हरियाणा: चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के निर्माण के लिए मिले 450 करोड़ रुपये, बाकी छह परियोजनाओं को मात्र हजार रुपये
91 किलोमीटर लंबी यमुनानगर-चंडीगढ़-नारायणगढ़ लाइन, 93 किलोमीटर लंबी हिसार-सिरसा-फतेहाबाद लाइन और 104 किलोमीटर लंबी मेरठ-पानीपत लाइन के लिए एक- एक हजार रुपये ही आवंटित किए गए हैं।
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केंद्र सरकार की सात रेल परियोजनाओं में चंडीगढ़ बद्दी रेल लाइन को भारी भरकम रकम अलॉट की गई है। जबकि अन्य छह परियोजनाओं को हजार- हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। यह परियोजनाएं हरियाणा की अहम परियोजनाएं हैं। उधर, हरियाणा सरकार के प्रवक्ता ने इस प्रक्रिया को रुटीन बताया है। रेल बजट के आंकड़ों को देखें तो 2022-23 के बजट में छह परियोजनाओं को मात्र एक-एक हजार रुपये मिले हैं, जबकि एक परियोजनाओं को एक रुपया भी नहीं मिला। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद कागजों में ही बरकरार है। औद्योगिक दृष्टि से अहम चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के लिए केंद्र सरकार ने बजट में 450 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। जिससे इसका काम जल्द शुरू होने की संभावना है।
104 किलोमीटर लंबी दिल्ली-सोहना-नूंह-फिरोजपुर झिरका-अलवर नई लाइन बिछाने के लिए मात्र एक हजार रुपये, 91 किलोमीटर लंबी यमुनानगर-चंडीगढ़-नारायणगढ़ लाइन, 93 किलोमीटर लंबी हिसार-सिरसा-फतेहाबाद लाइन और 104 किलोमीटर लंबी मेरठ-पानीपत लाइन के लिए एक- एक हजार रुपये ही आवंटित किए गए हैं। कालका रेलवे स्टेशन पर बड़ी लाइन के अतिरिक्त प्लेटफार्म वार्ड के ढांचे में बदलाव और बल्लभगढ़ वार्ड को बढ़ाने, बदलाव के लिए भी एक-एक हजार रुपये ही बजट में मिले हैं। अंबाला छावनी-दप्पर चरण एक व दप्पर-चंडीगढ़ तक 22 किलोमीटर आधारभूत ढांचे में होने वाले नवीनीकरण के लिए एक रुपया भी आवंटित नहीं किया गया है। इसके अलावा तीन करोड़ रुपये से अधिक की राशि तीन अन्य लाइन पर होने वाले कामों के लिए आवंटित की गई है।
इन परियोजनाओं को हुआ बजट आवंटन
81.26 किलोमीटर लंबी रेवाड़ी-रोहतक लाइन पर रोहतक-गोहाना-पानीपत स्टेशन को शिफ्ट करते हुए नई बाईपास लाइन बनाई जानी है। केंद्रीय बजट 2022-23 में इसे बनाने के लिए चार करोड़ रुपये दिए गए हैं। 88.9 किलोमीटर लंबी जींद-सोनीपत लाइन के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये मिले हैं। 68.8 किलोमीटर लंबी रोहतक-महम-हांसी लाइन के लिए 5 करोड़ का बजट मिला है। 71 किलोमीटर लंबी पानीपत रोहतक लाइन पर काम के लिए एक करोड़ रुपये, 3.5 किलोमीटर लंबी पलवल, भारे से न्यू पृथला पश्चिमी डीएफसी के बीच कनेक्टिविटी के लिए एक करोड़ और पानीपत सब्जी मंडी रेल लाइन पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग के लिए भी एक करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अस्थल बोहर-रेवाड़ी लाइन के दोहरीकरण के लिए 98 लाख रुपये मिले हैं।
यह टोकन राशि होती है: प्रवक्ता
हरियाणा सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि रेल बजट में साल के बीच में बजट हेड खोलना संभव नहीं होता है। इसलिए यह टोकन राशि अलॉट आवंटित की जाती है। जिससे यदि बीच में परियोजना के लिए पैसा देना हो तो कोई परेशानी न आए। कई बाद दस सा बीस रुपये से भी बजट हेड खोला जाता है। कई बार ऐसी परियोजनाएं होती हैं जिसमें शुरुआत में कोई प्रतिबद्धता नहीं होती है बाद में बजट चाहिए दे दिया जाता है। शुरुआत में अधिक बजट इसलिए नहीं दिया जाता कि बैंकों से ऋण लेकर रख लिया जाए और परियोजना में समय लगे तो ब्याज बढ़ता जाता है।