आईजी कुंवर विजय प्रताप ने विरोधियों पर किया पलटवार, सोशल मीडिया को बनाया हथियार
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बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विरोधियों पर निशाना साधा है। आईजी ने कुछ दिन पहले ही कोटकपूरा गोलीकांड मामले में फरीदकोट अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी जिस पर उन्होंने अपने हस्ताक्षर की तारीख 23 मई लिखी थी।
इसके आधार पर शिअद ने राज्यसभा सांसद नरेश गुलजार के माध्यम से चुनाव आयोग के पास शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान आयोग ने उन्हें एसआईटी से दूर रखने के हिदायतें दी थी लेकिन इसके बावजूद वह एसआईटी का कार्य करते रहे।
विरोधियों की घेराबंदी का जबाव देते हुए शुक्रवार को आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने फेसबुक व टवीटर अकाउंट के माध्यम से एक पोस्ट शेयर करते हुए कोटकपूरा गोलीकांड की जांच से सम्बंधित कुछ पहलुओं को उजागर किया है।
इस पोस्ट में उनका दावा है कि उनके द्वारा तैयार चार्जशीट, अंतरराष्ट्रीय स्तर की है जिसमें किसी भी आरोपी के बच पाने की रत्ती भर की उम्मीद नहीं है। साथ ही उन्होंने लिखा है कि कोटकपूरा केस की चार्जशीट का दूसरा हिस्सा भी अदालत में दाखिल कर दिया है जिसमें आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने संबंधी पंजाब सरकार के गृह विभाग की मंजूरी भी शामिल की गई है।
यह बात कोई मायने नहीं रखती कि चार्जशीट 23 मई या 27 मई को तैयार की गई है। इस बात के जरूर खास मायने है कि चार्जशीट का मापडंद यूएसएस, यूके समेत फ्रांस व जर्मनी में होने वाले अहम केसों की पड़ताल के स्तर का है।
आईजी मामले में मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब
उधर केंद्रीय चुनाव आयोग ने शिअद के राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल की तरफ से एसआईटी सदस्य कुंवर विजय प्रताप सिंह के खिलाफ शिकायत के आधार पर राज्य के प्रमुख सचिव से रिपोर्ट तलब की है। शिअद का आरोप है कि अप्रैल माह में उनकी शिकायत पर आईजी को एसआईटी से हटा दिया गया था लेकिन इसके बावजूद वह कार्य करते रहे।