कृषि विधेयकों के खिलाफ कल सड़कों पर उतरेगी इनेलो, पांच को किसानों का बड़ा आंदोलन
- जीटी बेल्ट में शनिवार को भी जारी रहा किसानों का रोष प्रदर्शन
- पांच अक्तूबर को बरवाला में होगा किसानों का बड़ा आंदोलन
- गंगा सतलुज व गोल्डन टैंपल की गईं निरस्त, जनशताब्दी रद्द
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हरियाणा बंद के दूसरे दिन शनिवार को प्रदेश में शांति रही। हालांकि जीटी बेल्ट के जिलों में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। कुछ जिलों में किसान संगठनों का धरना भी जारी रहा। इस बीच कृषि विधेयकों के खिलाफ इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) ने 28 सितंबर को विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। जबकिं हरियाणा किसान संघर्ष समिति छह अक्तूबर को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का सिरसा स्थित निवास घेरेगी।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला इस्तीफा नहीं देंगे तो अनिश्चितकालीन पड़ाव डाल दिया जाएगा। उधर, सिरसा में विधेयक के समर्थन में 135 ट्रैक्टरों पर आए किसानों ने डीसी कैंप में पहुंचकर इन विधेयकों के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।
यमुनानगर में भाकियू रतनमान गुट का कहना है कि पांच अक्तूबर को बरवाला में किसानों का बड़ा आंदोलन होगा। इससे पहले गांव-गांव में किसानों को कृषि कानूनों की खामियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। दूसरी ओर पंजाब में किसानों के आंदोलन के चलते शनिवार को गंगा-सतलुज और गोल्डन टैंपल ट्रेन निरस्त कर दी गई, जबकि जनशताब्दी रद्द हो गई। वहीं रोडवेज ने भी चंडीगढ़ की बस सेवा बंद की है। अंबाला में किसानों ने मार्केट कमेटी के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा व जजपा के नेताओं को गांव में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी है।
इंडियन नेशनल लोकदल के कार्यकर्ता केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि अध्यादेशों के खिलाफ 28 सितंबर को सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण कुटेल ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता 28 सितंबर को जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन कर जिला उपायुक्त को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इनेलो यह प्रदर्शन प्रदेशभर में कृषि विधेयकों के खिलाफ जिला स्तर पर कर रही है।
विधेयकों के खिलाफ शनिवार को इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला की अध्यक्षता में कुरुक्षेत्र लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि तीनों अध्यादेश किसानों को बर्बाद करने वाले हैं, इसलिए किसी भी सूरत में सरकार को यह वापस लेने ही होंगे।
किसानों के लिए फायदेमंद: सांसद सैनी
कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी ने कृषि विधेयकों को किसानों के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि इन बिलों के पास होने से किसानों को स्वतंत्रता मिली है। अब किसान अपनी फसलों को मंडी, खेत और देश के किसी भी कोने में लाभकारी मूल्य पर बेच सकेंगे। विधेयकों के पारित होने से न मंडियां खत्म होंगी और न ही एमएसपी।