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नई पीढ़ी के विमानों और हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए वायुसेना का बड़ा फैसला, ट्रेनिंग कोर्स से जुड़ा
Fri, 29 Nov 2019 09:48 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 29 Nov 2019 09:48 AM IST
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एयरफोर्स का हेलीकॉप्टर
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नई पीढ़ी के विमानों और हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए भारतीय वायुसेना ने बड़ा फैसला लिया है, जो ट्रेनिंग कोर्सों से जुड़ा है और इससे कई फायदे होंगे। इंडियन एयरफोर्स के टेट्रा स्कूलों में विमानों और हेलीकॉप्टरों के मेंटेनेंस संबंधी कोर्सों को अब अपग्रेड करने की तैयारी की जा रही है। इन कोर्सों में एडवांस मेंटेनेंस तकनीकों को शामिल कर प्रशिक्षणार्थियों को उससे लैस किया जाएगा।
इतना ही नहीं यहां प्रशिक्षणार्थियों के ट्रेनिंग इक्यूपमेंट्स को भी अपग्रेड किया जाएगा, ताकि आधुनिक उपकरणों के साथ प्रशिक्षार्थी यहां लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों की मेंटेनेंस ट्रेनिंग ले सकें। बताते चलें कि एयरफोर्स के ये टेट्रा स्कूल एक तरह से तकनीकी संस्थान हैं, जो एयरफोर्स के टेक्निकल फील्ड के अफसरों और एयरमैन को लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों के रखरखाव व उनकी संभाल संबंधी तकनीकी व इंजीनियरिंग ट्रेनिंग प्रदान करते हैं। ये टेट्रा स्कूल देश के कई एयरफोर्स स्टेशन परिसरों में चलाए जा रहे हैं।
इसी तरह उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण टेट्रा स्कूल चंडीगढ़ में भी मौजूद है। इन टेट्रा स्कूलों में प्रशिक्षणार्थियों की ट्रेनिंग विमानों के एयरफ्रेम, इंजन, एरोनॉटिक्स व आयुध सिस्टम इत्यादि तकनीकी चीजों पर आधारित होती है। टेट्रा स्कूलों में ट्रेनिंग संबंधी साजो-समान भी जैसे स्पेयर इंजन, एरोनॉटिक्स कम्पोनेंट्स एंड सब सिस्टम, वैपन सिस्टम, ट्रेनिंग ऐडस, मॉडल्स व लिटरेचर इत्यादि सामग्री मौजूद रहती है, जिसकी मदद से प्रशिक्षणार्थियों को ट्रेंड किया जाता है।
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इतना ही नहीं यहां प्रशिक्षणार्थियों के ट्रेनिंग इक्यूपमेंट्स को भी अपग्रेड किया जाएगा, ताकि आधुनिक उपकरणों के साथ प्रशिक्षार्थी यहां लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों की मेंटेनेंस ट्रेनिंग ले सकें। बताते चलें कि एयरफोर्स के ये टेट्रा स्कूल एक तरह से तकनीकी संस्थान हैं, जो एयरफोर्स के टेक्निकल फील्ड के अफसरों और एयरमैन को लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों के रखरखाव व उनकी संभाल संबंधी तकनीकी व इंजीनियरिंग ट्रेनिंग प्रदान करते हैं। ये टेट्रा स्कूल देश के कई एयरफोर्स स्टेशन परिसरों में चलाए जा रहे हैं।
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इसी तरह उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण टेट्रा स्कूल चंडीगढ़ में भी मौजूद है। इन टेट्रा स्कूलों में प्रशिक्षणार्थियों की ट्रेनिंग विमानों के एयरफ्रेम, इंजन, एरोनॉटिक्स व आयुध सिस्टम इत्यादि तकनीकी चीजों पर आधारित होती है। टेट्रा स्कूलों में ट्रेनिंग संबंधी साजो-समान भी जैसे स्पेयर इंजन, एरोनॉटिक्स कम्पोनेंट्स एंड सब सिस्टम, वैपन सिस्टम, ट्रेनिंग ऐडस, मॉडल्स व लिटरेचर इत्यादि सामग्री मौजूद रहती है, जिसकी मदद से प्रशिक्षणार्थियों को ट्रेंड किया जाता है।
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एयरफोर्स के बेड़े में कई नए विमान शामिल हुए
