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दोहा में वर्क परमिट पर गए भारतीय युवक का शव मिला, फरवरी में हुई थी शादी
संजीव कुमार बख्शी/अमर उजाला, तलवाड़ा (होशियारपुर)
Updated Sun, 28 May 2017 04:59 PM IST
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दोहा में वर्क परमिट पर गए भारतीय युवक का शव मिला
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दुबई की जेल में सजायाफ्ता युवक की मौत के बाद एक और भारतीय युवक का शव दोहा में मिला है, वह वर्क परमिट पर वहां गया था। पंजाब के होशियारपुर जिले के तलवाड़ा के कंडी इलाके के गांव वेडिंग का रहने वाला 28 वर्षीय राकेश कुमार उर्फ बंटी दोहा-कतर में मृत पाया गया। परिवार को राकेश के सहकर्मियों से उसकी मौत की खबर फोन पर मिली।
परिवार को कुछ दस्तावेज भेजने के लिए कहा गया था ताकि उसकी पार्थिव देह वापस भेजी जा सके। दस्तावेज को पूरा करने के 5 दिन के बाद भी परिवार शव की प्रतीक्षा कर रहा है। राकेश के चचेरे भाई ने बताया कि अब कंपनी के अधिकारी और भारतीय दूतावास भी जवाब नहीं दे रहे।
राकेश कुमार उर्फ बंटी के पिता 72 वर्षीय सेवानिवृत्त सेना कर्मी अरुण कुमार ने बताया कि राकेश उनके 7 बच्चों में से सबसे छोटा था। वह दो साल के लिए कतर में था और उसका वीजा कम वर्क परमिट जुलाई में पूरा होना था।
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28 फरवरी को उसकी शादी ज्योतिका से हुई थी। शादी के लिए वह आपातकालीन छुट्टी पर घर आया था और 12 अप्रैल को राकेश कुमार दोहा-कतर के सीएटी इंटरनेशनल के साथ अपनी नौकरी दोबारा शुरू करने के लिए चला गया था।
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परिवार को कुछ दस्तावेज भेजने के लिए कहा गया था ताकि उसकी पार्थिव देह वापस भेजी जा सके। दस्तावेज को पूरा करने के 5 दिन के बाद भी परिवार शव की प्रतीक्षा कर रहा है। राकेश के चचेरे भाई ने बताया कि अब कंपनी के अधिकारी और भारतीय दूतावास भी जवाब नहीं दे रहे।
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राकेश कुमार उर्फ बंटी के पिता 72 वर्षीय सेवानिवृत्त सेना कर्मी अरुण कुमार ने बताया कि राकेश उनके 7 बच्चों में से सबसे छोटा था। वह दो साल के लिए कतर में था और उसका वीजा कम वर्क परमिट जुलाई में पूरा होना था।
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28 फरवरी को उसकी शादी ज्योतिका से हुई थी। शादी के लिए वह आपातकालीन छुट्टी पर घर आया था और 12 अप्रैल को राकेश कुमार दोहा-कतर के सीएटी इंटरनेशनल के साथ अपनी नौकरी दोबारा शुरू करने के लिए चला गया था।
जुलाई में वीजा समाप्त होने पर घर लौटना था
वीजा की जरुरत नहीं
पिता ने बताया कि राकेश वहां एक्सकेलेटर ऑपरेटर के रूप में काम करता था। जुलाई में वीजा समाप्त होने पर उसे घर लौटना था। उन्होंने बताया कि उन्होंने पिछले शुक्रवार को फोन पर राकेश से बात की थी और उसके बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। उसका फोन बंद आ रहा है।
शनिवार को उसके साथ काम करने वाले अन्य लोगों ने उसकी मौत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राकेश शुक्रवार से गायब था और अगले दिन शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिला। राकेश के चचेरे भाई मनोज ने बताया कि उन्हें कंपनी के अधिकारियों ने शव को भारत भेजने के लिए कुछ कागजात और आवेदन पत्र भेजने को कहा था।
इसके बाद न तो भारतीय दूतावास और न ही कंपनी के अधिकारी जवाब दे रहे हैं। कल भी उन्होंने भारतीय दूतावास और कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की। उनके द्वारा दिए गए ई-मेल और वाट्सऐप नंबर पर संदेश भेजे, लेकिन किसी भी संदेश का जवाब नहीं दिया गया। परिवार ने अब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भारतीय दूतावास को लिखा है कि वे शव को जल्द भारत लाने में मदद करें।
शनिवार को उसके साथ काम करने वाले अन्य लोगों ने उसकी मौत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राकेश शुक्रवार से गायब था और अगले दिन शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिला। राकेश के चचेरे भाई मनोज ने बताया कि उन्हें कंपनी के अधिकारियों ने शव को भारत भेजने के लिए कुछ कागजात और आवेदन पत्र भेजने को कहा था।
इसके बाद न तो भारतीय दूतावास और न ही कंपनी के अधिकारी जवाब दे रहे हैं। कल भी उन्होंने भारतीय दूतावास और कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की। उनके द्वारा दिए गए ई-मेल और वाट्सऐप नंबर पर संदेश भेजे, लेकिन किसी भी संदेश का जवाब नहीं दिया गया। परिवार ने अब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भारतीय दूतावास को लिखा है कि वे शव को जल्द भारत लाने में मदद करें।