किताब ने खोले राज, कैसे करोड़पति बना संन्यासी?
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हिमाचल प्रदेश में सोलन जिले के एक युवा संन्यासी ओम स्वामी कैसे करोड़ों का मालिक बन गया, इसका खुलासा एक किताब में हुआ है। इस किताब का प्रकाशन हार्पर एलीमेंट ने किया है। यह ओम स्वामी के आध्यात्मिक जीवन यात्रा की कथा है।
ओम स्वामी की आत्मकथा ‘इफ ट्रुथ बी टोल्ड’ का चंडीगढ़ प्रेस क्लब में लोकार्पण किया गया। इस किताब का प्रकाशन हार्पर एलीमेंट ने किया है।
यह ओम स्वामी के आध्यात्मिक जीवन यात्रा की कथा है। जिसमें उन्होंने अपने संन्यासी बनने और करोड़पति बनने की जानकारी दी है। अंग्रेजी भाषा की इस पुस्तक में करीब 260 पृष्ठ हैं और इसका मूल्य 499 रुपये है।
छब्बीस साल में करोड़पति बन गए
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ओम स्वामी ने बताया कि बचपन से ही उनको ज्योतिष और ध्यान में रुचि थी। आठ वर्ष की अवस्था में उनको सपने दिखाई दिए।
अठारह साल के हुए तो मैनेजमेंट की स्टडी के लिए ऑस्ट्रेलिया गए। एमबीए करने के दो वर्ष बाद उनकी आय ढाई लाख डॉलर सालाना हो गई। वह छब्बीस साल में करोड़पति बन गए। उन्होंने कहा कि वह काफी भटके लेकिन जब सत्य सामने आया तो पता चला कि जिसकी तलाश थी वह तो वहीं हैं।
ओम स्वामी ने बताया कि प्रवचन देने भर से कोई संन्यासी नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि उनके ब्लॉग ‘ओमस्वामी डॉट कॉम’ से लाखों लोग जुड़े हैं। वह प्रति सप्ताह अपना ब्लॉग लिखते हैं, जिसे प्रति वर्ष लाखों लोग पढ़ते हैं।