ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए मुसीबत, अब अगले साल आएगा नंबर
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कोरोना की वजह से अपनाए गए नए सिस्टम से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरएलए में मिलने वाली अप्वाइंटमेंट दो महीने बाद की मिल रही है। अगर किसी ने मंगलवार को लाइसेंस के लिए आवेदन किया है तो उसे 26 दिसंबर के बाद की ही अप्वाइंटमेंट मिलेगी। उसके लिए भी अभी विंडो खुली नहीं है, यानी उसे अगले साल का ही इंतजार करना होगा।
ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट देने की संख्या को कम करने की वजह से यह दिक्कत शुरू हुई है। पीजीआई में कार्यरत अनिल कुमार का कहना है कि उनके बेटे का जुलाई में लर्नर लाइसेंस बना। एक महीने बाद वह ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए योग्य हो गए लेकिन अब वह जब भी टेस्ट के लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट के लिए आवेदन कर रहे हैं तो उन्हें नहीं मिल रही।
उन्होंने कहा कि वह पिछले काफी समय से इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। कहा कि जनवरी महीने में लर्नर लाइसेंस समाप्त हो जाएगा, ऐसे में अगर उन्हें ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट नहीं मिली तो इसमें उनकी क्या गलती है। फिर से लर्नर लाइसेंस बनवाने के लिए भागना पड़ेगा और पैसा खर्च करना पड़ेगा।
आरएलए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट के लिए दो महीने का समय दे रहा है लेकिन ड्राइविंग टेस्ट के लिए दो महीने की सभी तिथियां बुक हैं। किसी एक दिन भी अप्वाइंमेंट नहीं मिल रही है और 26 दिसंबर के बाद के लिए अभी विंडो ही नहीं खुली है।
एक अन्य आवेदक सुनील यादव का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से जैसे ही लाइसेंस के लिए अप्वाइंटमेंट लेने की कोशिश करते हैं तो दिसंबर महीने से पहले अप्वाइंटमेंट नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि यह सब कुछ स्लॉट कम होने की वजह से ही हो रहा है।
कोरोना वायरस के कारण लोगों को जो दिक्कतें आ रही हैं, प्रशासन को उस तरफ भी ध्यान देना चाहिए। फिजिकल डिस्टेंस रखकर लोग अपना लाइसेंस बनवा रहे हैं। ऐसे में आरएलए को स्लॉट नहीं बढ़ाने की क्या परेशानी है।
जिनके पास ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट, आरएलए में सिर्फ उन्हें ही प्रवेश
कोरोना वायरस ने सेक्टर-17 के रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) के कार्य करने के तरीके को बदल दिया है। आरएलए में इन दिनों सिर्फ उन्हीं लोगों की एंट्री है, जिन्होंने ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट ली हो। इसके अलावा लोगों को एक-दूसरे से दूर-दूर रखने के लिए एंट्री और एग्जिट को अलग-अलग किया गया है।
अंदर दाखिल होने से पहले ही आरएलए ने दो कर्मचारी बैठाए हैं, जो विजिट की वजह पूछते हैं। अगर ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट ली हो, तभी एंट्री दी जाती है। आरएलए के अंदर कई काउंटर खोले गए हैं। लोगों की भीड़ को कम करने के लिए कुर्सियां हटा दी गई हैं, सिर्फ कुछ ही कुर्सियां रखी गई हैं।
पुलिस के कुछ कर्मचारी भी आरएलए के अंदर मौजूद रहते हैं, जो ज्यादा लोगों को एकत्रित होने पर उन्हें हिदायत देते हैं। आरएलए के एक अधिकारी ने बताया कि पहले एक दिन में करीब 800 लोग अपने विभिन्न कामों के लिए आते थे लेकिन कोरोना वायरस की वजह से सिस्टम में बदलाव कर सिर्फ 400 लोगों को ही मंजूरी दी जा रही है। इसमें से भी सभी को अलग-अलग समय अलॉट किया जा रहा है। लोगों की संख्या ज्यादा है, इसलिए वेटिंग लिस्ट लंबी हो रही है।
कोरोना वायरस की वजह से लोगों की संख्या को कम किया गया है। ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट की विंडो जो पहले दो महीने के लिए खुलती थी, उसे बढ़ा दिया गया है। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए फिलहाल अप्वाइंटमेंट की संख्या को नहीं बढ़ाया जाएगा। - विराट, आरएलए