इंस्पेक्टर शुक्ला को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, चार्ज फ्रेम करने पर रोक
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कांट्रेक्टर से रिश्वत लेने के आरोप में मामले में सीबीआई द्वारा पकड़े गए यूटी पुलिस के इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उनकेपक्ष में सीसीटीवी फुटेज मुहैया करवाने की अपील की है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज याची को मुहैया करवाने पर सीबीआई से जवाब मांगा है। साथ ही याचिका लंबित रहते शुक्ला पर चार्ज फ्रेम करने पर भी रोक लगाते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है।
मामला 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोपों से जुड़ा है। याची पर कांट्रैक्टर ने आरोप लगाया था कि पुलिस उन्हें 2014 में सेक्टर 34 थाने लेकर गई थी। कांट्रेक्टर पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने शराब पीकर पार्किंग में हंगामा किया।
कांट्रेक्टर से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने का है आरोप
इसके बाद तीनों का मेडिकल करवाया गया जिसमें शराब की पुष्टि नहीं हुई। कांट्रेक्टर ने आरोप लगाया था कि थाने के तत्कालीन एसएचओ राजेश शुक्ला ने उन्हें धमका कर 10 हजार रुपए ले लिए और हर माह 5 हजार रुपए देने के लिए कहा।
इसके बाद शुक्ला की शिकायत की गई थी और शिकायत के आधार पर पुलिस अधिकारियों को पकड़ा गया था। याची ने कहा कि इस मामले में उनके लिए सबसे अहम सबूत सीसीटीवी फुटेज है जो उन्हें बेकसूर साबित कर सकती है।
सीसीटीवी फुटेज उन्हें मुहैया नहीं करवाई गई है जिसके चलते उनका केस कमजोर पड़ रहा है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि सीसीटीवी फुटेज की कॉपी उन्हें मुहैया करवाई जाए ताकि वे अपने केस को लड़ सके।
साथ ही याचिका लंबित रहते उनके खिलाफ चार्ज फ्रेम करने पर भी रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने दलीलों को सुनने के बाद सीबीआई व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही चार्ज फ्रेम करने पर रोक लगाकर उन्हें बड़ी राहत दी है।