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दड़वा में सातवीं कक्षा के छात्र ने चुन्नी से फंदा लगाकर दी जान
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चंडीगढ़। दड़वा गांव स्थित एक मकान में सातवीं कक्षा के छात्र ने चुन्नी से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्र के लैपटॉप में अलग-अलग वीडियो गेम मिली है। इसके आधार पर पुलिस जांच में जुटी है। महज 12 साल की उम्र में यश ठाकुर ने फंदा किन कारणों से लगाया है, फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो सका है। दड़वा चौकी पुलिस ने 174 सीआरपीसी के तहत मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
मामला मंगलवार रात करीब 8.30 बजे का है। यश ठाकुर दड़वा गांव में अपनी मां के साथ रहता था, जबकि उसके पिता पिछले करीब सात साल से चेन्नई में रहते हैं। यश मोहाली स्थित एक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। मंगलवार दोपहर यश की मां ममता पंचकूला के सेक्टर-8 स्थित अपने काम पर चली गई। इस दौरान यश घर पर अकेला था। देर शाम जब छुट्टी के बाद ममता वापस लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद पाया। उन्होंने दरवाजा खटखटा कर बेटे यश को कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। इसके बाद दरवाजा तोड़कर लोग कमरे तक पहुंचे। इस दौरान सभी के होश उड़ गए। यश अपने कमरे में बने रोशनदान पर चुन्नी के सहारे लटका हुआ था। यह सब देख यश की मां ममता बेहोश हो गई। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर दड़वा चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर परविंदर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और यश को जीएमसीएच-32 पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने खंगाला लैपटॉप और कॉपी किताब
घटना के बाद पुलिस को शुरुआती जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने यश की कॉपी किताब समेत उसका लैपटॉप खंगाला, तो उसमें कुछ अलग-अलग कार रेसिंग समेत अन्य वीडियो गेम डाउनलोड मिले। पुलिस मानकर चल रही है कि आत्महत्या करने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन वजह अभी साफ नहीं है। वहीं, पुलिस का कहना है कि शव को अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है, जहां कोविड-19 की रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। रिपोर्ट के बाद आत्महत्या करने के असल कारणों का पता चल सकेगा।
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ज्यादातर घर में ही रहता था यश
यश की मां ममता का कहना है कि काम से लौटने पर रोजाना यश पहली घंटी पर घर का दरवाजा खोल देता था, लेकिन मंगलवार को उसने ऐसा नहीं किया। उसकी आदत हमेशा से घर पर रहने की थी, वह घर के बाहर कम ही निकलता था। वहीं, यश के फंदा लगाने पर पड़ोसी समेत उसके रिश्तेदारों को भी यकीन नहीं है कि उसने ऐसा क्यों किया है, जबकि वह पढ़ाई में काफी होशियार था। फिलहाल, पुलिस ने परिजनों के बयान पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फंदा लगाने के हो सकते हैं कई कारण
पीजीआई के मनोवैज्ञानिक डॉ. सुबोध का कहना है कि बच्चे के फंदा लगाने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें चिड़चिड़ापन, अपनों से दूर, मानसिक तनाव, उनकी बातों का न मानना समेत और कई वजह हो सकती हैं,। लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इस तरह की होने वाली घटनाओं को पहले से रोका जा सकता है।
1- बच्चों को कभी अकेला महसूस न होने दें
2- उसकी बातों को ध्यान से सुनने की कोशिश करें
3- छोटी छोटी बातों पर बच्चे हमेशा जिद करते हैं, डांटे नहीं प्यार से समझाएं
4- मानसिक तनाव के लक्षण आने पर नजदीकी डॉक्टर से चेकअप कराएं
5- जिस फील्ड में बच्चा कैरियर बनाना चाहता है, उसको उसी फील्ड की पढ़ाई करवाएं।
6- सुबह-शाम अपने बच्चों के साथ समय व्यतीत करें
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मामला मंगलवार रात करीब 8.30 बजे का है। यश ठाकुर दड़वा गांव में अपनी मां के साथ रहता था, जबकि उसके पिता पिछले करीब सात साल से चेन्नई में रहते हैं। यश मोहाली स्थित एक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। मंगलवार दोपहर यश की मां ममता पंचकूला के सेक्टर-8 स्थित अपने काम पर चली गई। इस दौरान यश घर पर अकेला था। देर शाम जब छुट्टी के बाद ममता वापस लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद पाया। उन्होंने दरवाजा खटखटा कर बेटे यश को कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। इसके बाद दरवाजा तोड़कर लोग कमरे तक पहुंचे। इस दौरान सभी के होश उड़ गए। यश अपने कमरे में बने रोशनदान पर चुन्नी के सहारे लटका हुआ था। यह सब देख यश की मां ममता बेहोश हो गई। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर दड़वा चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर परविंदर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और यश को जीएमसीएच-32 पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस ने खंगाला लैपटॉप और कॉपी किताब
घटना के बाद पुलिस को शुरुआती जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने यश की कॉपी किताब समेत उसका लैपटॉप खंगाला, तो उसमें कुछ अलग-अलग कार रेसिंग समेत अन्य वीडियो गेम डाउनलोड मिले। पुलिस मानकर चल रही है कि आत्महत्या करने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन वजह अभी साफ नहीं है। वहीं, पुलिस का कहना है कि शव को अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है, जहां कोविड-19 की रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। रिपोर्ट के बाद आत्महत्या करने के असल कारणों का पता चल सकेगा।
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ज्यादातर घर में ही रहता था यश
यश की मां ममता का कहना है कि काम से लौटने पर रोजाना यश पहली घंटी पर घर का दरवाजा खोल देता था, लेकिन मंगलवार को उसने ऐसा नहीं किया। उसकी आदत हमेशा से घर पर रहने की थी, वह घर के बाहर कम ही निकलता था। वहीं, यश के फंदा लगाने पर पड़ोसी समेत उसके रिश्तेदारों को भी यकीन नहीं है कि उसने ऐसा क्यों किया है, जबकि वह पढ़ाई में काफी होशियार था। फिलहाल, पुलिस ने परिजनों के बयान पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फंदा लगाने के हो सकते हैं कई कारण
पीजीआई के मनोवैज्ञानिक डॉ. सुबोध का कहना है कि बच्चे के फंदा लगाने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें चिड़चिड़ापन, अपनों से दूर, मानसिक तनाव, उनकी बातों का न मानना समेत और कई वजह हो सकती हैं,। लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इस तरह की होने वाली घटनाओं को पहले से रोका जा सकता है।
1- बच्चों को कभी अकेला महसूस न होने दें
2- उसकी बातों को ध्यान से सुनने की कोशिश करें
3- छोटी छोटी बातों पर बच्चे हमेशा जिद करते हैं, डांटे नहीं प्यार से समझाएं
4- मानसिक तनाव के लक्षण आने पर नजदीकी डॉक्टर से चेकअप कराएं
5- जिस फील्ड में बच्चा कैरियर बनाना चाहता है, उसको उसी फील्ड की पढ़ाई करवाएं।
6- सुबह-शाम अपने बच्चों के साथ समय व्यतीत करें