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नंबर प्लेट के लिए पहले दिन खाने पड़े धक्के
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 05 Apr 2014 08:19 PM IST
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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए लोगों को परेशान न होना पड़े। इसके लिए प्रशासन ने फेज-6 स्थित सॉयल कंजर्वेशन ऑफिस में चार नए काउंटर खोलने का फैसला लिया था। लेकिन प्रशासन की योजना को पहले ही दिन ही झटका लग गया।
संबंधित दफ्तर में तो प्रशासन की तरफ से न तो कोई काउंटर बनाया गया था। न ही वहां पर कोई अधिकारी नियुक्त किया था। दूसरी तरफ नंबर प्लेट लगवाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे। लेकिन कोई भी अधिकारी व मुलाजिम वहां पर न होने से लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। शुक्रवार सुबह ही लोग फेज-6 सॉयल कंजर्वेशन ऑफिस में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए सुबह जल्दी ही पहुंचना शुरू हो गए थे। लेकिन वहां पर ट्रांसपोर्ट ऑफिस से संबंधित कोई भी मुलाजिम व अधिकारी मौजूद नहीं था।
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लोगों ने काफी समय तक इंतजार किया। लेकिन जब कोई अधिकारी नहीं आया। तो लोगों ने सॉयल कंजर्वेशन ऑफिस के मुलाजिमों से इस बारे में पूछा। उनका जवाब था कि यहां कोई भी नहीं आया। न ही उन्हें पता है कि कोई आएगा भी। इसके बाद लोगों ने निराश होकर घर लौटना शुरू कर दिया।
क्या कहते हैं लोग
160 किलोमीटर गाड़ी चलाई, फिर मिली निराशा
जालंधर से आए दीपक जैन ने बताया कि वैसे जीरकपुर में काम करते हैं। लेकिन जालंधर गए हुए थे। नंबर प्लेट लगाने के लिए सुबह जल्दी निकले। 160 किलोमीटर गाड़ी चलाई लेकिन यहां आकर निराशा ही हाथ लगी।
फेज-11 निवासी गुरदीप सिंह ने बताया कि वह कई जरूरी कामों को छोड़कर सुबह ही यहां पहुंच गए थे। लेकिन इसके बाद भी निराशा ही हाथ लगी। फेज-1 निवासी बहादुर सिंह ने बताया कि प्रशासन के ढीले रवैये से आम लोगों को परेशानी हुई है।
स्नेटा निवासी बंत ने बताया कि वह स्कूटर पर नंबर लगवाने के लिए आए हुए थे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने पूरे इंतजाम नहीं किए थे। तो लोगों को गलत जानकारी क्यों दी।
क्या कहते हैं अधिकारी
जब इस संबंधी एडीसी पुनीत गोयल से बातचीत की गई। तो उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ काउंटर खोलने का फैसला हुआ था। काउंटर खोलने में में थोड़ा समय तो लगेगा। क्योंकि वहां पर कंप्यूटर से लेकर सारी चीजें लगनी हैं। सोमवार से काउंटरों पर काम शुरू हो जाएगा।
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संबंधित दफ्तर में तो प्रशासन की तरफ से न तो कोई काउंटर बनाया गया था। न ही वहां पर कोई अधिकारी नियुक्त किया था। दूसरी तरफ नंबर प्लेट लगवाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे। लेकिन कोई भी अधिकारी व मुलाजिम वहां पर न होने से लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
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इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। शुक्रवार सुबह ही लोग फेज-6 सॉयल कंजर्वेशन ऑफिस में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए सुबह जल्दी ही पहुंचना शुरू हो गए थे। लेकिन वहां पर ट्रांसपोर्ट ऑफिस से संबंधित कोई भी मुलाजिम व अधिकारी मौजूद नहीं था।
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लोगों ने काफी समय तक इंतजार किया। लेकिन जब कोई अधिकारी नहीं आया। तो लोगों ने सॉयल कंजर्वेशन ऑफिस के मुलाजिमों से इस बारे में पूछा। उनका जवाब था कि यहां कोई भी नहीं आया। न ही उन्हें पता है कि कोई आएगा भी। इसके बाद लोगों ने निराश होकर घर लौटना शुरू कर दिया।
क्या कहते हैं लोग
160 किलोमीटर गाड़ी चलाई, फिर मिली निराशा
जालंधर से आए दीपक जैन ने बताया कि वैसे जीरकपुर में काम करते हैं। लेकिन जालंधर गए हुए थे। नंबर प्लेट लगाने के लिए सुबह जल्दी निकले। 160 किलोमीटर गाड़ी चलाई लेकिन यहां आकर निराशा ही हाथ लगी।
फेज-11 निवासी गुरदीप सिंह ने बताया कि वह कई जरूरी कामों को छोड़कर सुबह ही यहां पहुंच गए थे। लेकिन इसके बाद भी निराशा ही हाथ लगी। फेज-1 निवासी बहादुर सिंह ने बताया कि प्रशासन के ढीले रवैये से आम लोगों को परेशानी हुई है।
स्नेटा निवासी बंत ने बताया कि वह स्कूटर पर नंबर लगवाने के लिए आए हुए थे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने पूरे इंतजाम नहीं किए थे। तो लोगों को गलत जानकारी क्यों दी।
क्या कहते हैं अधिकारी
जब इस संबंधी एडीसी पुनीत गोयल से बातचीत की गई। तो उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ काउंटर खोलने का फैसला हुआ था। काउंटर खोलने में में थोड़ा समय तो लगेगा। क्योंकि वहां पर कंप्यूटर से लेकर सारी चीजें लगनी हैं। सोमवार से काउंटरों पर काम शुरू हो जाएगा।