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तैयारीः एशियन चैंपियनशिप और ओलंपिक में मेडल जीतने को पहलवानों ने विदेशों में सीखे दांवपेंच
Fri, 14 Feb 2020 10:17 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 14 Feb 2020 10:17 AM IST
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बजरंग पूनिया
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ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फौगाट, रवि दहिया, दीपक पूनिया की नजर अब एशियन चैंपियनशिप में मेडल जीतने पर टिकी है। इसके लिए ही सभी पहलवानों ने विदेशों में दांवपेंच सीखे हैं और अपनी पुरानी कमजोरियों को दूर करने में लगे हुए हैं। क्योंकि इन चारों के लिए अब एशियन चैंपियनशिप व ओलंपिक गेम्स ही सबसे अहम है। जहां बजरंग, रवि व दीपक ने रसिया में प्रैक्टिस की और वह एशियन चैंपियनशिप के कारण शुक्रवार को वापस लौटेंगे।
वहीं विनेश फौगाट ने रोम में कई दिन तक प्रैक्टिस की और वह एशियन चैंपियनशिप के लिए वापस लौट आई है। यह सभी दिल्ली में 18 फरवरी से होने वाली एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे और इन सभी से पदक की बड़ी उम्मीद है। ओलंपिक के लिए अभी तक केवल चार पहलवान क्वालीफाई कर सके हैं, जिनमें पहलवान बजरंग पूनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया व एक महिला पहलवान विनेश फौगाट शामिल हैं। जबकि अन्य पहलवानों को ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए जूझना पड़ रहा है।
पहले ही क्वालीफाई कर चुके इन चारों पहलवानों को अपनी प्रैक्टिस करने के लिए पूरा मौका मिल रहा है और इनकी नजर अब केवल दिल्ली में 18 फरवरी से होने वाली एशियन चैंपियनशिप व उसके बाद होने वाले ओलंपिक गेम्स के मेडल पर टिकी है। इसके लिए ही बजरंग पूनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया पंद्रह दिन पहले विदेशी पहलवानों संग प्रैक्टिस करके हर दांवपेंच सीखने को रसिया गए थे। जहां इन सभी ने अपनी कमजोरियों को दूर करने के साथ ही विदेशी पहलवानों संग नई तकनीकों को सीखा, जिससे उनके सहारे एशियन चैंपियनशिप व ओलंपिक में मेडल जीतने में मदद मिल सके।
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यह सभी पहलवान एशियन चैंपियनशिप के कारण शुक्रवार को वापस लौटेंगे। इनके अलावा पहलवान विनेश फौगाट भी रोम में प्रैक्टिस करने पहुंची थीं और वह दो दिन पहले ही वापस लौटकर आई है। भारतीय कोच कुलदीप मलिक कहते हैं कि इस समय सबसे ज्यादा पहलवानों को पुरानी कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है और उनकी प्रैक्टिस में इसपर ही सबसे ज्यादा काम किया जा रहा है। इसके अलावा कुश्ती की वीडियो के सहारे भी नई तकनीक के बारे में पहलवानों को बताया जा रहा है।
जिसका फायदा पहलवानों को एशियन चैंपियनशिप व ओलंपिक गेम्स में जरूर मिलेगा। कुलदीप मलिक कहते हैं कि एशियन चैंपियनशिप में सभी पहलवानों से पदक की उम्मीद है।
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वहीं विनेश फौगाट ने रोम में कई दिन तक प्रैक्टिस की और वह एशियन चैंपियनशिप के लिए वापस लौट आई है। यह सभी दिल्ली में 18 फरवरी से होने वाली एशियन चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे और इन सभी से पदक की बड़ी उम्मीद है। ओलंपिक के लिए अभी तक केवल चार पहलवान क्वालीफाई कर सके हैं, जिनमें पहलवान बजरंग पूनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया व एक महिला पहलवान विनेश फौगाट शामिल हैं। जबकि अन्य पहलवानों को ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए जूझना पड़ रहा है।
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पहले ही क्वालीफाई कर चुके इन चारों पहलवानों को अपनी प्रैक्टिस करने के लिए पूरा मौका मिल रहा है और इनकी नजर अब केवल दिल्ली में 18 फरवरी से होने वाली एशियन चैंपियनशिप व उसके बाद होने वाले ओलंपिक गेम्स के मेडल पर टिकी है। इसके लिए ही बजरंग पूनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया पंद्रह दिन पहले विदेशी पहलवानों संग प्रैक्टिस करके हर दांवपेंच सीखने को रसिया गए थे। जहां इन सभी ने अपनी कमजोरियों को दूर करने के साथ ही विदेशी पहलवानों संग नई तकनीकों को सीखा, जिससे उनके सहारे एशियन चैंपियनशिप व ओलंपिक में मेडल जीतने में मदद मिल सके।
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यह सभी पहलवान एशियन चैंपियनशिप के कारण शुक्रवार को वापस लौटेंगे। इनके अलावा पहलवान विनेश फौगाट भी रोम में प्रैक्टिस करने पहुंची थीं और वह दो दिन पहले ही वापस लौटकर आई है। भारतीय कोच कुलदीप मलिक कहते हैं कि इस समय सबसे ज्यादा पहलवानों को पुरानी कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है और उनकी प्रैक्टिस में इसपर ही सबसे ज्यादा काम किया जा रहा है। इसके अलावा कुश्ती की वीडियो के सहारे भी नई तकनीक के बारे में पहलवानों को बताया जा रहा है।
जिसका फायदा पहलवानों को एशियन चैंपियनशिप व ओलंपिक गेम्स में जरूर मिलेगा। कुलदीप मलिक कहते हैं कि एशियन चैंपियनशिप में सभी पहलवानों से पदक की उम्मीद है।