सरस्वती नदी की उत्पत्ति में नई रुकावट आई सामने
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सरस्वती नदी के प्रवाह क्षेत्र में लगातार चल रही खुदाई के दौरान अब अवैध कब्जे रोड़ा बनते नजर आ रहे हैं। नदी के प्रवाह क्षेत्र के आस पास करीब 350 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे हैं।
नदी की खुदाई का कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए तीन गांवों के 96 व्यक्तियों को प्रशासन नोटिस जारी करने जा रहा है। सेटेलाइट चित्रों के मुताबिक नदी का बहाव क्षेत्र आदिबद्री से आरंभ होकर बिलासपुर के विभिन्न इलाकों से होता हुआ आगे बढ़ रहा है।
जिला प्रशासन सेटेलाइट चित्रों के आधार पर ही सरस्वती की खुदाई में जुटा हुआ है। खुदाई का पहले चरण का कार्य चल रहा है। इसके तहत करीब 25 किलोमीटर की खुदाई की जानी है।
अभी तक प्रशासन करीब सात किलोमीटर की खुदाई का कार्य पूरा कर चुका है। पहले चरण में ही प्रशासन के समक्ष सरस्वती को अतिक्रमण से मुक्त करवाने की चुनौती है।
राजस्व रिकॉर्ड में जमीन सरस्तवी के नाम
बिलासपुर के रामपुर कोंबयान, रामपुर हेड़ियान और छिलौर गांव में कई लोगों ने नदी के बहाव क्षेत्र में अवैध कब्जे कर रखे हैं। अवैध कब्जे हटवाए बिना खुदाई का कार्य पूरा नहीं हो सकता। जिला प्रशासन ने अवैध कब्जा करने वालों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। डीडीपीओ की ओर से 96 व्यक्तियों को नोटिस भिजवाए जा रहे हैं।
राजस्व रिकार्ड में जो जमीन सरस्वती नदी के नाम से दर्ज है, उस पर काफी लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। ये कब्जे रामपुर कांबोयान, रामपुर हेड़ियान और छिलौर गांव में किए गए हैं। डीडीपीओ की ओर से इन लोगों को नोटिस भिजवाया जा रहा है। यदि लोगों ने अवैध कब्जे नहीं हटवाए तो प्रशासन खुद कब्जा हटवाएगा।
नरेंद्र, बीडीओ, बिलासपुर