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कैसे जीती कोरोना से जंग.. जानिए सुभाष चावला की जुबानी
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चंडीगढ़। 26 मार्च को जब घर लौटा तो ऐसा लगा कि चक्कर आ रहे हैं। सीने में थोड़ी चुभन और कुछ रेंगने का अहसास हुआ। बुखार चेक किया तो 100 निकला। बिना देरी किए अपने डॉक्टर मित्र को फोन किया तो उन्होंने जांच की सलाह दी। जांच करवाने के अगले दिन पता चला कि कोरोना संक्रमित हो गया हूं। इसके बाद बिना देरी किए चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चला गया। अखबारों खबर पढ़ने से जागरूक हो चुका था कि लक्षण दिखने के बाद तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। लोग यहीं पर गलती करते हैं। लक्षण का पता चलने के बाद भी डॉक्टरों के पास नहीं जाते। गंभीर होने के बाद अस्पताल पहुंचते हैं। यही कारण है कि लोगों की मौत हो रही है। यहां सावधानी बरतने की जरूरी है। दो दिन वहां दाखिल रहा, लेकिन मुझे अहसास हुआ कि यहां उतनी सुविधाएं नहीं हैं, जितनी जरूरत पड़ सकती है। जब कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसका शरीर उसे सूचना देता है कि उसे क्या करना चाहिए।
मैंने अपने दिल की आवाज सुनी और मोहाली के एक निजी अस्पताल में चला गया। हालांकि, मैं चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल में दाखिल हो सकता था। यहां सुविधाएं बहुत बेहतर हैं, लेकिन यहां पर मरीजों की भीड़ ज्यादा थी। मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से किसी दूसरे जरूरतमंद को बेड या सुविधाएं न मिलें। मोहाली के अस्पताल में भी कुछ खामियां थीं, लेकिन डॉक्टरों ने बहुत ही पेशेवर तरीके से इलाज किया।
परिवार व दोस्त जब हालचाल पूछते तो ऊर्जा मिलती थी
जब मैं मोहाली में दाखिल था तो एक दिन मेरे सामने मौत का भयानक मंजर आया। जिस वार्ड में दाखिल था, वहां पर एक-एक करके तीन लोगों की मौत हो गई। ऐसा लगा कि कहीं चौथा नंबर मेरा तो नहीं है, लेकिन इस कमजोर पल में मेरे साथ परिवार, दोस्त, राजनीतिक दलों के साथी खड़े रहे। लोगों के खूब मैसेज आते थे। वह जल्दी ठीक होने की कामना करते थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू, मेयर रविकांत शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद, हरमोहन धवन के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ता फोन कर हालचाल पूछते रहे।
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जो मैंने गलती की वो आप न करें
कोरोना मेरी लापरवाही से हुआ। कोरोना टीके की एक खुराक लगवाने के बाद मैं बेफिक्र हो गया। लगातार मीटिंग करता रहा। मास्क भी नीचे आ गया। इससे कोविड की चपेट में आ गया। मेरी लोगों से हाथ जोड़कर विनती है कि जो मैंने गलतियां कीं वह आप न करें। कोरोना की वजह से जो मेरे शरीर ने मुसीबतें झेली हैं वह मैं ही जानता हूं। मेरा 12 किलो वजन कम हो गया। अभी काफी कमजोरी हूं। जितनी ऑक्सीजन होनी चाहिए उतनी मैं नहीं ले पा रहा। डॉक्टर का कहना है कि धीरे-धीरे कमजोरी दूर होगी। पेट को कभी भी खाली न रखें। हर एक घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें। डॉक्टरों का कहना है कि खाली पेट में गैस बनती है, इससे इम्युनिटी कम होती है। खाने में खिचड़ी, दही, उबले चने, उबली सब्जियां व छाछ ले रहा हूं। लोगों में एक भ्रम यह भी है कि जिसे एक बार कोरोना हो जाता है तो उसे दोबारा नहीं हो सकता। ऐसा बिल्कुल नहीं है। एक बार संक्रमित होने के बाद भी दोबारा हो सकता है। दोबारा स्थिति भयानक हो सकती है। इसलिए कोरोना बचाव के लिए नियमों का पालन जरूर करें।
-सुभाष चावला, पूर्व मेयर व प्रदेश अध्यक्ष चंडीगढ़ कांग्रेस
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मैंने अपने दिल की आवाज सुनी और मोहाली के एक निजी अस्पताल में चला गया। हालांकि, मैं चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल में दाखिल हो सकता था। यहां सुविधाएं बहुत बेहतर हैं, लेकिन यहां पर मरीजों की भीड़ ज्यादा थी। मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से किसी दूसरे जरूरतमंद को बेड या सुविधाएं न मिलें। मोहाली के अस्पताल में भी कुछ खामियां थीं, लेकिन डॉक्टरों ने बहुत ही पेशेवर तरीके से इलाज किया।
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परिवार व दोस्त जब हालचाल पूछते तो ऊर्जा मिलती थी
जब मैं मोहाली में दाखिल था तो एक दिन मेरे सामने मौत का भयानक मंजर आया। जिस वार्ड में दाखिल था, वहां पर एक-एक करके तीन लोगों की मौत हो गई। ऐसा लगा कि कहीं चौथा नंबर मेरा तो नहीं है, लेकिन इस कमजोर पल में मेरे साथ परिवार, दोस्त, राजनीतिक दलों के साथी खड़े रहे। लोगों के खूब मैसेज आते थे। वह जल्दी ठीक होने की कामना करते थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू, मेयर रविकांत शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद, हरमोहन धवन के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ता फोन कर हालचाल पूछते रहे।
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जो मैंने गलती की वो आप न करें
कोरोना मेरी लापरवाही से हुआ। कोरोना टीके की एक खुराक लगवाने के बाद मैं बेफिक्र हो गया। लगातार मीटिंग करता रहा। मास्क भी नीचे आ गया। इससे कोविड की चपेट में आ गया। मेरी लोगों से हाथ जोड़कर विनती है कि जो मैंने गलतियां कीं वह आप न करें। कोरोना की वजह से जो मेरे शरीर ने मुसीबतें झेली हैं वह मैं ही जानता हूं। मेरा 12 किलो वजन कम हो गया। अभी काफी कमजोरी हूं। जितनी ऑक्सीजन होनी चाहिए उतनी मैं नहीं ले पा रहा। डॉक्टर का कहना है कि धीरे-धीरे कमजोरी दूर होगी। पेट को कभी भी खाली न रखें। हर एक घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें। डॉक्टरों का कहना है कि खाली पेट में गैस बनती है, इससे इम्युनिटी कम होती है। खाने में खिचड़ी, दही, उबले चने, उबली सब्जियां व छाछ ले रहा हूं। लोगों में एक भ्रम यह भी है कि जिसे एक बार कोरोना हो जाता है तो उसे दोबारा नहीं हो सकता। ऐसा बिल्कुल नहीं है। एक बार संक्रमित होने के बाद भी दोबारा हो सकता है। दोबारा स्थिति भयानक हो सकती है। इसलिए कोरोना बचाव के लिए नियमों का पालन जरूर करें।
-सुभाष चावला, पूर्व मेयर व प्रदेश अध्यक्ष चंडीगढ़ कांग्रेस