कांग्रेस को बड़ा झटका, जगमीत बराड़ ने छोड़ी पार्टी
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कांग्रेस को पंजाब में बड़ा झटका लगा है। जगमीत बराड़ ने आज अपने साथियों के साथ पार्टी की सदस्यता छोड़ दी। लोकसभा चुनाव के बाद से लगातार बदलते हालात में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सस्पेंड कर दिया गया था।
बराड़ ने कांग्रेस छोड़ने की पुष्टि कर दी है। आज प्रेस कांफ्रेंस करके वह साथियों सहित पार्टी छोड़ने का ऐलान करेंगे। बराड़ ने अपनी भावी योजनाओं के बारे में फिलहाल कोई खुलासा नहीं किया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
जगमीत बराड़ ने 1999 में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को हराकर लोकसभा में प्रवेश किया था। मालवा की सियासत में वह कांग्रेस के मजबूत स्तंभ थे। लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद उनके बगावती तेवर उन पर ही भारी पड़ गए।
उन्होंने पार्टी प्रधान सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी की, जिसे पार्टी बर्दाश्त नहीं कर सकी। छह महीने पहले उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
साथियों संग छोड़ेंगे कांग्रेस
सूत्रों के मुताबिक बराड़ ने अपने करीबी लोगों के साथ मीटिंग के बाद कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया। बराड़ ने कहा कि जिन साथियों के दम पर वह चार दशकों से बादल परिवार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे, उनकी हरी झंडी मिलने के बाद ही कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया है।
उन्होंने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को यह कहकर टाल दिया कि भाजपा आज कांग्रेस से बेहतर पार्टी बन गई है। पार्टियां बेहतर शख्सीयतों के सहारे ही आगे बढ़ती हैं। बराड़ ने कहा कि उन्होंने पंजाब के जिन मुद्दों को लोकसभा में उठाया, वे अकाली दल के किसी सांसद ने नहीं उठाए। हरसिमरत कौर बादल ने भी ऐसी कोशिश नहीं की।
पंजाब में हमेशा शिअद और कांग्रेस की सरकारें रहीं लेकिन दोनों ही पार्टियां पंजाब की समस्याएं हल नहीं कर सकीं। पंजाब के लोग आजमाए हुए नेताओं को बार-बार आजमाने को तैयार नहीं। सियासी समीकरण बदल रहे हैं, अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस बनाम शिअद नहीं होगा।