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दाल, तेल, चीनी, घी, सब कुछ हुआ महंगा, ये हैं कारण
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Apr 2016 10:17 PM IST
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दालों से लेकर तेल, घी और चीनी के रेट भी बढ़ गए हैं। ऐसा होने की पीछे का कारण जानकर चौंक जाएंगे। सूखे के नाम पर महंगाई ने रसोई पर हमला बोला है। पिछले एक माह में हर किसी की रसोई का बजट हिल गया है।
हर दाल की कीमत में 15 से 30 रुपये किलो का इजाफा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस महंगाई के लिए काफी हद तक दलालों का बड़ा हाथ है। शहर के विक्रेताओं के अनुसार सूखे की स्थिति देख कई बड़े कारोबारियों ने दालों की स्टोरेज कर ली है।
ऐसे में दालों के रेट बढ़ने पर वह स्टॉक बाहर निकालेंगे। शहर में दालों की सप्लाई महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान से होती है। रेट बढ़ने से शादियां भी महंगी हो जाएंगी।
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इन दिनों शहर में शादियों का सीजन शुरू हो गया है। देसी घी के रेट में भी 20 रुपये का इजाफा हो गया है। जबकि चीनी के रेट 39 रुपये किलो पहुंच गए हैं। पिछले माह चीनी का रेट 37 रुपये किलो था।
लोगों का कहना है कि रेट बढ़ने से बजट पूरी तरह हिल गया है। नेताओं को क्या पता कि रसोई का बजट क्या होता है। उन्हें तो सरकारी सुविधाएं इतनी मिल रही हैं कि वह तो कभी खरीददारी करने के लिए भी बाजार में नहीं जाते हैं।
सेक्टर-40 डी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दलविंदर सैनी का कहना है कि सूखे के कारण पिछली फसल की दालों के रेट बढ़ना काफी हैरान करने वाली बात है।
इससे साफ लग रहा है दालों को स्टोर करके उनकी काला बाजारी की जा रही है। जिससे महंगाई बढ़ रही है। सरकार को दालों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
किन दालों और खाद्य पदार्थो के रेट में हुआ है इजाफा
दाल--------------पिछले माह-------------------इस माह (प्रति किलो)
दाल चना------------65-------------------------80
काला चना-----------65-------------------------80
मा साबत------------140-----------------------170
मा छिलका-----------142----------------------175
मा धुली--------------160----------------------190
अरहर---------------120----------------------150
लाल मलका-----------70----------------------90
मसरी-----------------80---------------------90
राजमा-----------------80---------------------90
सरसों का तेल----------110------------------120 से 130
सेक्टर-23 के बत्तरा करियाना स्टोर के संचालक दीपक बत्तरा का कहना है कि हर दाल के रेट में भारी इजाफा हो गया है। उनका कहना है कि सूखे के कारण आगे भी रेट कम होने की उम्मीद नहीं है
व्यापार मंडल के महासचिव एवं सीएम स्टोर के संचालक नरेश महाजन का कहना है कि शहर में कोई भी व्यापारी किसी भी तरह का कोई स्टोर नहीं करता है क्योंकि इतनी जगह ही किसी व्यापारी के पास नहीं है। महाजन का कहना है कि रेट बढ़ने से कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
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हर दाल की कीमत में 15 से 30 रुपये किलो का इजाफा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस महंगाई के लिए काफी हद तक दलालों का बड़ा हाथ है। शहर के विक्रेताओं के अनुसार सूखे की स्थिति देख कई बड़े कारोबारियों ने दालों की स्टोरेज कर ली है।
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ऐसे में दालों के रेट बढ़ने पर वह स्टॉक बाहर निकालेंगे। शहर में दालों की सप्लाई महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान से होती है। रेट बढ़ने से शादियां भी महंगी हो जाएंगी।
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इन दिनों शहर में शादियों का सीजन शुरू हो गया है। देसी घी के रेट में भी 20 रुपये का इजाफा हो गया है। जबकि चीनी के रेट 39 रुपये किलो पहुंच गए हैं। पिछले माह चीनी का रेट 37 रुपये किलो था।
लोगों का कहना है कि रेट बढ़ने से बजट पूरी तरह हिल गया है। नेताओं को क्या पता कि रसोई का बजट क्या होता है। उन्हें तो सरकारी सुविधाएं इतनी मिल रही हैं कि वह तो कभी खरीददारी करने के लिए भी बाजार में नहीं जाते हैं।
सेक्टर-40 डी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दलविंदर सैनी का कहना है कि सूखे के कारण पिछली फसल की दालों के रेट बढ़ना काफी हैरान करने वाली बात है।
इससे साफ लग रहा है दालों को स्टोर करके उनकी काला बाजारी की जा रही है। जिससे महंगाई बढ़ रही है। सरकार को दालों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
किन दालों और खाद्य पदार्थो के रेट में हुआ है इजाफा
दाल--------------पिछले माह-------------------इस माह (प्रति किलो)
दाल चना------------65-------------------------80
काला चना-----------65-------------------------80
मा साबत------------140-----------------------170
मा छिलका-----------142----------------------175
मा धुली--------------160----------------------190
अरहर---------------120----------------------150
लाल मलका-----------70----------------------90
मसरी-----------------80---------------------90
राजमा-----------------80---------------------90
सरसों का तेल----------110------------------120 से 130
सेक्टर-23 के बत्तरा करियाना स्टोर के संचालक दीपक बत्तरा का कहना है कि हर दाल के रेट में भारी इजाफा हो गया है। उनका कहना है कि सूखे के कारण आगे भी रेट कम होने की उम्मीद नहीं है
व्यापार मंडल के महासचिव एवं सीएम स्टोर के संचालक नरेश महाजन का कहना है कि शहर में कोई भी व्यापारी किसी भी तरह का कोई स्टोर नहीं करता है क्योंकि इतनी जगह ही किसी व्यापारी के पास नहीं है। महाजन का कहना है कि रेट बढ़ने से कारोबार भी प्रभावित हुआ है।