{"_id":"5de9f09c8ebc3e5477446abe","slug":"indian-army-practice-with-china-army-to-be-strong-against-terrorism","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चीन का मिला साथ, अब ‘हैंड इन हैंड’ से और घातक होगा आतंकवाद पर प्रहार, सेनाएं करेंगी अभ्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीन का मिला साथ, अब ‘हैंड इन हैंड’ से और घातक होगा आतंकवाद पर प्रहार, सेनाएं करेंगी अभ्यास
Fri, 06 Dec 2019 11:40 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 06 Dec 2019 11:40 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकवाद के खिलाफ भारत और चीन की सेनाएं अब मिलकर काम करेंगे और इससे आतंकियों के खिलाफ भारत का प्रहार और घातक होगा। विभिन्न राज्यों के अर्ध शहरी क्षेत्रों में व्याप्त आतंकवाद से और किस तरह प्रभावशाली ढंग से निपटा जाए, इसमें चीन सेना भी भारतीय सेना की मदद करेगी। इसके लिए काउंटर टेररिज्म को लेकर भारत और चीन की सेनाएं मिलकर काम करेंगी। इसी के मद्देनजर इंडियन और चीन आर्मी एक ज्वाइंट एक्सरसाइज करने जा रही है।
इस एक्सरसाइज को ‘हैंड इन हैंड’ का नाम दिया गया है। इसका मकसद यह है कि आतंकवाद के खिलाफ चीन और भारतीय सेनाएं हाथों में हाथ लेकर मजबूती के साथ लड़ेंगी। देखा जाए तो भारतीय सेनाएं इस वक्त देश के विभिन्न राज्यों के अर्ध शहरी इलाकों में व्याप्त आतंकवाद से जूझ रही हैं। घाटी हो या फिर नार्थ ईस्ट राज्य यहां आतंकवाद ने अपनी जड़ें फैला रखी हैं। जबकि मध्य भारत के कुछ राज्य नक्सलवाद से भी प्रभावित हैं। घाटी में भारतीय सेना का आतंक के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन जारी है। जबकि नार्थ ईस्ट राज्यों में भी सेनाएं पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
सेना अब आतंक के खिलाफ अपने ऑपरेशंस को और खतरनाक बनाना चाहती है। इसी सोच के साथ 7 दिसंबर से 20 दिसंबर तक इंडियन आर्मी चीन सेना के साथ संयुक्त अभ्यास करेगी। इस ज्वाइंट एक्सरसाइज के लिए मेघालय का उमराई सैन्य क्षेत्र को चुना गया है। जबकि पिछले साल इसी तरह की एक्सरसाइज चीन के चेंगू क्षेत्र में हुई थी। चौदह दिनों तक चलने वाली इस एक्सरसाइज के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच न केवल आतंकवाद से लड़ने की ज्वाइंट प्लानिंग पर चर्चा की जाएगी, बल्कि विभिन्न परिवेशों में आतंकी हमले का परिदृश्य तैयार कर उससे निपटने का अभ्यास भी होगा।
विज्ञापन
बताते चलें कि भारतीय सेना ने कुछ दिन पहले पुणे में श्री लंका के साथ भी ‘एक्स मितरा शक्ति’ नाम से ज्वाइंट एक्सरसाइज की थी, इसमें भी कांउटर टेररिज्म के खिलाफ इंडियन और श्रीलंका की फौज ने संयुक्त अभ्यास किया था।
विज्ञापन
इस एक्सरसाइज को ‘हैंड इन हैंड’ का नाम दिया गया है। इसका मकसद यह है कि आतंकवाद के खिलाफ चीन और भारतीय सेनाएं हाथों में हाथ लेकर मजबूती के साथ लड़ेंगी। देखा जाए तो भारतीय सेनाएं इस वक्त देश के विभिन्न राज्यों के अर्ध शहरी इलाकों में व्याप्त आतंकवाद से जूझ रही हैं। घाटी हो या फिर नार्थ ईस्ट राज्य यहां आतंकवाद ने अपनी जड़ें फैला रखी हैं। जबकि मध्य भारत के कुछ राज्य नक्सलवाद से भी प्रभावित हैं। घाटी में भारतीय सेना का आतंक के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन जारी है। जबकि नार्थ ईस्ट राज्यों में भी सेनाएं पूरी तरह से मुस्तैद हैं।
विज्ञापन
सेना अब आतंक के खिलाफ अपने ऑपरेशंस को और खतरनाक बनाना चाहती है। इसी सोच के साथ 7 दिसंबर से 20 दिसंबर तक इंडियन आर्मी चीन सेना के साथ संयुक्त अभ्यास करेगी। इस ज्वाइंट एक्सरसाइज के लिए मेघालय का उमराई सैन्य क्षेत्र को चुना गया है। जबकि पिछले साल इसी तरह की एक्सरसाइज चीन के चेंगू क्षेत्र में हुई थी। चौदह दिनों तक चलने वाली इस एक्सरसाइज के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच न केवल आतंकवाद से लड़ने की ज्वाइंट प्लानिंग पर चर्चा की जाएगी, बल्कि विभिन्न परिवेशों में आतंकी हमले का परिदृश्य तैयार कर उससे निपटने का अभ्यास भी होगा।
विज्ञापन
बताते चलें कि भारतीय सेना ने कुछ दिन पहले पुणे में श्री लंका के साथ भी ‘एक्स मितरा शक्ति’ नाम से ज्वाइंट एक्सरसाइज की थी, इसमें भी कांउटर टेररिज्म के खिलाफ इंडियन और श्रीलंका की फौज ने संयुक्त अभ्यास किया था।
नॉर्थ ईस्ट में आतंक का अलग मॉडयूल
नॉर्थ ईस्ट राज्यों में आतंक का मॉडयूल घाटी से अलग है। इन राज्यों में कई ‘वैली बेस्ड इंसर्जेंस ग्रुप’ और ‘इंटरनेशनल इंसर्जेंस ग्रुप’ सक्रिय हैं, जो विभिन्न मुद्दों को लेकर इन क्षेत्रों में आतंकवाद फैला रहे हैं। इसके अलावा इन राज्यों में अलगाववादी विद्रोही ग्रुप भी काफी ज्यादा सक्रिय हैं, जो क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की फिराक में रहते हैं।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में माहौल खराब करने वाले कई इंसर्जेंस ग्रुप ऐसे हैं, जिसे म्यंमार का भी समर्थन रहता है। इन राज्यों में सेना इस तरह के आतंकी व अलगाववादी संगठनों से लगातार जूझती रहती है। इसलिए चीन के साथ इंडियन आर्मी की ‘हैंड इन हैंड’ एक्सरसाइज के लिए नॉर्थ ईस्ट के मेघालय राज्य के उमराई क्षेत्र को चुना गया है, ताकि इस क्षेत्र में आतंक की चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय सेना के अभियानों को और प्रभावशाली बनाया जाए।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में माहौल खराब करने वाले कई इंसर्जेंस ग्रुप ऐसे हैं, जिसे म्यंमार का भी समर्थन रहता है। इन राज्यों में सेना इस तरह के आतंकी व अलगाववादी संगठनों से लगातार जूझती रहती है। इसलिए चीन के साथ इंडियन आर्मी की ‘हैंड इन हैंड’ एक्सरसाइज के लिए नॉर्थ ईस्ट के मेघालय राज्य के उमराई क्षेत्र को चुना गया है, ताकि इस क्षेत्र में आतंक की चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय सेना के अभियानों को और प्रभावशाली बनाया जाए।