ईबी 5 वीजा पर भारत-अमेरिका में बढ़ सकती है तनातनी, डोनाल्ड ट्रंप ले सकते कड़ा निर्णय
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भारत के साथ अमेरिका की ईबी 5 वीजा प्रक्रिया आगामी 7 दिसंबर के बाद बिगड़ सकती है। भारत-अमेरिका के बीच समझौते की मियाद 7 दिसंबर को खत्म हो रही है। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ईबी 5 वीजा की तारीख बढ़ाने को लेकर कड़ा निर्णय ले सकता है। इसकी वजह अपनी अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए ट्रंप प्रशासन अगले साल ईबी 5 वीजा में आवश्यक निवेश राशि में वृद्धि करने जा रहा है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकारवार्ता में यह बात युवा अमेरिकी कांग्रेसमैन आरॉन शॉक ने कही। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के इच्छुक निवेशकों के लिए आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अभी सबसे अच्छा अवसर हो सकता है। एजीवी अमेरिका इंवेस्टमेंट्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रम आदित्य कुमार ने कहा कि देश में डालरधारक करोड़पतियों की संख्या गत वर्ष की तुलना से 18 फीसदी बढ़कर करीब साढे़ तीन लाख हो गई है।
बावजूद इसके स्थिर अमेरिकी अर्थव्यवस्था, बेहतर शिक्षा और उन्नत जीवन शैली की आस में अमेरिका पलायन करने वाले भारतीयों की संख्या में एकाएक वृद्धि भी दर्ज हुई है। इसी कड़ी में ईबी 5 वीजा की अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए सबसे तेज और सुनिश्चित तरीका बना दिया है।
ये हैं ईबी 5 वीजा के आंकड़े
ईबी 5 वीजा आवेदकों के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है, जिसके बाद चीन, वियतनाम और दक्षिण कोरिया हैं। वर्ष 2013 में यह गिनती 86, साल 2014 में 99, साल 2015 में 239, साल 2016 में 348 और वर्ष 2017 में 567 रही है। भारतीयों में अधिकतर पंजाबी अमेरिका जाने के लिए प्रेरित रहा है।
इन्हें लिया गया था हिरासत में
अनुमति के बिना प्रवेश को रोकने के लिए अमेरिका में भारत सरकार ने दो इमीग्रेशन डिटेंनशन सेंटर के साथ संपर्क स्थापित किए हैं, जिसमें लगभग 100 भारतीयों, अधिकतर पंजाबियों को अवैध रूप से अमेरिका की दक्षिणी सीमा के रास्ते प्रवेश करने पर हिरासत में लिया गया है।
यह है ईबी-5 वीजा का प्रावधान
ईबी-5 वीजा में प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति 3.1 करोड़ रुपये से ज्यादा एकमुश्त निवेश करता है या 10 लोगों के लिए अमेरिका में नौकरियों का सृजन करता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर नागरिकता दे दी जाएगी। हर साल इस कोटे के तहत 10,000 वीजा दिए जाते हैं, जबकि एक साल में किसी भी देश के 700 से ज्यादा नागरिकों को वीजा नहीं दिया जा सकता। इस समय भारत के लोग इस प्रावधान के तहत दूसरे बड़े आवेदक हैं।