फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   IIT Ropar researchers develop remote device to detect Covid-19 symptoms

आईआईटी रोपड़ ने विकसित किया इंफ्रारेड विजन सिस्टम, कोरोना के लक्षणों की ऐसे होगी पहचान

Fri, 24 Apr 2020 07:56 PM IST
ajay kumar पीटीआई, चंडीगढ़
पीटीआई, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 24 Apr 2020 07:56 PM IST
विज्ञापन
IIT Ropar researchers develop remote device to detect Covid-19 symptoms
आईआईटी रोपड़ ने विकसित किया उपकरण।

पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। इस महामारी से लड़ने के लिए नए-नए तरीके इजाद किए जा रहे हैं। दुनिया भर में इससे जुड़े शोध भी जारी हैं। कोरोना वायरस को मात देने में सबसे अहम हथियार संदिग्धों का पता लगाना और उससे जुड़े लोगों को ट्रेस करना है।

विज्ञापन


आईआईटी रोपड़ ने कोरोना वायरस के संदिग्धों को पता लगाने के लिए एक खास उपकरण को विकसित करने में कामयाबी हासिल की है। हालांकि इसका अभी क्लीनिकल ट्रायल बाकी है।  आईआईटी रोपड़ के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के लक्षणों की पहचान के लिए एक खास उपकरण विकसित किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक यह उपकरण रिमोट से नियंत्रित होता है। ये दूर से ही शरीर का तापमान मापकर कोविड-19 के लक्षणों को पहचान सकेगा। यह उपकरण हाथ में पकड़ने जाने वाले स्कैनर की एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
विज्ञापन


आईआईटी रोपड़ के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के असोसिएट प्रोफेसर रविबाबू मूलवीशला ने कहा कि यह अपने आप यह पता करने में सक्षम है कि व्यक्ति स्वस्थ्य है या फिर संदिग्ध। उपकरण बुखार और सर्दी को भी पकड़ने में सक्षम है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इंफ्रारेड विजन सिस्टम शरीर से निकलने वाले इंफ्रारेड विकरण को परखेगा और यह तय करेगा कि इंसान को बुखार है या नहीं। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसका इस्तेमाल रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट बस अड्डों, मॉल और सिनेमा घरों में किया जा सकता है। जो जांच प्रक्रिया के दौरान संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार साबित होगा। यह उपकरण शरीर के तापमान के आधार पर संदिग्ध का पता लगाने में सक्षम है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे करता है काम

आईआईटी रोपड़ के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित यह उपकरण हमारे चेहरे की इंफ्रारेड तस्वीर लेता है। बिना किसी वायर की मदद से इसे जांच मशीन तक भेजा जाता है। यहां दो सेंकड के अंदर मशीन अपने नतीजे तक पहुंच जाती है। जिससे यह पता लग जाता है कि संबंधित व्यक्ति स्वस्थ्य है या फिर संदिग्ध।

खुद फैसला लेने में सक्षम
कोरोना के खिलाफ जंग में यह उपकरण एक अहम हथियार साबित हो सकता है। शोधकर्ता के मुताबिक इंफ्रारेड विजन सिस्टम कम लागत वाला एक छोटा उपकरण है और यह सुरक्षित तरीके से बिना किसी इंसानी दखल के फैसले ले सकता है। उपकरण 160x120 पिक्सल रेजोल्यूशन के साथ तापमान की माप करता है। इस उपकरण का वजन 400 ग्राम से भी कम है। प्रोफेसर रविबाबू ने बताया कि यह क्लीनिकल ट्रायल के लिए तैयार है। इसके लिए आईआईटी रोपड़ ने उन्होंने चिकित्सा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed