पूछताछ मे खुलासा: संजीव ने फोन कर पूछी थी लोकेशन, एक घंटे बाद ही हो गई थी सुरजीत बाउंसर की हत्या
चंडीगढ़ में हुए चर्चित सुरजीत बाउंसर हत्याकांड मामले में पुलिस ने संजीव महाजन से पूछताछ की। इस दौरान कई अहम खुलासे भी हुए। वहीं सुरजीत और संजीव महानज के दो दोस्तों को भी पुलिस ने रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया है।
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सुरजीत हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए रिमांड पर लिए गए संजीव महाजन से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुरजीत की हत्या से करीब एक घंटे पहले संजीव मलोया थाने में बैठा था। इस दौरान उसने सुरजीत को कई बार फोन कर उसकी लोकेशन पूछी थी। इसके कुछ ही देर बाद सुरजीत की हत्या मलोया थाने के इलाके में आने वाले सेक्टर 38 वेस्ट चौक पर कर दी गई थी।
हत्या के बाद सबसे पहले मौके पर संजीव महाजन पहुंचा था। हालांकि, पूछताछ के दौरान उसने हत्या से इनकार किया है। पुलिस इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि आखिर संजीव सुरजीत की लोकेशन क्यों पूछ रहा था। हत्या से एक घंटे पहले उसकी क्या बातचीत हुई। वहीं, मलोया थाने में संजीव महाजन से करीब 3 घंटे में पुलिस ने 60 सवाल पूछे। हर सवाल के जवाब में महाजन ने यही कहा कि उसे फंसाया गया है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि संजीव महाजन को सुरजीत बाउंसर के करीब 43 लाख रुपये देने थे। इनमें से चार लाख रुपये संजीव दे चुका था। बाकी पैसों को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। सुरजीत की पत्नी ने भी यही शक जताया था कि पैसे के विवाद में उसके पति की हत्या की जा सकती है।
पुलिस उस दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत कर कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। सेक्टर 38 में हुई सुरजीत बाउंसर की हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने संजीव महाजन को शुक्रवार को दो दिन के रिमांड पर लिया था।
सुरजीत की पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में संजीव महाजन पर शक जताया था। सुरजीत और संजीव अच्छे दोस्त थे। साथ में फाइनेंस का काम करते थे। सेक्टर 37 की कोठी पर कब्जा करने और कोठी में रहने वाले राहुल मेहता को प्रताड़ित करने में दोनों शामिल थे।
करीब सवा साल पहले सेक्टर 38 में सुरजीत की हत्या कर दी गई थी। सुरजीत की हत्या किसने और किस इरादे से की थी, इस बारे में आज तक पता नहीं चल पाया है। पूछताछ के बाद संजीव महाजन को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
दो दोस्तों को पूछताछ के लिए आज बुलाया
सुरजीत बाउंसर और संजीव महाजन के दो खास दोस्तों को पुलिस ने रविवार का समन भेजा है। पुलिस अब इन दोनों से पूछताछ करेगी कि संजीव महाजन और सुरजीत बाउंसर के बीच दोस्ती कैसे विवाद में बदल गई। सुरजीत की हत्या में क्या लिंक हो सकता है।
महाजन का दोनों शूटर से लिंक तलाश रही पुलिस
जांच में सामने आया है कि शूटर नीरज उर्फ चस्का व दीपक उर्फ मान ने ही सुरजीत बाउंसर को गोलियां मारी थीं। इन दोनों शूटर ने पिछले साल सोपू नेता गुरलाल बराड़ को भी उसी अंदाज से गोली मारी थी, जिस तरह से सुरजीत की हत्या की थी।
पुलिस ने संजीव से दोनों शूटरों के बारे में भी पूछा। इस पर संजीव ने कहा कि वह एक क्राइम रिपोर्टर है और वह कई अपराधियों को जानता है। इसका मतलब यह नहीं है कि सुरजीत की हत्या करवा देगा। पुलिस अब मोबाइल डिटेल के जरिए इन शूटर और संजीव महाजन का लिंक तलाश रही है।
पुलिस ने संजीव महाजन से पूछे ये सवाल
पुलिस- सुरजीत से क्या रिश्ता है, कौन है तुम्हारा ?
महाजन- दोस्त था, पिछले काफी समय से उसे जानता हूं।
पुलिस- सुरजीत की हत्या किसने की?
महाजन- इसके बारे में नहीं पता, मेरा कोई हाथ नहीं है।
पुलिस- फिर सुरजीत को हत्या से पहले बार-बार फोन क्यों किया?
महाजन- उसे काफी सालों से जानता हूं, दोस्त था, उसे अक्सर फोन करता रहता था।
पुलिस- सुरजीत की हत्या से पहले मलोया थाने में क्या काम था?
महाजन- रूटीन था, जैसे बाकी थाने में जाता था, वैसे ही मलोया में गया था।
पुलिस- सुरजीत की हत्या होते ही तुम्हें सबसे पहले कैसे पता चला?
महाजन- सोर्श ने बताया था, इसलिए मौके पर पहले पहुंचा था। वह मेरा दोस्त था, इसलिए गया था।
पुलिस- तुमने सुरजीत की हत्या नहीं की तो किसने की?
महाजन- बताया तो मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, झूठा फंसाया गया है।
पुलिस- सुरजीत की पत्नी ने तो कहा पैसों के विवाद को लेकर धमकी दी गई थी?
महाजन- मामूली विवाद था, भला मैं क्यों उसे पैसों के लिए मारूंगा।