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बड़ी राहत: दो एकड़ से कम क्षेत्र वाली अवैध कॉलोनियां भी हो सकेंगी वैध, सरकार ने आवेदन की तारीख भी बढ़ाई

Wed, 12 Apr 2023 12:18 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 12 Apr 2023 12:18 AM IST
सार

अवैध कॉलोनियों के निवासियों को राहत देते हुए सरकार ने खाली प्लॉटों पर विकास शुल्क 10 से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही बने हुए मकानों पर विकास शुल्क पांच प्रतिशत रहेगा। यह शुल्क संबंधित क्षेत्र कृषि योग्य भूमि के कलेक्टर रेट पर देय होंगे।

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Illegal colonies with less than two acres area will be regularized in Haryana
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

2024 के चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने राज्य में निकाय क्षेत्र से बाहर पनपी अवैध कालोनियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने बड़ी वैध कॉलोनियों के साथ लगती छोटी अवैध कॉलोनियों के लिए कम से कम 2 एकड़ क्षेत्र की शर्त हटा ली है। अब ये छोटी कॉलोनियां भी वैध हो सकेंगी, जिनकी बड़ी कॉलोनियों के साथ अप्रोच रोड लगती है। हालांकि, अकेली कॉलोनी के लिए 2 एकड़ क्षेत्र की शर्त बरकरार रहेगी। साथ ही सरकार ने वैधता के लिए आवेदन करने की तिथि बढ़ाकर 14 जुलाई कर दी है। इस संबंध में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने सभी डीसी को पत्र भेजा है। 

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सरकार ने यह छूट गठित एक कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दी है। सरकार ने चार अक्तूबर 2022 को कमेटी का गठन किया था। पत्र में कहा गया है कि सरकार ने माना कि 19 जुलाई 2022 को जारी की गई पॉलिसी में कुछ क्लाज और मानदंड काफी सख्त हैं, जो पॉलिसी को लागू करने में बाधा बन रहे हैं। इसलिए सरकार ने कई छूट दी हैं। नए फैसले के तहत अब कॉलोनी को वैध करने के लिए आरडब्ल्यूए, कालोनोलाइजर या कॉलोनी के पांच सदस्य मिलकर आवेदन कर सकते हैं। बाद में उनको अपनी सोसायटी रजिस्ट्रर करानी होगी। जबकि इससे पहले केवल आरडब्ल्यूए और कालोनाइजर को ही आवेदन का अधिकार था।

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खाली प्लॉटों पर विकास शुल्क 10 से घटाकर किया 8 प्रतिशत
अवैध कॉलोनियों के निवासियों को राहत देते हुए सरकार ने खाली प्लॉटों पर विकास शुल्क 10 से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही बने हुए मकानों पर विकास शुल्क पांच प्रतिशत रहेगा। यह शुल्क संबंधित क्षेत्र कृषि योग्य भूमि के कलेक्टर रेट पर देय होंगे। वाणिज्यिक घटक के लिए तीन गुना होंगी। इसके अलावा, इन कालोनियों में औद्योगिक इकाई, गोदाम, मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल और बैंक्वेट हॉल आदि के भूखंडों को लेआउट प्लान में ठीक से दिखाया जाएगा और इनको छूट से बाहर रखा जाएगा।

ये भी मिली छूट
पहले वैधता के लिए आवेदन करने के लिए शर्त थी कि कॉलोनी में बिके हुए प्लॉटों की रजिस्ट्री होनी चाहिए लेकिन अब सरकार ने राहत दी है कि या तो सेल डीड हो या फिर एक जुलाई 2022 से पहले का रजिस्ट्रड एग्रीमेंट वह भी मान्य होगा। इसके अलावा, पहले ए और बी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए शर्त थी कि उनकी अप्रोच रोड 6 मीटर की हो और अंतर की सड़कें 3 मीटर तक हों लेकिन अब सी श्रेणी की कालोनियों के लिए 6 मीटर की शर्त को हटा लिया है। वहीं, पहले कालोनी में 500 मीटर क्षेत्र में पार्क जरूरी था लेकिन अब कालोनाइजर का प्लॉट खाली है और बिना बिका हुआ है तो उसमें पार्क बनाया जा सकता है।

30 सितंबर तक वैध की जानी है कॉलोनियां
मुख्यमंत्री घोषणा कर चुके हैं कि अवैध कॉलोनियों को 30 सितंबर तक वैध किया जाएगा। प्रदेश में करीब 3500 से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें से 1400 से अधिक कॉलोनियों को वैध करने के लिए प्रस्ताव शहरी निकायों ने पास कर दिया है। इनमें से 740 कॉलोनियां नियमों पर खरी मिलीं। इनमें से पिछले माह ही मुख्यमंत्री ने निकाय क्षेत्र के अंदर आने वाली 190 कालोनियों को वैध करने को मंजूरी दी थी। शेष कॉलोनियों को भी वैध करने का काम चल रहा है।

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