{"_id":"5fe966778ebc3e3e731c394f","slug":"infection-rate-of-covid-19-became-slow-in-chandigarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में सुस्त पड़ रही कोरोना के केसों की रफ्तार, एक महीने में छह फीसदी गिरा आंकड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में सुस्त पड़ रही कोरोना के केसों की रफ्तार, एक महीने में छह फीसदी गिरा आंकड़ा
Mon, 28 Dec 2020 10:30 AM IST
निवेदिता वर्मा
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 28 Dec 2020 10:30 AM IST
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चंडीगढ़ में धीमी पड़ी कोरोना की रफ्तार।
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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चंडीगढ़ में कोरोना के केसों की रफ्तार अब धीमी पड़ने लगी है। एक महीने में संक्रमण की दर में करीब छह फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 26 दिसंबर को चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण की दर 4.8 फीसदी दर्ज की गई है, जबकि 20 नवंबर को यह 11.1 फीसदी थी। आंकड़ों में गिरावट इस बात का सुबूत है कि चंडीगढ़ में कोरोना धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अब तक की सबसे कम संक्रमण दर है। हालांकि इस बात को भी ध्यान रखना होगा कि अब भी चंडीगढ़ में संक्रमण की दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले ज्यादा है। 26 दिसंबर को देश में संक्रमण की दर 2.3 फीसदी दर्ज की गई है, जो चंडीगढ़ के मुकाबले आधी है।
साथ ही चंडीगढ़ अब भी संक्रमण के मामले में भारत के टॉप पांच शहरों में शामिल है। इस सूची में सिक्किम 10.2 फीसदी की संक्रमण दर के साथ सबसे ऊपर है जबकि केरल में यह आंकड़ा 10 फीसदी, गोवा में 6 फीसदी, महाराष्ट्र में 5.6 फीसदी और चंडीगढ़ में 4.8 फीसदी है। चंडीगढ़ में कोरोना के अब तक 19486 पॉजिटिव केस आ चुके हैं, जबकि 315 लोगों की मौत हुई है। सक्रिय केस सिर्फ 361 हैं।
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चंडीगढ़ में पिछले सात दिन में संक्रमण की दर
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विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अब तक की सबसे कम संक्रमण दर है। हालांकि इस बात को भी ध्यान रखना होगा कि अब भी चंडीगढ़ में संक्रमण की दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले ज्यादा है। 26 दिसंबर को देश में संक्रमण की दर 2.3 फीसदी दर्ज की गई है, जो चंडीगढ़ के मुकाबले आधी है।
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साथ ही चंडीगढ़ अब भी संक्रमण के मामले में भारत के टॉप पांच शहरों में शामिल है। इस सूची में सिक्किम 10.2 फीसदी की संक्रमण दर के साथ सबसे ऊपर है जबकि केरल में यह आंकड़ा 10 फीसदी, गोवा में 6 फीसदी, महाराष्ट्र में 5.6 फीसदी और चंडीगढ़ में 4.8 फीसदी है। चंडीगढ़ में कोरोना के अब तक 19486 पॉजिटिव केस आ चुके हैं, जबकि 315 लोगों की मौत हुई है। सक्रिय केस सिर्फ 361 हैं।
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चंडीगढ़ में पिछले सात दिन में संक्रमण की दर
- 19 दिसंबर 6.1 फीसदी
- 20 दिसंबर 5.7 फीसदी
- 21 दिसंबर 5.4 फीसदी
- 22 दिसंबर 5.3 फीसदी
- 23 दिसंबर 5.3 फीसदी
- 23 दिसंबर 5.1 फीसदी
- 25 दिसंबर 4.6 फीसदी
- 26 दिसंबर 4.8 फीसदी
लापरवाही बरती तो पड़ सकती है भारी
भले ही कोरोना के केस नीचे आ रहे हों, लेकिन इस दौरान लापरवाही बरती तो मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। नया साल आ रहा है। ऐसे में लोगों को अब भी भीड़भाड़ वाली जगह में जाने से बचना होगा। पार्टी से दूरी बनानी होगी। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए जो नियम बनाए गए हैं। उनका दृढ़ता से पालन करना होगा। खास तौर पर मास्क पहनना, सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाना और कुछ समय बाद हाथों को धोते रहना जरूरी है। यही तीन नियम को कोरोना को रोकने में अब भी अहम हैं।पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर रविंद्र खैवाल ने बताया कि अभी यह कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी कि कोरोना हार रहा है। हमें अभी सचेत रहना होगा। प्रशासन की ओर से जो नियम बनाए गए हैं, उनका हमें पालन करना चाहिए तभी हम कोरोना को हरा पाएंगे।
वैक्सीन के प्रतिकूल प्रभावों को देखने के लिए कमेटी गठित
यूटी प्रशासन ने कोविड वैक्सीन लगाने के बाद पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की निगरानी के लिए पीजीआई व मेडिकल कालेज के डॉक्टरों का एक पैनल बनाया है। इसमें पीजीआई व मेडिकल कालेज के डाक्टरों को शामिल किया गया है। इसमें कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, मेडिसिन व एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ रहेंगे। बताया जा रहा है कि टीकाकरण के बाद लाभार्थी को 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा। उसके बाद एक हेल्प डेस्क रहेगी, जो 24 घंटे कार्य करेगी।