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ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोप में इंडस्ट्रियलिस्ट गिरफ्तार, घर से छुड़ाई गई नाबालिग बच्ची
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:08 AM IST
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ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोप में इंडस्ट्रियलिस्ट गिरफ्तार
- फोटो : Demo
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घर पर नाबालिग से काम कराने के मामले में पुलिस ने सेक्टर-27 निवासी इंडस्ट्रलिस्ट तरणजीत सिंह के खिलाफ ह्यूमन ट्रैफिकिंग की धारा में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इंडस्ट्रियलिस्ट को जिला अदालत में पेश किया जहा से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वहीं तरणजीत सिंह की कोठी से छुड़ाई गई बच्ची और उसे बेचने के आरोप में गिरफ्तार दंपति से मिले अन्य चार बच्चों के असली माता-पिता का पता लगाने के लिए पुलिस उनका डीएनए टेस्ट कराएगी। वीरवार को पुलिस ने छुड़ाई गई बच्ची के बयान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के तहत दर्ज कराए।
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि लुधियाना निवासी भोला और उसकी पत्नी पूनम ने तरणजीत के घर पर जब बच्ची भेजी थी, उस वक्त उनसे 4-5 हजार रुपये ही लिए थे। आरोपी दंपति बच्ची को लाने के बाद कुछ समय तक अपने घर पर काम कराते रहे। इसी दौरान लुधियाना के एक जानकार के जरिए चंडीगढ़ में इंडस्ट्रियलिस्ट के घर भेज दिया। यहां बच्ची से साफ-सफाई और अन्य काम कराए जाते थे। सूत्रों के अनुसार आरोपी दंपति को इसकी एवज में मात्र 5 हजार रुपये मिले थे। इसके अलावा बच्ची के नाम पर हर महीने 2500 रुपये आरोपी दंपति लेते थे।
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वहीं सूत्रों के अनुसार आरोपी दंपति के पास से मिले चार अन्य बच्चों में से किसी ने भी उनसे घर पर काम कराने से इंकार किया है। आरोपी इन्हें अपने बच्चे बता रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी इसे स्कूल और अन्य जगह से वेरीफाई कर रही है। साथ ही उनका डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पुलिस अदालत से मंजूरी लेने के लिए अपील करेगी।
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वहीं तरणजीत सिंह की कोठी से छुड़ाई गई बच्ची और उसे बेचने के आरोप में गिरफ्तार दंपति से मिले अन्य चार बच्चों के असली माता-पिता का पता लगाने के लिए पुलिस उनका डीएनए टेस्ट कराएगी। वीरवार को पुलिस ने छुड़ाई गई बच्ची के बयान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के तहत दर्ज कराए।
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पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि लुधियाना निवासी भोला और उसकी पत्नी पूनम ने तरणजीत के घर पर जब बच्ची भेजी थी, उस वक्त उनसे 4-5 हजार रुपये ही लिए थे। आरोपी दंपति बच्ची को लाने के बाद कुछ समय तक अपने घर पर काम कराते रहे। इसी दौरान लुधियाना के एक जानकार के जरिए चंडीगढ़ में इंडस्ट्रियलिस्ट के घर भेज दिया। यहां बच्ची से साफ-सफाई और अन्य काम कराए जाते थे। सूत्रों के अनुसार आरोपी दंपति को इसकी एवज में मात्र 5 हजार रुपये मिले थे। इसके अलावा बच्ची के नाम पर हर महीने 2500 रुपये आरोपी दंपति लेते थे।
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वहीं सूत्रों के अनुसार आरोपी दंपति के पास से मिले चार अन्य बच्चों में से किसी ने भी उनसे घर पर काम कराने से इंकार किया है। आरोपी इन्हें अपने बच्चे बता रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी इसे स्कूल और अन्य जगह से वेरीफाई कर रही है। साथ ही उनका डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पुलिस अदालत से मंजूरी लेने के लिए अपील करेगी।