फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   ISI started changing locations of terrorists taken refuge in Pakistan after murder of Paramjit Panjwad

Punjab: पाकिस्तान में हो चुकी है चार प्रमुख आतंकियों की हत्या, अब बाकियों के ठिकाने बदलने में जुटी आईएसआई

Tue, 09 May 2023 11:31 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 09 May 2023 11:31 AM IST
सार

पाकिस्तान में आतंकियों की हत्या क्यों हो रही है क्या यह ड्रग तस्करी के धंधे में सौदागरों की आपसी रंजिश का नतीजा है, इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है लेकिन केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादियों के ठिकानों को बदलने का क्रम आईएसआई ने शुरू कर दिया है।

विज्ञापन
ISI started changing locations of terrorists taken refuge in Pakistan after murder of Paramjit Panjwad
खालिस्तान कमांडो फोर्स का चीफ परमजीत सिंह पंजवड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो दिन पहले खालिस्तान कमांडो फोर्स के चीफ परमजीत सिंह पंजवड़ की सरेआम गोलियां मारकर हत्या की सनसनीखेज वारदात ने आईएसआई की कमर तोड़कर रख दी है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को अपने मंसूबों पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है क्योंकि कुछ ही समय में चार प्रमुख आतंकियों की पाकिस्तान में हत्या हो चुकी है। लिहाजा, आईएसआई ने पाकिस्तान में शरण लिए बैठे आतंकियों के ठिकानों को बदलना शुरू कर दिया है। बाकायदा कुछ आतंकियों को सुरक्षा प्रदान भी की गई है।

विज्ञापन


इसी साल फरवरी में हिजबुल मुजाहिदीन का शीर्ष कमांडर बशीर मीर उर्फ इम्तियाज आलम की इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। बशीर मीर के हत्यारे भी बाइक पर आए थे और गोलियां बरसाकर फरार हो गए थे। बशीर मीर हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडरों में से एक था। वह कश्मीर में आतंकवाद के लिए युवाओं को जुटाने और उन्हें हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने का काम करता था। बशीर मीर पीओके में सक्रिय आतंकियों के लांच पैड की भी जिम्मेदारी संभाले हुए था।
विज्ञापन


जहूर मिस्त्री जैश-ए-मोहम्मद का टाप आतंकी था, जो 24 दिसंबर 1999 को हुए इंडियन एयरलाइंस के विमान अपहरण में भी शामिल था। मार्च 2022 में जहूर मिस्त्री की पाकिस्तान के कराची में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कराची के अख्तर कॉलोनी में क्रिसेंट फर्नीचर नाम से एक शोरूम भी चला रहा था। उसकी हत्या फर्नीचर दुकान के अंदर घुसकर की गई थी। उस वक्त भी बाइक सवार अज्ञात हमलावरों की बात निकलकर सामने आई थी। जहूर मिस्त्री के अंतिम संस्कार में रऊफ असगर सहित जैश-ए-मोहम्मद के कई शीर्ष आतंकी शामिल हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


छह माह पहले 20 नवंबर को पाकिस्तान में पनाह लिए मोस्ट वांटेड आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा की नशे की ओवरडोज के कारण शुक्रवार को मौत हो गई। उसकी मौत भी रहस्यमयी हुई थी। रिंदा ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों की नाक में दम कर रखा था। रिंदा पंजाब में टारगेट किलिंग और आतंकवाद फैलाने के लिए की गई कई वारदातों में वांछित था। सिद्धू मूसेवाला की हत्या से लेकर कई संगीन मामलों में वह संलिप्त था।

पाकिस्तान में आतंकियों की हत्या क्यों हो रही है क्या यह ड्रग तस्करी के धंधे में सौदागरों की आपसी रंजिश का नतीजा है, इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है लेकिन केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादियों के ठिकानों को बदलने का क्रम आईएसआई ने शुरू कर दिया है। बब्बर खालसा के चीफ वधावा सिंह पाकिस्तान में शरण लिए हुए हैं। उसकी उम्र 67 साल हो चुकी है। उसके नाम इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस नंबर 938/82 जारी है। एजेंसियों के रिकार्ड के मुताबिक, वह बाबरा तास, लाहौर, पाकिस्तान व वालांशा कॉलोनी, कैंसर अस्पताल, मुल्तान रोड, लाहौर में अलग अलग निवास में रह रहा है। लिहाजा, उसको आईएसआई ने सुरक्षा भी प्रदान कर दी है और ठिकाना बदलने के लिए भी कहा है।

दल खालसा का चीफ गजिंदर सिंह पुत्र मनोहर सिंह डेरा साहिब गुरुद्वारा, लाहौर में अक्सर देखा जाता है और उसका रिहायशी पता सी/ओ ऐमथ-बर्नी, 538/एन, उस्मानाबाद, लाहौर है। गजिंदर सिंह 29 सितंबर 1981 को दिल्ली से लाहौर तक आईसी 423 का अपहरण करने का मुख्य आरोपी था और 14 साल तक पाकिस्तान की जेल में रहा। उसने कई मौकों पर पाकिस्तान से भागने की कोशिश की। हालांकि, एक बार वह नेपाल के रास्ते पाकिस्तान छोड़ने में सफल हो गया, लेकिन फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया और वापस पाकिस्तान भेज दिया गया। गजिंदर सिंह की हाल ही में एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। गजिंदर सिंह को भी आईएसआई ने ठिकाना बदलने के लिए कहा है।

भिंडरांवाला के भतीजा लखबीर सिंह रोडे पाकिस्तान में इंडियन सिख यूथ फेडरेशन का चीफ है, जिस पर ड्रोन के जरिये भारत में आरडीएक्स भेजने के अलावा काफी संगीन मामले चल रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के रिकार्ड के मुताबिक, उसके पहले से तीन चार ठिकाने हैं, जिस पर वह अलग-अलग समय में बदल-बदल कर रहा है। इसमें टाउनशिप क्षेत्र, हालौल, अमोल थियेटर लाहौर, हाउस नंबर 20, पीआईए कॉलोनी, डिफेंस, लाहौर है। उसको आईएसआई की तरफ से सुरक्षा में बढ़ोतरी तो की गई है साथ ही उसके लिए अलग ठिकानों को भी तैयार किया गया है।


खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रंजीत सिंह नीटा ने पाकिस्तान में अपने अलग अलग नाम रखे हुए हैं, जिसमें मनप्रीत, बिट्टू, अतिन्द्रपाल शामिल हैं। 60 साल का रंजीत सिंह नीटा सिविल कैंप, वार्ड नंबर 2, आरएसपुरा जम्मू का रहने वाला है लेकिन वह पाकिस्तान निकल गया था। जहां पर वह 14/11, पेको कॉलोनी (लाहौर के बाहरी इलाके), भाखड़ा कोठ, सेना छावनी के पास, लाहौर व मॉडल टाउन, लाहौर में अलग अलग समय पर रहता है। उसका मुख्य कैंप सेना छावनी के पास है। नीटा का भी ठिकाना आईएसआई बदलने की तैयारी कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed