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यहां चुटकी में होगा विवादों का समाधान
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Wed, 22 Jan 2014 09:03 AM IST
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय किशन कौल ने पंचकूला स्थित कोर्ट परिसर में वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र का उद्घाटन किया। इस सेंटर पर आपसी विवादों को निपटाने के लिए एक्सपर्ट मीडिएटर की भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि हरियाणा व पंजाब की अदालतों में 11.50 लाख केस लंबित हैं। इनमें 59 हजार केस पांच से दस साल पुराने हैं।
पंचकूला कोर्ट में भी करीब 600 केस पांच से दस साल पुराने हैं। लंबित केसों को निपटाने के लिए हाईकोर्ट ने भी समय सीमा तय की है।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के जरिए लंबित केसों को वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्रों पर हल किया जा सकता है। वकीलों को भी इन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का फायदा उठाते हुए मध्यस्थता के जरिये केसों का निपटारा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 12 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
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हरियाणा कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी चेयरमैन एवं हाईकोर्ट के न्यायाधीश सतीश कुमार मित्तल ने बताया कि इस केंद्र की आधारशिला 2012 में रखी गई थी और इस पर एक करोड़ की लागत आई है।
इस केंद्र को बनाने का उद्देश्य गरीबों व बेसहारों को एक ही छत के नीचे कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर न्याय दिलाना है।
इस कार्यक्रम में जस्टिस के. कानन, पंचकूला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके सौंधी, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम सुनील चौहान, डीसी डा. एसएस फुलिया, एडीसी एसपी अरोड़ा सहित कई एडवोकेट व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि हरियाणा व पंजाब की अदालतों में 11.50 लाख केस लंबित हैं। इनमें 59 हजार केस पांच से दस साल पुराने हैं।
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पंचकूला कोर्ट में भी करीब 600 केस पांच से दस साल पुराने हैं। लंबित केसों को निपटाने के लिए हाईकोर्ट ने भी समय सीमा तय की है।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के जरिए लंबित केसों को वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्रों पर हल किया जा सकता है। वकीलों को भी इन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का फायदा उठाते हुए मध्यस्थता के जरिये केसों का निपटारा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 12 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
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हरियाणा कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी चेयरमैन एवं हाईकोर्ट के न्यायाधीश सतीश कुमार मित्तल ने बताया कि इस केंद्र की आधारशिला 2012 में रखी गई थी और इस पर एक करोड़ की लागत आई है।
इस केंद्र को बनाने का उद्देश्य गरीबों व बेसहारों को एक ही छत के नीचे कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर न्याय दिलाना है।
इस कार्यक्रम में जस्टिस के. कानन, पंचकूला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके सौंधी, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम सुनील चौहान, डीसी डा. एसएस फुलिया, एडीसी एसपी अरोड़ा सहित कई एडवोकेट व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।