कोरोना ने ली दिग्गज की जान: आजाद हिंद फौज के सिपाही ललती राम का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक
स्वतंत्रता सेनानी स्व.ललती राम के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने ट्वीट करते हुए वीर सिपाही को सलाम किया और शोक जताया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के झज्जर जिले के गांव दूबलधन निवासी आजाद हिंद फौज के सिपाही और स्वतंत्रता सेनानी समिति के चेयरमैन रहे ललती राम रविवार को कोरोना से जंग हार गए। करीब 100 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी ने अल-सुबह अंतिम सांस ली। गांव दूबलधन में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ललती राम को कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम विदाई दी गई।
स्वतंत्रता सेनानी स्व.ललती राम के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने ट्वीट करते हुए वीर सिपाही को सलाम किया और शोक जताया। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करे।
गौरतलब है कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस की सेना में सिपाही रहे स्वतंत्रता सेनानी ललती राम का जन्म 01 जनवरी 1921 को दूबलधन गांव में हुआ। जीवन काल में अलग-अलग समय में राष्ट्रपति सहित अन्य महान शख्सियतों ने भी ललती राम को सम्मानित कर उनका मान बढ़ाया।
Saddened by the demise of INA veteran Lalti Ram Ji. His courage and contributions to India’s freedom struggle will never be forgotten. I recall my interactions with him. Greats like him have left an indelible mark on India’s history.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2021
आजाद हिंद फौज की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर हुए मुख्य कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा भी किया था। ललती राम हरियाणा स्वतंत्रता सेनानी समिति के चेयरमैन भी रहे। सिंगापुर और हांगकांग की जेल में भी रहे दूबलधन गांव निवासी आजाद हिंद फौज के वीर सिपाही ललती राम को आइएनए में रहते हुए बहादुरी के लिए तीन मेडल मिले थे।
आजाद हिंद फौज के सिपाही स्वतंत्रता सेनानी श्री ललती राम जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करें। pic.twitter.com/hYKMsE5Yv5— Manohar Lal (@mlkhattar) May 9, 2021
वे अंबाला, सिंगापुर, हांगकांग, थाईलैंड, जापान, कोलकाता (जगरकचा) जेल में भी रहे। ललती राम के परिवार से पांच बेटे पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए देश सेवा की भावना से ओतप्रोत होकर सेना में भर्ती हुए। बाद की पीढ़ी की बात हो तो 9 पौत्रों में से 5 पौत्र फौज में है व एक पौत्री पुलिस में है। रविवार को गांव दूबलधन में कोविड प्रोटोकॉल के तहत बीडीपीओ बेरी रामकरण शर्मा व डीएसपी राहुल देव ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर लिखा-आईएनए के दिग्गज लालती राम जी के निधन से दुखी हूं। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके साहस और योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। मुझे उनके साथ अपनी बातचीत याद है। उनके जैसे महान लोगों ने भारत के इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है।