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धरने पर बैठे किसानों को मिला पंजाब के रंगकर्मियों का साथ, इप्टा ने की समर्थन देने की घोषणा
Sat, 23 Jan 2021 01:49 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 23 Jan 2021 01:49 PM IST
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किसान आंदोलन में शामिल किसान।
- फोटो : फाइल फोटो
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कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों को अब पंजाब के रंगकर्मियों का भी साथ मिल गया है। पंजाब के साहित्यकार, रंगकर्मियों सहित इप्टा ने किसानों के संघर्ष के समर्थन की घोषणा की है। 24 जनवरी को किसानों के समर्थन में सभी इप्टा कार्यकर्ता और रंगकर्मियों के साथ चंडीगढ़ पहुंचेंगे जहां एकजुट होकर सभी पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें केंद्र से कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग करेंगे।
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इप्टा, पंजाब के कार्यकर्ता, लेखक और रंगकर्मी 24 जनवरी को पंजाब के राज्यपाल को किसान संघर्ष के समर्थन में पत्र सौंपेंगे। देश के सभी किसान संगठनों पर आधारित संयुक्त किसान मोर्चा के आमंत्रण पर, इप्टा पंजाब के कार्यकर्ता, लेखक और रंगकर्मियों ने किसान संघर्ष के समर्थन की घोषणा की है। वे 24 जनवरी को चंडीगढ़ पहुंचेंगे और सुबह 11 बजे प्लाजा के पास नीलम सिनेमा सेक्टर-17 में इकट्ठा होंगे और इसके बाद राजभवन के लिए रवाना होंगे।
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इप्टा पंजाब के अध्यक्ष संजीवन सिंह और महासचिव इंद्रजीत रूपोवाली ने बताया कि प्राथमिक तौर पर ये तीन कृषि कानून किसान विरोधी या कृषि से जुड़े वर्गों के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए केंद्र सरकार को इस पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता है। 26 नवंबर 2020 से इप्टा के कार्यकर्ता पूरे समर्पण के साथ संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन करते आ रहे हैं।
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