HSGMC: झींडा के रुख से बढ़े टकराव के आसार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह की ओर से बीते शनिवार को आए हुक्मनामे के बाद शिअद और एचएसजीएमसी ने अपनी-अपनी कॉन्फ्रेंस रद्द करके संकेत दिया था कि शायद विवाद का हल आपसी बातचीत से निकल आए। लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा दिखाई नहीं पड़ रहा।
जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बीते रविवार को नया हुक्मनामा जारी कर कहा है कि एचएसजीएसी की नव नियुक्त कार्यकारिणी हरियाणा के गुरुद्वारों के मौजूदा प्रबंध में कोई खलल न डालें। इस पर सोमवार को अमृतसर में एचएसजीएमसी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि नए हुक्मनामे पर कमेटी कार्यकारिणी की बैठक में विचार किया जाएगा। झींडा का बयान स्पष्ट कर रहा है कि विवाद का भविष्य काफी हद तक एचएसजीएमसी की कार्यकारिणी की बैठक में लिए जाने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा
श्री अकाल तख्त साहिब का नया हुक्मनामा
इस बारे में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के महासचिव हरचरन सिंह बैंस ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के नए हुक्मनामे पर एचएसजीएमसी के रवैये को लेकर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। जहां तक शिअद का सवाल है, अकाल तख्त साहिब का हुक्मनामा इसके लिए सर्वोच्च है।
वहां से कोई भी आदेश जारी होने पर शिअद उसे तत्काल मानता है, जैसा कि गत शनिवार को किया गया था। सभी तैयारियों के बावजूद हुक्मनामा आने पर विश्व पंथक कांफ्रेंस तत्काल रद्द कर दी गई।
आगे भी अकाल तख्त साहिब का जो आदेश होगा उसे हूबहू माना जाएगा। इस सबके बीच मामला एक बार फिर से उलझता हुआ दिखाई पड़ रहा है। इसका कारण यह है कि शिअद ने एचएसजीएमसी के खिलाफ अपने मोर्चे के कार्यक्रम को छोड़ा नहीं है, बल्कि अकाल तख्त साहिब के अगले आदेश तक स्थगित किया है।