हरियाणा के इन 14 जिलों में शर्तों के साथ उद्योगों को मिलेगी ढील, जानें- कौन-कौन हैं शामिल
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हरियाणा सरकार उन 14 जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने की तैयारी में है, जहां अपेक्षाकृत कोरोना संक्रमण के मामले कम हो चुके हैं। मगर इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियों के लिए ढील सशर्त मिलेगी। इनमें यदि पॉजिटिव मरीजों की संख्या 15 तक पहुंची तो इन उद्योग धंधों को फिर से बंद करवा दिया जाएगा।
इस संदर्भ में इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स डिपार्टमेंट ने सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्त, जिला उपायुक्तों समेत जिला उद्योग केंद्रों के अधिकारियों को सर्कुलर जारी कर दिया है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, नूंह, पलवल, झज्जर और पंचकूला जिलों को छोड़कर बाकी शेष 14 जिलों में औद्योगिक गतिविधियों संबंधी ढील दी जाएगी। विभिन्न तरह की शर्तें सरकार की ओर से लगाई जा रही हैं।
अब उद्योगों को इन शर्तों को भी मानना पड़ेगा
- 14 जिलों में अप्लाई करते ही सेल्फ जेनरेटेड अप्रूवल मिलेगी।
- जिस उद्योग और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में 20 लोगों की जरूरत है, वहां 20 की। जहां 20 से ज्यादा लोगों की जरूरत है वहां 50 फीसदी या कम से कम 20 कर्मचारियों की अनुमति मिल जाएगी।
- आईटी और आईटीईएस इकाइयों में जहां 20 कर्मचारियों की जरूरत है। वहां 10 और जहां 20 से ज्यादा कर्मचारी की जरूरत है, वहां सिर्फ 20 कर्मचारी तक की अनुमति मिलेगी।
- इन सीटू कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के लिए 100 फीसदी और नॉन इन सीटू प्रोजेक्ट के लिए 50 फीसदी कर्मचारियों की अनुमति मिलेगी।
= यदि इन 14 जिलों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 15 तक जाती हैं तो सभी उद्योग, धंधे व व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हो जाएंगे। जब संख्या 10 तक पहुंचेगी तो इसका अलर्ट इकाइयों को पहुंच जाएगा।
- शेष 8 जिलों में औद्योगिक इकाइयों को पहले की तरह ब्लाक, जोन और सिटी लेवल एसेसमेंट के बाद ही तमाम पूर्व शर्तें पूरी करते हुए अनुमति मिलेगी।
- सभी 22 जिलों में जिन औद्योगिक व्यवसायिक और कंस्ट्रक्शंन प्रोजेक्ट्स में 10 लोगों से कम कर्मचारियों की जरूरत है। वहां बिना किसी खास शर्त के अनुमति दी जाएगी।
- सौ प्रतिशत एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स को भी ढील देने में प्राथमिकता दी जाएगी।
- ग्रामीण उद्योग इकाइयों को भी ढील देने में ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी, बशर्ते सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखा जाए।
- यह सारी शर्तें कंटेनमेंट जोन एरिया के बाहर स्थित औद्योगिक इकाइयों पर ही लागू होंगी।