पंजाब में गैर कानूनी तरीके से बसी कालोनियां होंगी रेगुलर, सिर्फ इतनी बार मिलेगा मौका
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राज्य में गैर कानूनी तरीके से बसी कालोनियों व प्लॉटों को रेगुलर करने संबंधी एक नई पॉलिसी बनाई गई है। इस पॉलिसी को सरकार द्वारा गुरुवार को नोटिफाई कर दिया गया है। उम्मीद है कि इस पालिसी से जहां इलाके में बढ़िया तरीके से विकास होगा, वहीं, लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल पाएंगी। विभाग के मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से उक्त पॉलिसी उन कालोनाइजर व प्लॉट होल्डरों के लिए तैयार की गई है। जो कि पहले तैयार की गई नीतियों में अपने निर्माण को रेगुलर नहीं कर पाए थे। साथ ही इस दौरान गत पॉलिसी के अधीन पेंडिंग पड़ी अर्जियों का निपटारा कर उन्हें नोटिफाई किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उक्त पॉलिसी के अधीन 19 मार्च 2018 से पहले विकसित हुई कालोनियों को रेगुलर किया जाएगा। वहीं, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह गैर कानूनी तरीके से बसी कालोनियों में प्लॉट न खरीदे।
लोगों को मिलेगा सिर्फ एक की मौका
नई पालिसी के तहत गैर कानूनी कालोनियों को रेगुलर करने के लिए एक मौका ही दिया जाएगा। भविष्य में ऐसी कोई नई पॉलिसी लागू नहीं की जाएगी। वहीं, विभाग का कहना है कि जो लोग नियमित समय में अपनी कालोनियों या प्लॉटों को रेगुलर नहीं करवाएंगे। साथ ही जो भविष्य में गैर कानूनी तरीके से कालोनियां का विकास करेंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग की तरफ से फिल्ड स्टाफ को आदेश दिए हैं कि गैर कानूनी कालोनियों के निर्माण की हकीकत पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे मामले सामने आते है तो अफसरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
ऑनलाइन सुविधा बैंकों व सेवा केंद्रों में भी
विभाग की अतिरिक्त सचिव विन्नी महाजन ने कहा कि कालोनियों को रेगुलर करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अफसरों की टीमों का गठन किया जाएगा। रेगुलराइजेशन के लिए डेवलपर या रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन अर्जी दे सकती है। विभाग ऑनलाइन अर्जियां जमा करने की सहूलियत भी देगा। ऑनलाइन अर्जियां विभाग की वेबसाइट से हासिल की जा सकती हैं। वहीं, यह सुविधा जिलों के अलग अलग सेवा केंद्रों में भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक की शाखाओं में अर्जियां प्राप्त की जाएगी। बैंकों और सेवा केंद्रों से अर्जियां संबंधित विभाग को जाएगी।
इन जगह पर यह पॉलिसी रेगुलर नहीं होगी
नोटिफाई पॉलिसी पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट 1952 अधीन म्यूनिसिपल सीमा समेत पूरे पंजाब में लागू होगी। हालांकि यह नीति पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट 1932 अधीन बाकी रहते एरिया में लागू नहीं होगी। यह पालिसी उन कालोनी पर लागू नही होगी जहां पर अपार्टमेंट बनाए गए हों।