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गुरुकुल में बड़ी संख्या में छात्रों का यौन शोषण, मुंह बंदकर कपड़े उतार डंडों से होती है पिटाई

Tue, 28 Aug 2018 09:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 28 Aug 2018 09:28 AM IST
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in rohtak gurukul A large number of sexual abuse with students
प्राइवेट पार्ट - फोटो : अमर उजाला

पांच छात्रों से यौन उत्पीड़न पर गुस्साए अभिभावकों ने सोमवार को करीब चार घंटे गुरुकुल के बाहर हंगामा किया। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने गुरुकुल के सभी छात्रों के साथ ही पीड़ित छात्रों से अलग से बात की। इस दौरान यौन शोषण का एक और पीड़ित छात्र मिला। सामने आया कि गुरुकुल में बड़ी संख्या में छात्रों का यौन शोषण हो रहा है और मुंह बंद रखने के लिए उनके कपड़े उतार कर डंडों से पीटा जाता है। समिति ने फिलहाल पीड़ित बच्चों की संख्या बताने से इनकार कर दिया है। इस दौरान 30 विद्यार्थियों के माता-पिता उन्हें गुरुकुल से लेकर चले गए। साथ ही समिति ने जूनियर विद्यार्थियों के साथ यौन शोषण करने के आरोपी पांच सीनियर विद्यार्थियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया। एक आरोपी छात्र गुरुकुल से भागकर अपने घर चला गया था, उसे भी बोर्ड के पास भेजा जाएगा। अपने बच्चों के साथ हुए दुराचार पर अभिभावकों ने प्रशासन को कोसा और दोषी सीनियर छात्रों, शिक्षकों और गुरुकुल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान गुरुकुल के प्रिंसिपल नदारद रहे।

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यौन उत्पीड़न मामले की जांच करने के लिए सीडब्ल्यूसी टीम दोपहर करीब दो बजे गुरुकुल पहुंची, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन डा. राज सिंह सांगवान के सख्ती करने पर आखिर गुरुकुल संस्थापक से मुलाकात हुई। इसके बाद सीडब्ल्यूसी की जांच शुरू हुई। इसके बाद समिति चेयरमैन ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से पूछताछ शुरू की। इस दौरान स्कूल के सभी बच्चों से सामूहिक तौर पर पूछताछ और काउंसिलिंग की गई। जिसमें कई और बच्चों के साथ यौन शोषण किया जाना सामने आया। साथ ही उन्हें डंडे से पीट जाना भी बताया गया। इसके बाद पीड़ित बच्चों की अलग से काउंसिलिंग की गई। पीड़ित बच्चों ने कई और बच्चों के साथ यौन शोषण होने की बात कही है। 
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दोपहर करीब तीन बजे पीड़ित बच्चों के साथ ही अन्य बच्चों के परिजन भी गुरुकुल पहुंच गए। इससे पहले अभिभावक शिकायत लेकर उपायुक्त कार्यालय गए थे, जहां से उन्हें सीडब्ल्यूसी कार्यालय भेजा गया था। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन के जांच के लिए गुरुकुल आने पर अभिभावक भी वहां पहुंच गए थे। यहां पर सुबह से भी कुछ अभिभावक मौजूद थे, जिन्हें उनके बच्चों से गुरुकुल प्रबंधन मिलने नहीं दे रहा था। इतने में हंगामा शुरू हो गया। पुलिस भी पहुंच गई। अभिभावकों व पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। अभिभावकों ने गुरुकुल प्रशासन पर बच्चों के साथ ज्यादती किए जाने व जानबूझकर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्हें शांत करने के लिए सदर थाना प्रभारी मंजीत सिंह वहां पहुंचे, लेकिन अभिभावकों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। शाम करीब साढ़े छह बजे तक अभिभावक हंगामा करते रहे। गुस्साए अभिभावकों को देख गुरुकुल प्रशासन ने दरवाजे पर ताला लगा दिया। इससे भड़के अभिभावकों ने दरवाजे को धक्का देकर खोलने का प्रयास किया। दूसरी तरफ पुलिस व गुरुकुल कर्मचारियों ने दरवाजा बंद करने के लिए जोर लगाया।
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पड़ताल के बाद ही बता सकेंगे कितने और बच्चे हैं यौन शोषण का शिकार : सीडब्ल्यूसी चेयरमैन

सीडब्ल्यूसी चेयरमैन डा. राज सिंह सांगवान ने कहा कि गुरुकुल में कई और छात्रों के साथ भी यौन शोषण होना सामने आया है। सभी छात्रों से फिलहाल सामूहिक तौर पर बात की गई थी। अभी काउंसिलिंग के अन्य सेशन भी होंगे और पड़ताल भी जारी है। पड़ताल पूरी होने के बाद ही पीड़ित बच्चों की कुल संख्या निकलकर सामने आ सकेगी। गुरुकुल को नोटिस जारी किया जा रहा है। गुरुकुल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई सहयोग नहीं किया गया है। इसके साथ ही गुरुकुल के संबंधित सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। काउंसिलिंग के दौरान एक और पीड़ित छात्र मिला है, जिसने अपनी चोट दिखाई।

- छात्रों ने सीडब्ल्यूसी सदस्यों को दिखाए मारपीट के निशान
सीडब्ल्यूसी के सामने पीड़ित बच्चों व उनके अभिभावकों ने काउंसिलिंग में उत्पीड़न के बाद शिकायत करने पर दिए गए जख्मों के निशान दिखाए। कमर व उससे निचले हिस्से पर बने गहरे नीले निशान देख समिति के सदस्य भी दहल गए।

 गुरुकुल में शारीरिक शोषण पर बोले मंत्री धनखड़
शिक्षण संस्थान में छात्रों के साथ हुए शारीरिक शोषण के मसले पर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ कहा कि किसी इंसान की मानवीय गिरावट को किसी संस्थान से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। कोई भी संस्थान समाज के हित के लिए कामकरता है। उसे किसी मानवीय दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। मंत्री यहां विकास सदन में सोमवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक करने आए थे।

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