फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   In the matter of harassment of children in child welfare institutions,High Court has taken Cognition

बाल कल्याण संस्थानों में बच्चों के यौन उत्पीड़न मामले में हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

Sun, 16 Sep 2018 03:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 16 Sep 2018 03:59 PM IST
विज्ञापन
In the matter of harassment of children in child welfare institutions,High Court has taken Cognition
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
बाल कल्याण संस्थानों में बच्चों के यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन सभी संस्थानों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में पंजीकृत व गैर पंजीकृत संस्थानों की सूची तैयार करने और फिर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को इन सभी का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। दोनों सरकार और यूटी प्रशासन को हाईकोर्ट ने कड़ी हिदायत देते हुए नियमों की उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में खाली पदों से जुड़ा है। इन्हें भरने के लिए 'बचपन बचाओ' आंदोलन ने याचिका दाखिल की थी। याचिका का निपटारा करते हुए इन्हें भरने के आदेश दिए गए थे। आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई चल रही है। इस मामले में एमिक्स क्यूरी बनाए गए एडवोकेट ने सुनवाई के दौरान बाल कल्याण संस्थानों में यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लगातार अखबारों में ऐसी घटनाएं प्रकाशित हो रही हैं। 
विज्ञापन


इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। ऐसे संस्थानों की निगरानी और रेगुलर निरीक्षण किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि इसका जिम्मा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड का है। ऐसे में दोनों राज्य व चंडीगढ़ उनके अधिकार क्षेत्र में मौजूद सभी पंजीकृत व गैर पंजीकृत संस्थानों की सूची तैयार करें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन साल में 425 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण

In the matter of harassment of children in child welfare institutions,High Court has taken Cognition
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी खुद जाकर इन सब का निरीक्षण करें और देखें कि कोई खामी न हो। इसके बाद अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपे। राज्य सरकार इस रिपोर्ट के अनुसार जहां नियमों का पालन न हो रहा हो और जहां संस्थान मानकों के अनुरूप न हो वहां नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर तीनों को एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।

इसी बीच हरियाणा सरकार ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी चेयरमैन के 22 में से 11 तथा सदस्यों के 88 में से 67 पद भरे जा चुके हैं। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सदस्यों के 44 में से 34 पद भरे जा चुके हैं। वहीं पंजाब सरकार ने बताया कि प्रदेश के सभी 22 जिलों में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी तथा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सदस्यों व चेयरमैन की नियुक्ति कर दी गई है। इस पर हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई तक सभी पदों को भरकर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी कर दिए हैं।

एक आंकड़े के मुताबिक तीन साल में ट्राइसिटी के 425 से ज्यादा बच्चों के यौन शोषण के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें अकेले चंडीगढ़ के करीब 240 बच्चे हैं। मोहाली के करीब 108 बच्चे हैं। बाकी पंचकूला के। विशेषज्ञ बताते हैं कि ये तो वे मामले हैं, जो पुलिस में रिपोर्ट हुए हैं। इनके अलावा ऐसे कई मामले होंगे, जो पुलिस तक नहीं पहुंचे होंगे। 

ऐसे मामलों को रोकने का एक यह भी तरीका है कि बच्चों को यौन शोषण के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे बता सके कि उनके साथ कोई गलत हरकत कर रहा है। हर स्कूल में सेक्स एजुकेशन अनिवार्य कर देनी चाहिए। पेरेंट्स और टीचर को भी समय-समय पर जागरूक करें।

चर्चित केस
22 अप्रैल 2014 को पुलिस ने बाल निकेतन के सुपरवाइजर मुकेश कुमार को कई लड़कियों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में उसे सात साल की सजा हुई।
13 मई 2015 को पुलिस ने 23 साल के एक बस कंडक्टर को गिरफ्तार किया था। प्राइवेट स्कूल के बस कंडक्टर पर पांच साल की एक बच्ची से छेड़खानी के आरोप लगे थे। उसे पांच साल की सजा हो चुकी है। 11 जुलाई 2015 में पुलिस ने जुल्फिकार को गिरफ्तार किया था। उन पर कई बच्चों के शोषण का आरोप लगा था। बाद में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed