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हरियाणा विस चुनाव से ठीक पहले ‘कृष्ण’ जैसे इनेलो छोड़ गए ‘रामचंद्र’, 19 में से रह गए 5 विधायक
Mon, 22 Jul 2019 01:49 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 22 Jul 2019 01:49 PM IST
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इनेलो के ‘रामचंद्र’ ने भी ‘कृष्ण’ की तरह पार्टी को अलविदा कह दिया है, वो भी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले और अब 19 में से पांच विधायक ही रह गए हैं। सिरसा जिले में रानियां विधानसभा क्षेत्र से इनेलो विधायक रामचंद्र कांबोज ने पार्टी की सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सिरसा में इनेलो की पांच विधानसभा सीटों पर चार विधायक थे।
कालांवाली विधानसभा सीट पर इनेलो और अकाली दल के संयुक्त उम्मीदवार बलकौर सिंह है। लेकिन इनेलो और अकाली दल का गठबंधन टूटने के बाद केवल चार विधायक रह गए है। लोकसभा चुनाव से पहले जजपा के गठन के बाद विधायिका नैना चौटाला उसमें चली गई। रामचंद्र कंबोज के पार्टी छोड़ने के बाद अब जिले में इनेलो के दो विधायक अभय सिंह चौटला और मखन लाल सिंगला शेष हैं।
एक-एक करके सभी विधायक इनेलो का साथ छोड़ रहे हैं और ये सब हो रहा है चौटाला परिवार में विवाद के कारण। पहले परिवार टूटकर दो गुटों में बंटा और फिर पार्टी का बंटवारा हुआ। ऐसे में विधायकों का साथ छोड़ना सही संकेत नहीं हैं।
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कालांवाली विधानसभा सीट पर इनेलो और अकाली दल के संयुक्त उम्मीदवार बलकौर सिंह है। लेकिन इनेलो और अकाली दल का गठबंधन टूटने के बाद केवल चार विधायक रह गए है। लोकसभा चुनाव से पहले जजपा के गठन के बाद विधायिका नैना चौटाला उसमें चली गई। रामचंद्र कंबोज के पार्टी छोड़ने के बाद अब जिले में इनेलो के दो विधायक अभय सिंह चौटला और मखन लाल सिंगला शेष हैं।
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एक-एक करके सभी विधायक इनेलो का साथ छोड़ रहे हैं और ये सब हो रहा है चौटाला परिवार में विवाद के कारण। पहले परिवार टूटकर दो गुटों में बंटा और फिर पार्टी का बंटवारा हुआ। ऐसे में विधायकों का साथ छोड़ना सही संकेत नहीं हैं।
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इस तरह छूटा विधायकों का साथ
अगर सभी 19 विधायकों की बात की जाए तो पिहोवा के विधायक जसविंद्र सिंह संधू और जींद के विधायक डॉ. हरिचंद मिढा का निधन हो चुका है। चार विधायक नैना चौटाला, नरवाना के विधायक पिरथी नंबरदार, उकलाना के विधायक अनूप धानक और दादरी के विधायक राजदीप फोगाट जननायक जनता पार्टी के साथ जुड़ गए हैं।
फरीदाबाद एनआइटी के विधायक नगेंद्र भड़ाना चुनाव जीतने के बाद से भाजपा के साथ हैं। रानियां के विधायक रामचंद्र कांबोज ने भी पार्टी छोड़ी है। फिरोजपुर झिरका के विधायक नसीम अहमद कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। जुलाना के विधायक परमिंदर सिंह ढुल, फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, नलवा के विधायक रणबीर गंगवा, नूंह के विधायक जाकिर हुसैन तथा हथीन के विधायक केहर सिंह रावत भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
एलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला के साथ अब रतिया के विधायक प्रो. रवींद्र बलियाला, सिरसा के विधायक मक्खन सिंगला, बरवाला के विधायक वेद नारंग और लोहारू के विधायक ओमप्रकाश बारवा ही खड़े दिखाई दे रहे हैं। इनमें भी प्रो. रवींद्र बलियाला की भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला से पूर्व में मुलाकात हो चुकी है।
फरीदाबाद एनआइटी के विधायक नगेंद्र भड़ाना चुनाव जीतने के बाद से भाजपा के साथ हैं। रानियां के विधायक रामचंद्र कांबोज ने भी पार्टी छोड़ी है। फिरोजपुर झिरका के विधायक नसीम अहमद कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। जुलाना के विधायक परमिंदर सिंह ढुल, फतेहाबाद के विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया, नलवा के विधायक रणबीर गंगवा, नूंह के विधायक जाकिर हुसैन तथा हथीन के विधायक केहर सिंह रावत भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
एलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला के साथ अब रतिया के विधायक प्रो. रवींद्र बलियाला, सिरसा के विधायक मक्खन सिंगला, बरवाला के विधायक वेद नारंग और लोहारू के विधायक ओमप्रकाश बारवा ही खड़े दिखाई दे रहे हैं। इनमें भी प्रो. रवींद्र बलियाला की भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला से पूर्व में मुलाकात हो चुकी है।
पार्टी में पारिवारिक विवाद के चलते वे सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। अभी वे कार्यकर्ताओं से सलाह लेकर ही आगे की रणनीति बनाएंगे।
- रामचंद्र कंबोज, विधायक, रानियां।
साधारण कार्यकर्ता को इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने विधायक बना दिया। पार्टी छोड़ने वालों को जनता माफ नहीं करेगी।
- पदम जैन, जिला प्रधान, इनेलो।
- रामचंद्र कंबोज, विधायक, रानियां।
साधारण कार्यकर्ता को इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने विधायक बना दिया। पार्टी छोड़ने वालों को जनता माफ नहीं करेगी।
- पदम जैन, जिला प्रधान, इनेलो।