{"_id":"59d3172f4f1c1b7a548b5604","slug":"jagmeet-singh-becomes-first-sikh-politician-to-lead-canadian-democratic-party","type":"story","status":"publish","title_hn":"कनाडा: भारतीय को बनाया पार्टी का 'सरदार', जस्टिन ट्रूडो को देंगे टक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कनाडा: भारतीय को बनाया पार्टी का 'सरदार', जस्टिन ट्रूडो को देंगे टक्कर
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Tue, 03 Oct 2017 10:21 AM IST
विज्ञापन
पहले सिख सांसद रहे जगमीत सिंह
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को टक्कर देने वाला मिल गया है, वो भी एक भारतीय। ओंटारियो से सांसद रहे सिख डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख बनाए गए हैं। उन्हें पार्टी में 50 फीसदी से अधिक वोट मिले। ओंटारियो के पहले सिख सांसद रहे जगमीत को 2013 में भारतीय वीजा नहीं मिला था।
पेशे से वकील 38 वर्षीय जगमीत अक्तूबर 2019 में होने वाले संघीय चुनाव में एनडीपी का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा कि वे अधिकारिक रूप से कनाडा के अगले प्रधानमंत्री होने के लिए अपना अभियान शुरू कर रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर हमला करते हुए नौकरी की असुरक्षा के बारे में बात की। उनके भाई गुररतन सिंह ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जगमीत ने जीत के बाद ओटावा में पार्टी सांसदों के साथ बैठकें करनी शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन
2013 में जगमीत सिंह को अमृतसर में सिख ऑफ ईयर अवार्ड में शामिल होने के लिए आना था, लेकिन भारतीय दूतावास की ओर से उन्हें वीजा नहीं दिया गया। वे 84 के दंगा पीड़ितों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसलिए भारत सरकार उनसे खफा है।
ढेसी ने दी बधाई
यूके से पहले पगड़ीधारी सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने जगमीत सिंह को बधाई देते हुए कहा कि जगमीत की जीत एक ऐतिहासिक कदम है। साल 2017 सिख समुदाय के लिए गर्व वाला है।
विज्ञापन
पेशे से वकील 38 वर्षीय जगमीत अक्तूबर 2019 में होने वाले संघीय चुनाव में एनडीपी का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा कि वे अधिकारिक रूप से कनाडा के अगले प्रधानमंत्री होने के लिए अपना अभियान शुरू कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर हमला करते हुए नौकरी की असुरक्षा के बारे में बात की। उनके भाई गुररतन सिंह ने अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जगमीत ने जीत के बाद ओटावा में पार्टी सांसदों के साथ बैठकें करनी शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन
2013 में जगमीत सिंह को अमृतसर में सिख ऑफ ईयर अवार्ड में शामिल होने के लिए आना था, लेकिन भारतीय दूतावास की ओर से उन्हें वीजा नहीं दिया गया। वे 84 के दंगा पीड़ितों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसलिए भारत सरकार उनसे खफा है।
ढेसी ने दी बधाई
यूके से पहले पगड़ीधारी सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने जगमीत सिंह को बधाई देते हुए कहा कि जगमीत की जीत एक ऐतिहासिक कदम है। साल 2017 सिख समुदाय के लिए गर्व वाला है।