महंगाई डायन : छह महीने में बढ़े हर चीज के दाम, पेट्रोल-डीजल से लेकर एलपीजी तक महंगा
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लगातार बढ़ती महंगाई से लोगों के घर का बजट बिगड़ गया है। स्थिति यह है कि हर माह किसी न किसी खाद्य पदार्थ के दाम तेजी से बढ़ जाते हैं। ऐसे में एक मध्यवर्गीय परिवार के पूरे माह का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। पिछले छह माह में घरों के खर्चे औसतन 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
छह माह पहले जो घरेलू एलपीजी सिलिंडर 603 रुपये का था, सब्सिडी खत्म होने से अब उसमें 100 रुपये की वृद्धि हो गई है। इसी तरह पेट्रोल और डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं जबकि कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ा अंतर नहीं आया है। वहीं दालों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा खाद्य तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से लोग परेशान हैं। हाल ही में खाद्य तेलों के दाम प्रति लीटर 30 से 35 रुपये तब बढ़ गए हैं।
छह महीने में पेट्रोल पर पांच तो डीजल पर बढ़े 3 रुपये
रविवार को चंडीगढ़ में पेट्रोल का रेट 82.58 रुपये प्रति लीटर रहा। पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी कई महीने से जारी है। एक अगस्त 2020 को चंडीगढ़ में पेट्रोल 77.44 रुपये प्रति लीटर था। वहीं डीजल का रेट वर्तमान में 75.63 रुपये प्रति लीटर है, जो अगस्त में 73.21 रुपये लीटर था।
पानी के दाम भी दोगुने हुए, अगले माह बढ़ेंगे पार्किंग रेट
चंडीगढ़ में पानी के दाम भी दोगुने हो गए हैं। इससे खर्चा और बढ़ गया है। एक फरवरी से पार्किंग के दाम भी बढ़ जाएंगे। इस बार प्रति दो घंटे के बाद पार्किंग में वाहन खड़ा रखने के रेट दोगुने होंगे।
बाल कटवाना भी महंगा हुआ
सेक्टर 22 निवासी पंकज गुप्ता ने बताया कि पहले बाल कटवाने पर 50 रुपये खर्च होते थे। अब यूज एंड थ्रो किट के भी अलग से रुपये देने होते हैं। अब बाल कटवाने के ही 100 रुपये लग जा रहे हैं। वहीं अब ऑटो का किराया भी सीधे 20 रुपये हो गया है। बीच में बेशक 2 लोग बैठाने के कारण किराया बढ़ाया गया था, लेकिन अब सवारी पूरी भरी जा रही है लेकिन किराया भी कम नहीं हुआ है।
अब घर खर्च चलाना बनी एक चुनौती
नयागांव निवासी मीना जोशी का कहना है कि कोरोना महामारी में कई लोगों की नौकरी चली गई है। लगातार महंगाई बढ़ने से मासिक खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है। 15 से 20 हजार रुपये में अब का खर्च कैसे चलेगा, यह बड़ी समस्या है।
पेट्रोल
वर्तमान रेट- 82.52 रुपये प्रति लीटर
छह माह पहले- 77.44 रुपये प्रति लीटर
डीजल
वर्तमान रेट- 75.63 रुपये प्रति लीटर
छह माह पहले- 73.21 रुपये प्रति लीटर
दाल (अरहर)
वर्तमान रेट- 120 रुपये प्रति किग्रा
छह माह पहले- 95 रुपये प्रति किग्रा
रिफाइंड तेल
वर्तमान रेट- 125-130 रुपये प्रति लीटर
छह माह पहले- 95 रुपये प्रति लीटर
घरेलू एलपीजी सिलिंडर
वर्तमान रेट- 703 रुपये
छह माह पहले- 603 रुपये
हेयर कटिंग
वर्तमान रेट- 100 से 120 रुपये
छह माह पहले- 50 से 70 रुपये
हर माह लगता है महंगाई का झटका
मोहाली निवासी नीलम काला का कहना है कि मासिक वेतन में गुजारा करना अब आसान नहीं है। पहले 20 हजार रुपये तक में घर का खर्च पूरा हो जाता था, लगातार महंगाई से अब महीने के अंत में हाथ खींचकर खर्च करना पड़ता है।
बिना कारण ही महंगाई बढ़ी है, सरकार को विचार करना चाहिए
आईबीआई के चेयरपर्सन डॉ. सतीश वर्मा का कहना है कि गृहस्थी चलाने में दो चीजें महत्वपूर्ण होती हैं। एक इनकम और दूसरे खर्चे। पहले कई चीजों पर सब्सिडी सीधे मिलती थी। उसके बाद खाते में भेजने का प्रावधान किया गया। अब सब्सिडी लगभग खत्म ही कर दी गई है। जो भी महंगाई कोविड के बाद बढ़ी वह व्यापारी अपनी हानि को पूरा करने के लिए बढ़ा रहे हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि इस ओर ध्यान दे। जहां रियायत दी जा सकती है, वहां लोगों को रियायत देनी चाहिए क्योंकि कोरोना में लोगों की आमदनी घटी है और खर्चे बढ़े हैं।