पिछले कुछ समय के दौरान एयरफोर्स के समक्ष जिस तरह की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं, उसके मद्देनजर एयरफोर्स अपने बेड़े में नवीनतन लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों को शामिल कर रहा है। हाल ही में चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर एयरफोर्स के बेड़े में शामिल हुआ है, जबकि अपना तेजस विमान भी अब एयरफोर्स के पास है।
इसी तरह अगले साल तक राफेल भी यहां एयरफोर्स के पास पहुंच जाएगा। हालांकि अभी इन विमानों व हेलीकॉप्टर के रखरखाव के लिए स्पेशल टेक्निकल विंग मौजूद हैं, लेकिन एयरफोर्स अपने इन तकनीकी संस्थानों में मौजूदा ट्रेनिंग कोर्सों व यहां सहायक उपकरणों को इस लिहाज से अपग्रेड करेगा, जो भविष्य में नई जेनरेशन के इन विमानों और हेलीकॉप्टरों की संभाल के लिए मददगार बन सकें। इसी विजन के साथ इन्हीं तकनीकी संस्थानों में अब प्रशिक्षार्थियों को विमानों व हेलीकॉप्टरों के रखरखाव की नवीनतम तकनीकी रुझानों पर आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एयर मार्शल बुटोला ने किया निरीक्षण
वीरवार को ट्रेनिंग कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल अरविंद्र सिंह बुटोला ने चंडीगढ़ स्थित एयरफोर्स केटेट्रा स्कूल का निरीक्षण किया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें सम्मान दिया गया। यहां एयर मार्शल ने नवीनतम पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर पर तकनीकी प्रकार के प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में स्कूल में उपलब्ध विभिन्न प्रशिक्षण और सहायक सुविधाओं का निरीक्षण किया। यहां उन्हें स्कूल में चल रहे विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के बारे में बताया गया। यहां उन्होंने यहां टेट्रा स्कूल के संस्थान एयर चीफ मार्शल डीए ला फोंटेन की प्रतिमा का लोकापर्ण भी किया। उन्होंने यहां प्रशिक्षार्थियों से बातचीत की और उनसे फीडबैक भी लिया।
इसी तरह अगले साल तक राफेल भी यहां एयरफोर्स के पास पहुंच जाएगा। हालांकि अभी इन विमानों व हेलीकॉप्टर के रखरखाव के लिए स्पेशल टेक्निकल विंग मौजूद हैं, लेकिन एयरफोर्स अपने इन तकनीकी संस्थानों में मौजूदा ट्रेनिंग कोर्सों व यहां सहायक उपकरणों को इस लिहाज से अपग्रेड करेगा, जो भविष्य में नई जेनरेशन के इन विमानों और हेलीकॉप्टरों की संभाल के लिए मददगार बन सकें। इसी विजन के साथ इन्हीं तकनीकी संस्थानों में अब प्रशिक्षार्थियों को विमानों व हेलीकॉप्टरों के रखरखाव की नवीनतम तकनीकी रुझानों पर आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एयर मार्शल बुटोला ने किया निरीक्षण
वीरवार को ट्रेनिंग कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल अरविंद्र सिंह बुटोला ने चंडीगढ़ स्थित एयरफोर्स केटेट्रा स्कूल का निरीक्षण किया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें सम्मान दिया गया। यहां एयर मार्शल ने नवीनतम पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर पर तकनीकी प्रकार के प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में स्कूल में उपलब्ध विभिन्न प्रशिक्षण और सहायक सुविधाओं का निरीक्षण किया। यहां उन्हें स्कूल में चल रहे विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के बारे में बताया गया। यहां उन्होंने यहां टेट्रा स्कूल के संस्थान एयर चीफ मार्शल डीए ला फोंटेन की प्रतिमा का लोकापर्ण भी किया। उन्होंने यहां प्रशिक्षार्थियों से बातचीत की और उनसे फीडबैक भी लिया।