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निगम सदन की बैठक में हंगामा, बबला बोले-ताला लाया हूं, निगम पर लगा दो, कमिश्नर का ये रहा जवाब
Sat, 01 Jun 2019 12:31 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 01 Jun 2019 12:31 PM IST
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सदन में ताला दिखाते बबला
- फोटो : अमर उजाला
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जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुई चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक में वित्तीय संकट को दूर करने के लिए पार्षदों ने एकजुट होकर दिल्ली फाइनेंस कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार बजट मिलने की बात कही।
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पार्षद अरुण सूद ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम को रेवेन्यू का 30 प्रतिशत हिस्सा मिलना चाहिए लेकिन प्रशासन उस बजट पर आपत्ति लगाकर भेज रहा है। सांसद किरण खेर, मेयर राजेश कालिया और कमिश्नर केके यादव प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर पूर्व में भेजे गए बजट को ही स्वीकृत कराएं।
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शुक्रवार को बैठक शुरू होते ही कांग्रेस व भाजपा के पार्षद आमने-सामने आ गए। देवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि निगम के पास रुपये नहीं हैं, जिस कारण ठेकेदारों का पेमेंट नहीं हो पा रहा। वहीं, पानी की समस्या पूरे शहर में गहरा गई है। प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर चुके लोगों को फिर से टैक्स भेजा जा रहा है। डॉग बाइट की समस्या बढ़ रही है और अधिकारियों के पास इसका कोई जवाब नहीं है इसलिए मैं साथ में ताला लेकर आया हूं, निगम को बंद कर दें।
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पूर्व मेयर देवेश मोदगिल ने कहा कि सदन में हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इस तरह की निराशावादी बातें करने का कोई मतलब नहीं। वर्ष 2018 में सांसद किरण खेर के प्रयासों से ही निगम को 132 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले थे। बहस तेज होते देख कमिश्नर ने कहा कि ज्यादातर ठेकेदरों का पेमेंट हो चुका है जो बजट प्रशासन को भेजा गया है, उसमें कुछ जानकारी मांगी गई है, जिसे पूरा कर दिया गया है।
जून में बजट आ जाएगा। सड़क, गांव के विकास, पेयजल से संबंधित कोई भी बजट प्रशासन ने नहीं रोका है। यहां तक कि सफाई करने वाली लॉयंस कंपनी का भी पेमेंट हो गया है। कुछ ठेकेदारों का पेमेंट रुका है लेकिन 10 करोड़ से ज्यादा नहीं है। इतना बजट निगम के पास है। इसके लिए ताला लगाने की जरूरत नहीं है।