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नापाक इरादाः टीआरएफ को मजबूती से लॉन्च करके आतंक की जड़ें जमाना चाहता है आईएसआई
Tue, 02 Jun 2020 01:17 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 02 Jun 2020 01:17 PM IST
सार
- आतंकवादी पुनरुद्धार बल की गतिविधियों को स्थानीय आंदोलन का रूप देने में जुटा पाक
- संगठन को मजबूत बनाने के लिए आईएसआई की नजरें घाटी के स्थानीय युवाओं पर
- पुलवामा अटैक जैसी घटना दोबारा दोहराने की साजिश भी इसी संगठन से जुड़ी हो सकती
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विस्तार
पिछले कई दिनों से आतंकवादी पुनरुद्धार बल (टीआरएफ) संगठन को मजबूत करने की साजिश की जा रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई घाटी में इस संगठन को अब और मजबूती से लॉन्च करके आतंकवाद की जड़ें जमाना चाहती है। इसके लिए आईएसआई की नजरें स्थानीय कश्मीरी युवाओं पर टिकी है। इतना ही नहीं पुलवामा अटैक जैसी घटना दोबारा दोहराने की साजिश भी इसी संगठन की हो सकती है।
अभी मामले की जांच चल रही है। लेकिन जांच एवं खुफिया एजेंसियों की जांच के दायरे में यह संगठन भी है। केंद्रीय व सैन्य खुफिया एजेंसियां भी इस संगठन की गतिविधियों और इसके जरिए आईएसआई जिन मंसूबों को पूरा करने की सोच रही है, पर लगातार नजर गढ़ाए हुए हैं। बताते चलें कि भारत की तरफ से घाटी में आतंकवाद पर की गई करारी चोट के चलते आतंकी संगठन और आईएसआई बौखलाए हुए हैं।
सुरक्षाबलों की बढ़ती सख्ती के चलते घाटी में आतंकवाद की जड़ें भी हिल गई हैं। इसी बौखलाहट का नतीजा है कि आईएसआईएफ घाटी में तथाकथित आतंकवादी पुनरुद्धार बल को मजबूत करके आतंकी जड़ों को फिर जमाने की साजिश कर रहा है।
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खुफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, आईएसआई इस संगठन के जरिए सुरक्षाबलों पर हमले करके संगठन को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने के नापाक मंसूबे पाल रही है। इस संगठन को आईएसआई स्थानीय स्तर पर स्वदेशी आंदोलन का नाम देना चाहती है और इसी आंदोलन के जरिए कश्मीरी युवाओं को बरगलाकर इस संगठन का हिस्सा बनाना चाहती है।
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अभी मामले की जांच चल रही है। लेकिन जांच एवं खुफिया एजेंसियों की जांच के दायरे में यह संगठन भी है। केंद्रीय व सैन्य खुफिया एजेंसियां भी इस संगठन की गतिविधियों और इसके जरिए आईएसआई जिन मंसूबों को पूरा करने की सोच रही है, पर लगातार नजर गढ़ाए हुए हैं। बताते चलें कि भारत की तरफ से घाटी में आतंकवाद पर की गई करारी चोट के चलते आतंकी संगठन और आईएसआई बौखलाए हुए हैं।
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सुरक्षाबलों की बढ़ती सख्ती के चलते घाटी में आतंकवाद की जड़ें भी हिल गई हैं। इसी बौखलाहट का नतीजा है कि आईएसआईएफ घाटी में तथाकथित आतंकवादी पुनरुद्धार बल को मजबूत करके आतंकी जड़ों को फिर जमाने की साजिश कर रहा है।
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खुफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, आईएसआई इस संगठन के जरिए सुरक्षाबलों पर हमले करके संगठन को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने के नापाक मंसूबे पाल रही है। इस संगठन को आईएसआई स्थानीय स्तर पर स्वदेशी आंदोलन का नाम देना चाहती है और इसी आंदोलन के जरिए कश्मीरी युवाओं को बरगलाकर इस संगठन का हिस्सा बनाना चाहती है।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को झांसे में ले रही आईएसआई
आईएसआई के नापाक मंसूबों के साए में पल रहा टीआरएफ सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय युवाओं को झांसे में लेने की कोशिश कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, घाटी से कुछेक युवा एजुकेशन वीजा पर पाकिस्तान भी गए थे। उन्हें वहां इस संगठन की गतिविधियों से अवगत करवाते हुए ग्रुप ज्वॉइन भी करवाया गया।
आईएसआई भी कश्मीरी युवाओं को आगे रखकर ऑनलाइन प्रोजेक्टिंग के माध्यम से संगठन की मूवमेंट को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है। फिलहाल यह संगठन साउथ कश्मीर में अपनी मूवमेंट पर ज्यादा फोकस कर रहा है। घाटी में कुछ आतंकी गतिविधियों को भी टीआरएफ द्वारा क्लेम किया गया है। सूत्र बताते हैं कि इस संगठन की हिजबुल मुजाहिद्दीन समेत अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के सदस्यों पर भी नजर है।
आईएसआई भी कश्मीरी युवाओं को आगे रखकर ऑनलाइन प्रोजेक्टिंग के माध्यम से संगठन की मूवमेंट को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है। फिलहाल यह संगठन साउथ कश्मीर में अपनी मूवमेंट पर ज्यादा फोकस कर रहा है। घाटी में कुछ आतंकी गतिविधियों को भी टीआरएफ द्वारा क्लेम किया गया है। सूत्र बताते हैं कि इस संगठन की हिजबुल मुजाहिद्दीन समेत अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के सदस्यों पर भी नजर है।