राम रहीम से पूछताछ की तैयारी में थी SIT, पहले बिट्टू से पूछे जाने थे सवाल, हत्या के साथ कई राज दफन
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बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि डेरा प्रेमी महिंदरपाल सिंह बिट्टू की हत्या से जांच को झटका लगा है। कोटकपूरा गोलीकांड में एसआईटी की ओर से जल्द ही महिंदरपाल सिंह बिट्टू से पूछताछ करने की तैयारी की जा रही थी।
बरगाड़ी बेअदबी मामले के मुख्य आरोपी महिंदर पाल बिट्टू की दो दिन पहले शनिवार को नाभा जेल में दो कैदियों गुरसेवक सिंह और मनिंदर सिंह ने हत्या कर दी थी। बिट्टू को पंजाब पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से पिछले साल 8 जून को गिरफ्तार किया था।
आईजी कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि हाल ही में हरियाणा जेल के अधिकारियों से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें उन्होंने एसआईटी को रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख राम रहीम से पूछताछ की अनुमति दे दी थी।
उससे पूछताछ करने से पहले एसआईटी इसी सप्ताह नाभा जेल में बंद महिंदरपाल बिट्टू को जांच में शामिल करने का फैसला किया था, लेकिन इससे पहले ही उसकी हत्या हो गई।
एसआईटी को जांच में बिट्टू को शामिल करने से इन घटनाओं में तथाकथित डेरा के अनुयायियों के लिंक का सुराग मिलने की उम्मीद थी। जिसके आधार पर डेरा प्रमुख से सवाल पूछे जाने थे। आईजी ने कहा कि इस पहलू को बिट्टू की हत्या की जांच कर रही टीम के साथ भी साझा किया गया है।
उल्लेखनीय है कि आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में एसआईटी ने बीती 27 मई 2019 को कोटकपूरा गोलीकांड मामले में फरीदकोट अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी, जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि रोहतक जेल अधिकारियों के असहयोग के कारण उनकी टीम 2 अप्रैल 2019 को गुरमीत राम रहीम से पूछताछ नहीं कर सकी थी।
चार्जशीट में यह भी जानकारी दी गई थी कि रोहतक के डिप्टी कमिश्नर, जेल अधीक्षक समेत अन्य उच्च जेल अधिकारियों ने जानबूझकर कर डेरा प्रमुख से जांच करने संबंधी फरीदकोट अदालत की ओर से दिए आदेश की अवहेलना की गई थी।
जेल मंत्री बोले-हत्या से एसआईटी जांच होगी प्रभावित
नाभा जेल में डेरा प्रेमी महिंदर पाल सिंह बिट्टू की हत्या के बाद कई गैंगस्टरों द्वारा जिम्मेदारी लेने पर पंजाब के सहकारिता और जेल विभाग मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का कहना है कि कुछ लोग क्रेडिट लेने के चक्कर में है।
ऐसे लोगों को यह नहीं पता है कि इस कत्ल के साथ बेअदबी मामलों की तह तक पहुंचने के लिए जरूरी सबूत खत्म हो गए हो। बेअदबी मामले में बिट्टू मुख्य आरोपी था। उसकी हत्या से एसआईटी की जांच प्रभावित होगी।
रंधावा सोमवार को पंजाबी भवन में पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा मास्टर तारा सिंह के जन्म दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। रंधावा ने कहा कि तीन केंद्रीय जेल की सुरक्षा जल्द ही सीआरपीएफ को दी जा रही है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है।
दो दिन पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनके विभाग को 24 करोड़ की ग्रांट जारी की है। इसे जेलों के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर खर्च किया जाएगा। जेलों की सुरक्षा के लिए नई भर्ती की जाएगी। वही सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को आधुनिक हथियार मुहैया करवाए जाएंगे। उन्होंने मास्टर तारा सिंह की रचनाओं को किताबी रूप देने के लिए 5 लाख रुपये जारी किए। वही मास्टर तारा सिंह की प्रतिमा श्री गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी में लगाने का एलान किया।