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अभय चौटाला का पीएम मोदी को पत्र, एसवाईएल मुद्दे पर पंजाब का माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही
amarujala.com, Presented by: विकास जांगड़ा
Updated Fri, 14 Jul 2017 07:01 PM IST
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इनेलो नेता अभय चौटाला
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विपक्ष के नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने एसवाईएल मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। अभय चौटाला ने पत्र में आरोप लगाया है कि कुछ राजनैतिक दल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने के अलावा पंजाब का राजनैतिक माहौल भी बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
चौटाला ने सर्वोच्च न्यायालय के तीन न्यायधीशों की बेंच द्वारा सुनी जा रही हरियाणा की उस याचिका का भी जिक्र किया है, जिसमें सतलुज-यमुना लिंक नहर को बनवाने बारे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश दिए गए थे। उन्होंने लिखा है कि जब न्यायालय किसी डिक्री के आदेश देता है तो उसका सम्मान और पालन भी होना चाहिए।
अभय चौटाला ने पत्र में लिखा है कि जैसे ही सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिए, वैसे ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने एक सार्वजनिक बयान देकर कह डाला कि पंजाब हरियाणा को एक भी बूंद पानी नहीं देगा। पंजाब के एक अन्य विपक्षी दल, लोक इंसाफ पार्टी ने भी यह घोषणा कर दी है कि एसवाईएल नहर बनाने की स्थिति में वह जेल भरो आंदोलन प्रारम्भ करेगी।
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चौधरी अभय सिंह चौटाला ने यह भी कहा कि इन बातों को देखते हुए यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पंजाब में सर्वोच्च न्यायालय मान-सम्मान और अधिकारों को चुनौती देने के लिए कमर कसे हुए हैं। इसके विपरीत हरियाणा में सभी राजनैतिक दल इस बात पर सहमत हैं कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई डिक्री का तुरंत पालन होना चाहिए।
अभय चौटाला ने प्रधानमंत्री को यह चिंता भी जताई कि पंजाब में कुछ राजनैतिक दलोंं द्वारा इस क्षेत्र के वातावरण को बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपील की है कि पंजाब में शांति बनाए रखने का दायित्व पंजाब के मुख्यमंत्री का है। इसीलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री पर दबाव बनाएं ताकि कोई ऐसा कदम पंजाब में न उठाया जाए जिसकी विपरीत प्रतिक्रिया हरियाणा में हो।
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चौटाला ने सर्वोच्च न्यायालय के तीन न्यायधीशों की बेंच द्वारा सुनी जा रही हरियाणा की उस याचिका का भी जिक्र किया है, जिसमें सतलुज-यमुना लिंक नहर को बनवाने बारे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश दिए गए थे। उन्होंने लिखा है कि जब न्यायालय किसी डिक्री के आदेश देता है तो उसका सम्मान और पालन भी होना चाहिए।
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अभय चौटाला ने पत्र में लिखा है कि जैसे ही सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिए, वैसे ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने एक सार्वजनिक बयान देकर कह डाला कि पंजाब हरियाणा को एक भी बूंद पानी नहीं देगा। पंजाब के एक अन्य विपक्षी दल, लोक इंसाफ पार्टी ने भी यह घोषणा कर दी है कि एसवाईएल नहर बनाने की स्थिति में वह जेल भरो आंदोलन प्रारम्भ करेगी।
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चौधरी अभय सिंह चौटाला ने यह भी कहा कि इन बातों को देखते हुए यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पंजाब में सर्वोच्च न्यायालय मान-सम्मान और अधिकारों को चुनौती देने के लिए कमर कसे हुए हैं। इसके विपरीत हरियाणा में सभी राजनैतिक दल इस बात पर सहमत हैं कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई डिक्री का तुरंत पालन होना चाहिए।
अभय चौटाला ने प्रधानमंत्री को यह चिंता भी जताई कि पंजाब में कुछ राजनैतिक दलोंं द्वारा इस क्षेत्र के वातावरण को बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपील की है कि पंजाब में शांति बनाए रखने का दायित्व पंजाब के मुख्यमंत्री का है। इसीलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री पर दबाव बनाएं ताकि कोई ऐसा कदम पंजाब में न उठाया जाए जिसकी विपरीत प्रतिक्रिया हरियाणा में हो।