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सावधान! पोस्ट पेड सिम यूजर्स, धोखा हो सकता है

Wed, 25 Mar 2015 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी Updated Wed, 25 Mar 2015 09:48 AM IST
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international roaming charge fraud with post paid sim user

अगर आप पोस्ट पेड सिम यूजर हैं तो सावधान हो जाएं। आपके साथ इंटरनेशनल रोमिंग के नाम पर धोखा हो सकता है। हाल ही में, इंटरनेशनल रोमिंग पर ग्राहक को तय मानकों से ज्यादा बिल थमाने के एक मामले में परमानेंट लोक अदालत फॉर पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट के चेयरमैन बलबीर सिंह ने एयरटेल कंपनी पर भारी भरकम जुर्माना किया है। दो महीने के अंदर जुर्माने की राशि अदा न करने पर नौ प्रतिशत ब्याज देने का प्रावधान है।

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यह है मामला
जानकारी के अनुसार ओरियंटल इंजीनियरिंग वर्कर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर रमन सलूजा वर्ष 2010 में किसी काम से अमेरिका गए थे। विदेश में आठ दिन रहने के उपरांत वे स्वदेश लौट आए।
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30 हजार रुपये की जगह वसूल लिए 42,391 रुपये

international roaming charge fraud with post paid sim user

सलूजा के मुताबिक अमेरिका जाने से पूर्व उन्होंने अपने एयरटेल कंपनी के मोबाइल नंबर पर इंटरनेशनल रोमिंग सर्विस शुरू करवाई थी लेकिन स्वदेश लौटने पर कंपनी ने प्रतिदिन 30 हजार रुपये के हिसाब से दो लाख 42 हजार 391 रुपये का बिल बनाकर उन्हें थमा दिया।

जब उन्होंने बिल के संदर्भ में कंपनी से जानकारी मांगी, तो सही जानकारी मुहैया नहीं करवाई गई। उन्होंने नवंबर में बिल जमा करवा दिया। जांच के दौरान जब उन्हें पता चला कि कंपनी ने उनसे गलत बिल चार्ज किया है, तो मई 2012 में उन्होंने इस मामले को कोर्ट में डाल दिया।

कंपनी ने कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास भी किया

international roaming charge fraud with post paid sim user

कोर्ट के चेयरमैन बलबीर सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत उद्योगपति रमन सलूजा के हक में फैसला सुनाया। रमन सलूजा के वकील अविनाश चड्ढा ने बताया कि कंपनी ने कोर्ट को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया। जब कोर्ट ने कंपनी से बिल संबंधित रिकॉर्ड मांगा तो उन्होंने इसे साफ्टवेयर सिस्टम बताकर टालने का प्रयास किया।

वकील अविनाश चड्ढा ने बताया कि कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कंपनी ने गलत बिल बनाया है। आठ दिन का जायज बिल 30 हजार रुपये बनता है। बिल के रूप में जमा कराए  दो लाख 42 हजार 391 रुपये में से 30 हजार रुपये काटकर कंपनी दो लाख 22 हजार 392 रुपये वापस करेगी।

साथ ही 25 नवंबर 2010 से पैसे देने की तिथि तक नौ प्रतिशत ब्याज भी देगी। इसके अलावा 50 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर कंपनी ग्राहक को देगी। दो माह में अगर उपरोक्त पैसे वापस नहीं किए, तो नौ प्रतिशत ब्याज देना पडे़गा। इसके अलावा चार हजार रुपये अन्य खर्च के तौर पर कंपनी को देने होंगे।

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