इराक में अगवा 40 भारतीयों का पता चला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इराक के मोसुल के पास चार दिन पूर्व अगवा किए गए 40 पंजाबियों का सुराग मिल गया है। विदेश मंत्रालय ने इन भारतीयों के ठिकाने का पता चलने का दावा तो किया है, लेकिन इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया है। अगवा लोगों को छुड़ाने के लिए गठित आपदा प्रबंधन गुट की भी वीरवार को दो बार बैठक हुई।
खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस ग्रुप को मॉनिटर कर रही हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि अपहृत भारतीयों की सुरक्षित रिहाई के लिए हर मुमकिन कोशिश की जाएगी। वहीं, बतौर विशेष दूत बगदाद भेजे गए वरिष्ठ राजनयिक सुरेश रेड्डी ने भी कोशिशें शुरू कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार आतंकी गुटों से परदे के पीछे से बातचीत कर रही है।
रेड्डी के बगदाद पहुंचने के बाद स्थानीय माध्यम से अपहृत लोगों के ठिकाने के बारे में पता चला। इराक में राजदूत रह चुके रेड्डी बगदाद पहुंचते ही अपने संपर्क सूत्रों के जरिए भारतीयों की रिहाई सुनिश्चित कराने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि भारतीयों को अगवा करने के पीछे सुन्नी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) का हाथ है। मगर विदेश मंत्रालय का कहना है कि अब तक किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि हमें अपहृत भारतीयों के ठिकाने की आधिकारिक तौर पर जानकारी मिल गई है। लेकिन हम इस समय उस जगह के बारे में जानकारी साझा नहीं कर सकते हैं। अगवा भारतीयों की रिहाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि अपहृत लोगों को तब तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं समझा जा सकता, जब तक कि उन्हें अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त न करा लिया जाए।
सुषमा ने दिया सभी की सुरक्षित वापसी का भरोसा
इराक में अगवा हुए 40 पंजाबियों के 18 परिवारों के साथ मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। उनकेसाथ शिअद पदाधिकारी और दिल्ली सिख गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक भी थे। सुषमा ने भरोसा दिया कि सभी को सकुशल भारत वापस लाया जाएगा। मंत्रालय सभी कूटनीतिक तरीकों से इसके लिए प्रयास कर रहा है।
मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी अनिल वाधवा इराक में भारतीय एंबेसी के जरिए वहां से लोगों के साथ संपर्क कर रहे हैं। इराक में रह चुके पूर्व एंबेसडर को भी वहां भेजा गया है। चालीस पंजाबियों केसुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है, शांति बहाल होते ही उन्हें वापस लाया जाएगा। वहां की एंबेसी को लोगों के फ्री टिकट का इंतजाम करने को कहा गया है।
जरूरत पड़ने पर डुप्लिकेट पासपोर्ट भी जारी किए जाएंगे। बादल ने केंद्रीय मंत्री का प्रयासों के लिए आभार जताया। साथ ही मंत्रालय द्वारा की जा रही कोशिशों पर संतोष जताया। इराक में फंसे लोगों केपरिजनों को लाने में कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने अहम भूमिका निभाई। 18 में से छह परिवार उनके हलके मजीठा के थे। इसकेअलावा जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर केपरिवार थे।
एनआरआई कमीशन ने लिया संज्ञान
इराक में फंसे भारतीयों के संबंध में मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर पंजाब एनआरआई कमीशन ने संज्ञान लिया है। कमीशन के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस अरविंद कुमार और एडीजीपी-कम-मेंबर एस चट्टोपाध्याय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
विदेश मंत्रालय और ओवरसीज भारतीय मामले मंत्रालय को निर्देश दिया है कि इराक में चलाए जा रहे बचाव कार्य और नतीजों के बारे में तत्काल कमीशन को जानकारी दी जाए। आयोग ने कहा है कि केंद्रीय मंत्रालयों से दस दिनों में रिपोर्ट अपेक्षित है।
