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वाड्रा को नोटिस देने के मामले में कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 29 Mar 2016 07:06 PM IST
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रॉबर्ट वाड्रा
- फोटो : file photo
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रॉबर्ट वाड्रा और कुछ अन्य के निर्देशन में चल रही स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड को हरियाणा कराधान व आबकारी विभाव की ओर से वैट वसूली का नोटिस जारी करने के खिलाफ कंपनी की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
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इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस एके मित्तल की डिवीजन बेंच ने विभाग को नोटिस जारी किया है। पूछा है कि क्यों न नोटिस पर रोक लगा दी जाए। विभाग को अगली सुनवाई तक नोटिस के अनुरूप कोई कार्रवाई न करने को भी कहा है।
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कंपनी ने सोमवार को याचिका दायर कर कहा था कि विभाग की ओर से उसे नोटिस जारी किया कि कंपनी वैट असेसमेंट पर जवाब दे। इस याचिका पर सुनवाई मंगलवार को हुई। कंपनी के प्रतिनिधि अमित मेहता ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट को अवगत कराया कि कंपनी के पास पहले 3.53 एकड़ जमीन थी, जिसमें से उसने कुछ जमीन 2012 में डीएलएफ को बेच दी थी।
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इस पर आबकारी और कराधान विभाग ने नोटिस भेज कर कहा कि स्काई लाइट कंपनी ने अपना लाइसेंस डीएलएफ को बेचा है, लिहाजा उसे वैट अदा करना होगा। कंपनी ने याचिका में कहा है कि केवल जमीन डीएलएफ को बेची गई न कि लाइसेंस। लाइसेंस केवल ट्रांसफर किया गया और वह भी पूरी फीस अदा करके, लिहाजा वैट वसूली का सवाल नहीं उठता।
याचिका में यह भी बताया गया कि विभाग से कुछ जरूरी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन जो दस्तावेज मुहैया कराए गए, उनमें वह जानकारी नहीं है जिससे वह वैट के नोटिस का जवाब दे पाए।
याचिका में कहा गया कि एक्साइज विभाग उसको नोटिस भेजकर वेट असेंसमेंट पर जानकारी मांग रहा है। इस संबंध में विभाग को मांग पत्र देकर पूछा था कि वैट की मांग किस आधार पर की गई, लेकिन विभाग ने उनको कोई जानकारी नही दी। विभाग ने कंपनी को 28 मार्च तक वैट असेसमेंट देने को कहा था।
कंपनी ने हाईकोर्ट से विभाग के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि पहले लोकसभा और बाद में हरियाणा की विधानसभा के चुनाव में कंपनी के एक निदेशक पर राजनीति से प्रेरित होकर आरोप लगाए गए थे और अब इसी की कारण यह नोटिस जरी किया गया है।