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श्री अकाल तख्त पर होगा झिंडा की पार्टी का एलान, बोले- बादलों की मंजी ठोकना है
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल(हरियाणा)
Updated Wed, 07 Jun 2017 09:39 AM IST
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं। 10 जून को श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर में पार्टी और पदाधिकारियों के नामों का एलान करेंगे।
झिंडा ने पहले अध्यक्ष के रूप में खुद के नाम की घोषणा कर दी है। उनका कहना है कि पार्टी बनाने का मुख्य मकसद बादलों की मंजी ठोकना है। बाकी कुछ अन्य मजबूरियां हैं। कई जरूरतें हैं जो बिना सियासी दल के गठन के पूरी नहीं हो सकती।
झिंडा हरियाणा कमेटी के प्रदेश मुख्यालय गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी व नौंवी में मंगलवार को पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि बादल एंड फैमिली ने सिख राजनीति को गर्त में पहुंचा दिया है। अकाली बहुत पवित्र शब्द है इसलिए उनकी पार्टी के नाम में कुछ अन्य शब्दों के साथ अकाली दल शब्द जरूर शामिल होगा। झिंडा ने कहा कि बादलों ने अकाली दल शब्द की प्रतिष्ठा खराब की है। इस खोई प्रतिष्ठा को तभी हासिल किया जा सकता है यदि पार्टी का नाम अकाली दल के नाम से रखा जाए।
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झिंडा ने पहले अध्यक्ष के रूप में खुद के नाम की घोषणा कर दी है। उनका कहना है कि पार्टी बनाने का मुख्य मकसद बादलों की मंजी ठोकना है। बाकी कुछ अन्य मजबूरियां हैं। कई जरूरतें हैं जो बिना सियासी दल के गठन के पूरी नहीं हो सकती।
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झिंडा हरियाणा कमेटी के प्रदेश मुख्यालय गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी व नौंवी में मंगलवार को पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि बादल एंड फैमिली ने सिख राजनीति को गर्त में पहुंचा दिया है। अकाली बहुत पवित्र शब्द है इसलिए उनकी पार्टी के नाम में कुछ अन्य शब्दों के साथ अकाली दल शब्द जरूर शामिल होगा। झिंडा ने कहा कि बादलों ने अकाली दल शब्द की प्रतिष्ठा खराब की है। इस खोई प्रतिष्ठा को तभी हासिल किया जा सकता है यदि पार्टी का नाम अकाली दल के नाम से रखा जाए।
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सर्वधर्म की होगी अरदास
जगदीश झींडा
झिंडा ने माना कि उनके मन में राजनीतिक महात्वाकांक्षाएं हैं, लेकिन पार्टी का गठन करना मजबूरी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यदि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी वजूद में आ गई तो फिर उन्हें गुरुद्वारा चुनाव में उम्मीदवार उतारने के लिए किसी न किसी राजनीतिक पार्टी के बैनर की जरूरत पड़ेगी।
झिंडा ने स्पष्ट किया कि एसजीपीसी चुनाव में एक तरफ अकाली दल के उम्मीदवार थे तो दूसरी तरफ उन्होंने हरियाणा कमेटी संगठन के झंडे के नीचे प्रत्याशी खड़े किए थे। हरियाणा कमेटी को वैधानिक मान्यता मिल जाने के बाद उसका बैनर राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल नहीं होगा इसलिए राजनीतिक दल का गठन करना पड़ेगा।
सर्वधर्म की होगी अरदास
झिंडा ने बताया कि 10 जून को 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर में जब नव गठित पार्टी के लिए अरदास होगी तो उसमें सिख, इस्लाम, हिंदू और ईसाई धर्म से एक-एक संत शामिल होंगे और अपने-अपने धार्मिक रीति रिवाजों के अनुसार पार्टी की सफलता के लिए प्रार्थना करेंगे। झिंडा ने बताया कि उनका अकाली दल इंटरनेशनल होगा इसलिए गठन वाले दिन हरियाणा पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, यूपी, मध्यप्रदेश सहित 11 राज्यों व अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, सिंगापुर, जर्मनी सहित 10 देशों के अध्यक्षों के नामों की भी घोषणा की जाएगी।
झिंडा ने स्पष्ट किया कि एसजीपीसी चुनाव में एक तरफ अकाली दल के उम्मीदवार थे तो दूसरी तरफ उन्होंने हरियाणा कमेटी संगठन के झंडे के नीचे प्रत्याशी खड़े किए थे। हरियाणा कमेटी को वैधानिक मान्यता मिल जाने के बाद उसका बैनर राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल नहीं होगा इसलिए राजनीतिक दल का गठन करना पड़ेगा।
सर्वधर्म की होगी अरदास
झिंडा ने बताया कि 10 जून को 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर में जब नव गठित पार्टी के लिए अरदास होगी तो उसमें सिख, इस्लाम, हिंदू और ईसाई धर्म से एक-एक संत शामिल होंगे और अपने-अपने धार्मिक रीति रिवाजों के अनुसार पार्टी की सफलता के लिए प्रार्थना करेंगे। झिंडा ने बताया कि उनका अकाली दल इंटरनेशनल होगा इसलिए गठन वाले दिन हरियाणा पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, यूपी, मध्यप्रदेश सहित 11 राज्यों व अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, सिंगापुर, जर्मनी सहित 10 देशों के अध्यक्षों के नामों की भी घोषणा की जाएगी।