आयोग ने पंजाब सरकार को भी निर्देश दिया है कि केंद्रीय मंत्रालयों के साथ तालमेल के लिए सीनियर अफसर नियुक्त किया जाए। जो मंत्रालयों से जानकारी लेकर इराक में फंसे लोगों के परिजनों तक पहुंचा सके।
आदेश में कहा गया है कि कमीशन का गठन एनआरआई के हितों की रक्षा के लिए हुआ है। ऐसे में बचाव कार्यों में तालमेल करने की जिम्मेदारी भी आयोग की है।
इराक में फंसे हरियाणा के लोग मदद के लिए परेशान
इराक में बड़ी संख्या में फंसे हरियाणवी सरकार से मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। कुछ लोगों की बात उनके परिवार के सदस्यों से हो चुकी है, जबकि कुछ लोग घबराए हुए हैं। उनके परिवार के सदस्यों से उनका संपर्क नहीं हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इन लोगों के नाम की सूची विदेश मंत्रालय को भेजी दी है। शाम तक तीस लोगों के नाम सूची में आए थे, जिनमें अधिकतर उत्तर हरियाणा से हैं।
हरियाणा के कंट्रोल रूम में यह सूचना वीरवार शाम आठ बजे से अब तक आई है। जैसे जैसे लोगों को पता चल रहा है वे अपने परिजनों के माध्यम से फोन पर सूचना दे रहे हैं। महानिदेशक लोकसंपर्क एवं सूचना विभाग सुधीर राजपाल ने बताया कि कंट्रोल रूम में बहुत से लोगों के परिजनों से बात हुई है। मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर चिंतित हैं। गृह विभाग के अधिकारी भी इस मसले में लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। हमें जो सूची मिली है उस सूची को विदेश मंत्रालय भिजवा दिया गया है। हमारे अधिकारी लगातार इस मामले में फालोअप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय द्वारा इराक में बंदी बनाए गए 40 भारतीयों की जो सूची जारी की गई है उसमें हरियाणा के किसी व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी हमारे पास नहीं है।
फिर भी विदेश मंत्रालय से संपर्क कर रहे हैं। केंद्रीय विदेश मंत्रालय भी इराक में फंसे लोगों की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए प्रयास कर रहा है। यदि फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत होगी तो प्रदेश सरकार उनको हरियाणा लाने का पूरा खर्च उठाएगी। उन्होंने बताया कि जो लोग फंसे हैं उनकी सही स्थिति भारत सरकार से पूरी सूची वेरिफाई होने के बाद पता चलेगी। जिसमें शनिवार शाम तक का समय लग सकता है।
'हमे डर लग रहा, पर कंपनी वाले भेज नहीं रहे'
पटियाला के गांव खटौली के दस लोग बगदाद के पास नजफ में फंसे हैं। उनके परिजन मदद के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं। हरियाणा के कंट्रोल रूम में आए परगट सिंह के फोन के बाद अमर उजाला ने उनके इराक में मौजूद परिजनों से बात की। परगट के भाई मेहताब सिंह ने इराक से फोन पर अमर उजाला को बताया कि वे बगदाद से 200 किमी दूर नजफ में फोर्ट डेमेशन कंपनी में काम करते हैं।
उनके गांव के मलकीत सिंह, तसवीर सिंह, हरजीत सिंह, राजा और मोनी सहित दस लोग भी इसी कंपनी में काम करते हैं। सभी लोग यहां फंसे हैं, लेकिन कंपनी संचालक उन्हें भेज नहीं रहे हैं। उन लोगों ने कंपनी के अधिकारियों से बात की है, लेकिन वे यह कह कर रोके हुए हैं कि यदि हालात और बिगड़ेंगे तब भेज देंगे। मेहताब ने बताया कि वहां पर करीब 2500 भारतीय हैं। जिसमें से 400 पंजाब के और करीब 50 लोग हरियाणा के हैं।
उन्होंने भारत सरकार से उनकी सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। मेहताब ने कहा कि हमें यहां डर लग रहा है लेकिन कंपनी वाले नहीं मान रहे हैं। मेहताब के भाई परगट सिंह ने बताया कि मेरी जब मेहताब से बात हुई थी तो सब लोग सहमे हुए थे। हमारे सभी लोग घर आना चाहते हैं लेकिन कंपनी झांसा दे रही है। उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर सभी को सकुशल लाने की मांग की है।