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Chandigarh News: राव इंद्रजीत की उनके घर में ही किलेबंदी, विरोधियों का कद बढ़ा रही भाजपा
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-राव विरोधी पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास की दोबारा से भाजपा में एंट्री
-अरविंद यादव को पहले ही सरकार ने दी हुई है चेयरमैन की कुर्सी
सोम दत्त शर्मा
चंडीगढ़। अहीरवाल में अपना पूरा दखल रखने वाले गुरुग्राम से भाजपा के सांसद राव इंद्रजीत को उनके घर में ही घेरने के लिए भाजपा ने किलेबंदी शुरू कर दी है। एक के बाद एक भाजपा राव विरोधी नेताओं का कद बढ़ा रही है। साथ ही उनके विरोधी नेताओं को भाजपा में वापस लाया जा रहा है। अरविंद यादव को हरको बैंक के बाद दोबारा से पर्यटन निगम का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि राव के विरोधी पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास की भाजपा में दोबारा से एंट्री से साफ संकेत हैं कि राव की परेशानी बढ़नी तय है।
राव इंद्रजीत सिंह अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं और समय-समय पर वह प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत अफसरशाही पर निशाना साधते रहे हैं। राव इंद्रजीत सिंह अपनी बेटी आरती राव के लिए रेवाड़ी से टिकट मांगते रहे हैं, लेकिन पिछली बार परिवारवाद के फेर में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। हालांकि, भाजपा ने राव के ही समर्थक सुनील मूसेपुर को टिकट दिया था और उसे हार का सामना करना पड़ा था। उस समय पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास और अरविंद यादव दोनों ही टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन राव की दखलअंदाजी से दोनों के ही टिकट कट गए। दोनों नेताओं ने इसके लिए राव इंद्रजीत पर निशाना भी साधा था। वहीं सुनील मूसेपुर के चुनाव हारने के बाद राव इंद्रजीत ने चुनाव में मदद नहीं करने वाले नेताओं को जयचंद तक की संज्ञा दी थी। इसके बाद से ही अरविंद यादव, कापड़ीवास और राव इंद्रजीत के बीच विरोध की राजनीति चल रही है।
बाक्स
भूपेंद्र यादव ने बढ़ाई सक्रियता
राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने भी पिछले काफी समय से गुरुग्राम और भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट को लेकर इलाके में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वह दोनों सीटों पर अपना दावा जता रहे हैं। कहा जा रहा है कि यादव ने दोनों ही सीटों पर अपने चुनाव लड़ने को लेकर सर्वे कराया है। इसके अलावा, सुधा यादव पहले ही भाजपा की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की सदस्य हैं और वह भी टिकट की प्रबल दावेदार हैं। ये दोनों ही नेता अहीरवाल में अच्छा दखल रखते हैं।
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-अरविंद यादव को पहले ही सरकार ने दी हुई है चेयरमैन की कुर्सी
सोम दत्त शर्मा
चंडीगढ़। अहीरवाल में अपना पूरा दखल रखने वाले गुरुग्राम से भाजपा के सांसद राव इंद्रजीत को उनके घर में ही घेरने के लिए भाजपा ने किलेबंदी शुरू कर दी है। एक के बाद एक भाजपा राव विरोधी नेताओं का कद बढ़ा रही है। साथ ही उनके विरोधी नेताओं को भाजपा में वापस लाया जा रहा है। अरविंद यादव को हरको बैंक के बाद दोबारा से पर्यटन निगम का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि राव के विरोधी पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास की भाजपा में दोबारा से एंट्री से साफ संकेत हैं कि राव की परेशानी बढ़नी तय है।
राव इंद्रजीत सिंह अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं और समय-समय पर वह प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत अफसरशाही पर निशाना साधते रहे हैं। राव इंद्रजीत सिंह अपनी बेटी आरती राव के लिए रेवाड़ी से टिकट मांगते रहे हैं, लेकिन पिछली बार परिवारवाद के फेर में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। हालांकि, भाजपा ने राव के ही समर्थक सुनील मूसेपुर को टिकट दिया था और उसे हार का सामना करना पड़ा था। उस समय पूर्व विधायक रणधीर कापड़ीवास और अरविंद यादव दोनों ही टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन राव की दखलअंदाजी से दोनों के ही टिकट कट गए। दोनों नेताओं ने इसके लिए राव इंद्रजीत पर निशाना भी साधा था। वहीं सुनील मूसेपुर के चुनाव हारने के बाद राव इंद्रजीत ने चुनाव में मदद नहीं करने वाले नेताओं को जयचंद तक की संज्ञा दी थी। इसके बाद से ही अरविंद यादव, कापड़ीवास और राव इंद्रजीत के बीच विरोध की राजनीति चल रही है।
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भूपेंद्र यादव ने बढ़ाई सक्रियता
राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव ने भी पिछले काफी समय से गुरुग्राम और भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट को लेकर इलाके में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वह दोनों सीटों पर अपना दावा जता रहे हैं। कहा जा रहा है कि यादव ने दोनों ही सीटों पर अपने चुनाव लड़ने को लेकर सर्वे कराया है। इसके अलावा, सुधा यादव पहले ही भाजपा की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की सदस्य हैं और वह भी टिकट की प्रबल दावेदार हैं। ये दोनों ही नेता अहीरवाल में अच्छा दखल रखते हैं।
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