने भरा जोश
शनिवार को धरने पर महिलाओं ने संबोधित करते हुए जोश भरा। महिलाओं ने कहा कि अगर किसी ने दिल्ली जाने वालों को रोका तो महिलाएं अपनी भूमिका निभाएंगी। जाटनी नेशनल हाईवे व रेल ट्रैक को जाम कर देंगी। अपना हक लेने तक पीछे नहीं हटेंगी।

'हर हाल में दिल्ली कूच करेंगे, केंद्र के दखल पर ही वार्ता संभव'

Jat aandolan haryana, Police Preparation in Delhi
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने दिल्ली कूच की तिथि नजदीक आने के साथ ही केंद्र सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। समिति ने हरियाणा सरकार से वार्ता बंद कर दी है। साथ ही हरियाणा सरकार से भविष्य में कोई वार्ता नहीं करने का एलान किया है। अब केंद्र सरकार के दखल पर ही कोई बात करने की बात कही है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जाटों का अपमान किया गया।

उनके मंत्रियों ने संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से पूरे देश को गुमराह करने का प्रयास किया है। इसके चलते जाट समाज में आक्रोश है। इस कारण अब हरियाणा सरकार से कोई बातचीत नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब जब तक केंद्र सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी, तब तक कोई वार्ता संभव नहीं है। 20 मार्च के बाद ही वार्ता की जाएगी, क्योंकि जाटों ने 20 मार्च को दिल्ली कूच का एलान कर रखा है। हर हाल में संसद का घेराव करेंगे। दिल्ली कूच की तैयारी पूरी कर ली गई है।

नुकसान का भुगतान करेगी समिति
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने कहा कि अगर किसी के ट्रैक्टर को कोई नुकसान हुआ तो उसका भुगतान समिति की ओर से किया जाएगा। समिति किसी का नुकसान नहीं होने देगी। चंदा लेकर समाज के लोगों का नुकसान पूरा किया जाएगा।
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