झींडा ने संभाली HSGMC की कमान, आज लेंगे शपथ
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के हाउस की पहली बैठक में जगदीश सिंह झींडा को सर्वसम्मति के साथ अध्यक्ष नियुक्त करने के साथ-साथ 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर लिया गया है।
बैठक में सर्वसम्मति से छह प्रस्ताव भी पारित किए गए। शानिवार शाम डेरा कारसेवा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में एचएसजीएमसी के हाउस की पहली बैठक डीसी निखिल गजराज की देखरेख में हुई।
डीसी निखिल गजराज ने पहली बैठक में 11 सदस्यीय कमेटी के सदस्यों को कहा कि एचएसजीएमसी-एक्ट 2014 के तहत पहली बैठक में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। एचएसजीएमसी कार्यकारणी के सभी सदस्य एक्ट के अनुसार अपने उद्देश्यों को पूरा करेंगे।
ये नए सदस्य शामिल हुए पहली बैठक में
इस पहले हाउस की पहली बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट गगनदीप सिंह ने नए मनोनीत सदस्यों जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, भूपेंद्र सिंह असंध, बाबा गुरमीत सिंह, हाकम सिंह, जगदेव सिंह, मास्टर संपूर्ण सिंह, जीत सिंह खालसा, अवतार सिंह चक्कू, सुरजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह शाह, बलदेव सिंह बल्ली, स्वर्ण सिंह रतिया, गुरचरण सिंह चीमा, जोगा सिंह यमुनानगर, निरवेल सिंह, करनैल सिंह नि मावाली, सुरजीत सिंह, करनाल के मनजीत सिंह डाचर, हरप्रीत सिंह नरुला, अमरिंद्र सिंह अरोड़ा, जसबिंद्र सिंह नरवाना, अजमेर सिंह सैणी, अपार सिंह, बलवंत सिंह पिहोवा, सतपाल सिंह रामगढ़िया पिहोवा, हरचरण सिंह राठी, चंदीप सिंह खुराना, मोहन जीत सिंह, जगजीत सिंह, मनजीत सिंह, प्रवजीत सिंह, मनिंद्रपाल सिंह, जसवंत सिंह को मंच पर कार्रवाई रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराए।
सर्वसम्मति से झींडा को अध्यक्ष बनाया गया
इसके बाद हाउस ने पहली बैठक की कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए बाबा गुरमीत सिंह को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने हाउस से अध्यक्ष पद का नाम रखने के लिए कहा। हाउस से जगदीश सिंह झींडा का नाम अध्यक्ष पद के लिए नामित किया गया।
सभी ने सर्वसम्मति के साथ जगदीश सिंह झींडा को अध्यक्ष स्वीकार किया। इसके अलावा दीदार सिंह नलवी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जोगा सिंह यमुनानगर को महासचिव, भूपेंद्र सिंह असंध को संयुक्त सचिव, हरपाल सिंह पाली को सर्व सम्मति के साथ उपाध्यक्ष बनाया गया है।
हाउस ने कार्यकारणी के पांच पदाधिकारियो के साथ कार्यकारणी में अवतार सिंह चक्कू, र्स्वण सिंह, जगदेव सिंह, संत गुरमीत सिंह, बाबा वलजीत सिंह व मोहन जीत सिंह को सदस्य बनाया गया है।
कल हरिमंदिर साहिब में मत्था टेकेंगे झींडा
अकाल तख्त के हुक्मनामे पर अमृतसर की पंथक कांफ्रेंस रद्द होते ही हरियाणा के सिखों ने भी करनाल में 28 जुलाई को होने वाली कन्वेंशन रद्द कर दी है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पदाधिकारियों की घोषणा के साथ ही कमेटी की कार्यकारी समिति का भी गठन हो गया है।
एचएसजीएमसी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा सोमवार को सभी 41 सदस्यों के साथ हरिमंदिर साहिब अमृतसर माथा टेकने जाएंगे। सुबह 11 बजे माथा टेकने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
झींडा ने बताया कि कार्यकारी समिति ने तय किया है कि माथा टेकने के बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ को पत्र लिखेंगे।
साथ ही अकाल तख्त से भी गुजारिश करेंगे कि हरियाणा के गुरुघरों में बैठे एसजीपीसी के लोगों को वापस बुलाने के मामले में हस्तक्षेप किया जाए। हम अतिशीघ्र हरियाणा और पंजाब सरकार को अमृतसर जाने के संदर्भ में सूचित कर देंगे।
अब हमारी कमेटी एडहॉक नहीं
अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस के मुखिया को भी हम सूचित कर देंगे। 41 सदस्यों के अलावा हरियाणा से सिख संगत भी उनके साथ हरिमंदिर साहिब जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब हमारे बीच में कोई टकराव नहीं है। जो भी नई कमेटी बनती है वह हरिमंदिर साहब माथा टेकती है। हम उसी परंपरा को निभाएंगे। झींडा ने कहा कि अब हमारी कमेटी एडहॉक नहीं रह गई है।
डेढ़ साल तक जब तक चुनाव नहीं हो जाते, हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी कार्य करती रहेगी। जब एक्ट बन गया और मेंबर चुन लिए गए तो एडहॉक का कोई मतलब नहीं रह गया। हम कानूनी प्रावधान देखकर इस मामले में सरकार से बात करेंगे।
अधिकारियों के माथे पर कम हुई चिंता की लकीरें
पंथक सम्मेलन को लेकर हरियाणा में भी अलर्ट की स्थिति बनी हुई थी और किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे।
हरियाणा सरकार भले ही इस मुद्दे को चुनावी मौसम में भुनाने के लिए तैयारी कर रही हो, लेकिन कानून-व्यवस्था के लिहाज से आपसी टकराव दूर करना भी किसी चुनौती से कम नहीं था। अब कन्वेंशन रद होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
शपथ के बाद अब गुरुद्वारों पर नजर
शनिवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंटकमेटी के पूरी तरह से अस्तित्व में आने के बाद अब कमेटी पदाधिकारियों की निगाहें गुरुद्वारों पर कब्जा करने पर टिक गई हैं।
हालांकि, नई कमेटी के लिए गुरुद्वारों पर कब्जा करना आसान नहीं होगा, क्योंकि गुरुद्वारों पर पंजाब की सिख संगत पहले से ही बैठी हुई है। वहीं, हरियाणा सरकार कब्जा दिलाने के मामले से खुद को अलग कर चुकी है।